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Fatehpur News: हेलमेट लगाकर बाइक चलाई होती तो बच जाती 100 लोगों की जान
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हरदोई। जनपद में सड़कों पर आए दिन हादसे हो रहे हैं। इनमें किसी न किसी की जान जा रही हैं। ज्यादातर मौतें ऐसे बाइक सवारों की हो रही है, जो लोग हेलमेट नहीं लगाए हुए थे। हालांकि इसी तरह से पूरे जनपद में सड़क हादसों का आंकड़ा देखा जाए तो कुल करीब 100 बाइक सवारों की मौत एक वर्ष में हुई है। चिकित्सकों का कहना है कि बाइक चलाने वाले ज्यादातर लोगों के सिर पर चोट आने से मौत हुई है।
ट्रैफिक विभाग के आंकड़ों पर नजर डाले तो मार्च 2022 से एक अप्रैल 2024 तक सड़क हादसों में हेलमेट नहीं लगाने की वजह से एक सौ से अधिक बाइक सवार काल के गाल में समा गए। लोगों को सड़क हादसे से बचाने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाता है। उन्हें हेलमेट और सीट बेल्ट लगाने के फायदे बताए जाते हैं। उस समय तो नियमों का पालन करने और हेलमेट लगाने की बात कहते हैं, लेकिन वाहन चलाते समय हेलमेट लगने से बचते हैं। पुलिस कुछ माह में हेलमेट लगाने के लिए जुर्माने की कार्रवाई भी करती है, लेकिन दोपहिया चालकों पर इसका असर नहीं दिख रहा है। हर दिन बिना हेलमेट के दर्जनों लोग सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं।
सड़क हादसों को रोकने के लिए अभियान चलाकर लोगों को जागरुकता का पाठ पढ़ाया जा रहा है। जिससे सड़क हादसों में गिरावट लाई जा सके। हालांकि पिछले सालों की अपेक्षा सड़क हादसों में काफी गिरावट भी आई है।
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अनिल कुमार सिंह, ट्रैफिक निरीक्षक
क्या कहते हैं चिकित्सक
यदि हादसे में किसी के सिर पर चोट लगी होती है तो उसे बचाना संभव नहीं होता है, क्योंकि सिर पर लगने वाली इंसान के दिमाग पर इसका सीधा प्रभाव पड़ता है। ऐसे में इसे बचना काफी कठिन रहता है। उनका कहना है कि बाइक चलाने वाले ज्यादातर लोगों के सिर पर ही चोट लगती है। इसलिए बाइक चलाते समय यदि चालक हेलमेट लगा लें तो जान बच सकती है।
- ईएमओ जिला अस्पातल, डॉ. शेर सिंह
हमजापुर से खिरौली तक फैला मातम
सड़क हादसे में फुफेरे भाइयों की मौत से हमजापुर से लेकर खिरौली गांव तक मातम पसर गया। हादसे से परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। लोगों का कहना है कि काश लगाए होते हैं हेलमेट तो शायद जान बच जाती।
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ट्रैफिक विभाग के आंकड़ों पर नजर