{"_id":"5a944c9b4f1c1b78028b6ae0","slug":"101519668379-fatehpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सब्जी, मसाला की खेती से बढ़ेगी आमदनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सब्जी, मसाला की खेती से बढ़ेगी आमदनी
Updated Mon, 26 Feb 2018 11:36 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। कृषि विज्ञान केंद्र थरियांव में सोमवार को औद्यानिक खेती में तकनीकी समावेश विषय पर सेमिनार का समापन हो गया। इसमें किसानों को एक साथ दो फसलें उगाने का तरीका समझाया गया। खाद, पानी की बचत के भी टिप्स दिए। जैविक खाद बनाने की भी जानकारी दी। सीडीओ एसपी आनंद ने सब्जी व मसाला की खेती में अच्छा उत्पादन करने वाले किसानों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया।
जिला उद्यान अधिकारी एके श्रीवास्तव ने कहा कि सब्जी और मसाला की खेती से किसान अपनी आय हमेशा बरकरार रख सकता है। उद्यान विभाग से किसानों को मिर्च, पत्ता गोभी, टमाटर, केला, लहसुन, प्याज के बीज में अनुदान दिया जाता है। किसान अपने खेत के अलग-अलग हिस्से में सभी फसलों की बुआई करें। टमाटर की फसल जब तैयार हो जाती है, तो हर दूसरे, तीसरे दिन बिक्री की जाती है।
योजना प्रभारी वीके सिंह ने कहा कि पालक, धनिया, मिर्च की फसल बिना मिट्टी के तैयार की जा सकती है। इसको पानी, पोषक तत्व और धूप की जरूरत होती है। कम क्षेत्रफल में लकड़ी और पाइप का स्ट्रक्चर बनाकर फसल तैयार की जा सकती है। सिंचाई करने के लिए पानी भी बहुत कम लगेगा।
विज्ञापन
फैजाबाद कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक डॉ. विक्रमादित्य पांडेय ने कहा कि बगीचा में हल्दी, अदरक की खेती किसान कर सकते हैं। इससे एक खेत में दो फसलों के उत्पादन का लाभ मिलेगा। सब्जी और मसाला की खेती से ही किसानों की आय बढ़ेगी।
कृषि विज्ञान केंद्र प्रभारी डॉ. आरके सिंह ने कहा कि टमाटर की खेती करने वाले किसान लाइन से पौधों की बुआई कर दें। फिर लकड़ी का स्ट्रक्चर बना दें। इसके सपोर्ट से पौधे ऊपर आ जाएंगे। इससे बारिश के दिनों में पौधे खराब नहीं होंगे। फसल में उत्पादन अच्छा होगा।
कौशांबी के कृषि वैज्ञानिक डॉ. जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि केला की बलुई मिट्टी में अच्छी फसल होगी। उद्यान विभाग के कार्य प्रभारी शब्बीर हुसैन ने कहा कि फसलों की बुआई व सिंचाई के बाद किसान जैविक खाद का छिड़काव करें। खेत की मिट्टी का स्वास्थ्य सही रहेगा। फसलों में रोग लगने के आसार कम रहेंगे।
इस मौके पर वैज्ञानिक डॉ. देवेंद्र स्वरूप, डॉ. संजीव कुमार शर्मा, डॉ. साधना वैश्य, केपी सिंह, इरशाद हुसैन, धर्मेंद्र सिंह, शशिभूषण ओझा मौजूद रहे।
ये किसान हृुए सम्मानित
फल (बेर) में अजीमुद्दीन, सब्जी में चंद्रशेखर, हल्दी में आलोक व सत्य प्रकाश तिवारी, सतावर में राजेश, पपीता में वीरेंद्र कुमार सिंह, टमाटर में नैपाल सिंह, लहसुन में गोवर्धन, धनिया पाउडर में जय प्रकाश व भगवती प्रसाद, नीबू में गयासउद्दीन, आलू में भगौती, अदरक में नितिन और सेम की फसल में परीक्षित कुमार को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
विज्ञापन
फतेहपुर। कृषि विज्ञान केंद्र थरियांव में सोमवार को औद्यानिक खेती में तकनीकी समावेश विषय पर सेमिनार का समापन हो गया। इसमें किसानों को एक साथ दो फसलें उगाने का तरीका समझाया गया। खाद, पानी की बचत के भी टिप्स दिए। जैविक खाद बनाने की भी जानकारी दी। सीडीओ एसपी आनंद ने सब्जी व मसाला की खेती में अच्छा उत्पादन करने वाले किसानों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया।
जिला उद्यान अधिकारी एके श्रीवास्तव ने कहा कि सब्जी और मसाला की खेती से किसान अपनी आय हमेशा बरकरार रख सकता है। उद्यान विभाग से किसानों को मिर्च, पत्ता गोभी, टमाटर, केला, लहसुन, प्याज के बीज में अनुदान दिया जाता है। किसान अपने खेत के अलग-अलग हिस्से में सभी फसलों की बुआई करें। टमाटर की फसल जब तैयार हो जाती है, तो हर दूसरे, तीसरे दिन बिक्री की जाती है।
विज्ञापन
योजना प्रभारी वीके सिंह ने कहा कि पालक, धनिया, मिर्च की फसल बिना मिट्टी के तैयार की जा सकती है। इसको पानी, पोषक तत्व और धूप की जरूरत होती है। कम क्षेत्रफल में लकड़ी और पाइप का स्ट्रक्चर बनाकर फसल तैयार की जा सकती है। सिंचाई करने के लिए पानी भी बहुत कम लगेगा।
विज्ञापन
फैजाबाद कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक डॉ. विक्रमादित्य पांडेय ने कहा कि बगीचा में हल्दी, अदरक की खेती किसान कर सकते हैं। इससे एक खेत में दो फसलों के उत्पादन का लाभ मिलेगा। सब्जी और मसाला की खेती से ही किसानों की आय बढ़ेगी।
कृषि विज्ञान केंद्र प्रभारी डॉ. आरके सिंह ने कहा कि टमाटर की खेती करने वाले किसान लाइन से पौधों की बुआई कर दें। फिर लकड़ी का स्ट्रक्चर बना दें। इसके सपोर्ट से पौधे ऊपर आ जाएंगे। इससे बारिश के दिनों में पौधे खराब नहीं होंगे। फसल में उत्पादन अच्छा होगा।
कौशांबी के कृषि वैज्ञानिक डॉ. जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि केला की बलुई मिट्टी में अच्छी फसल होगी। उद्यान विभाग के कार्य प्रभारी शब्बीर हुसैन ने कहा कि फसलों की बुआई व सिंचाई के बाद किसान जैविक खाद का छिड़काव करें। खेत की मिट्टी का स्वास्थ्य सही रहेगा। फसलों में रोग लगने के आसार कम रहेंगे।
इस मौके पर वैज्ञानिक डॉ. देवेंद्र स्वरूप, डॉ. संजीव कुमार शर्मा, डॉ. साधना वैश्य, केपी सिंह, इरशाद हुसैन, धर्मेंद्र सिंह, शशिभूषण ओझा मौजूद रहे।
ये किसान हृुए सम्मानित
फल (बेर) में अजीमुद्दीन, सब्जी में चंद्रशेखर, हल्दी में आलोक व सत्य प्रकाश तिवारी, सतावर में राजेश, पपीता में वीरेंद्र कुमार सिंह, टमाटर में नैपाल सिंह, लहसुन में गोवर्धन, धनिया पाउडर में जय प्रकाश व भगवती प्रसाद, नीबू में गयासउद्दीन, आलू में भगौती, अदरक में नितिन और सेम की फसल में परीक्षित कुमार को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।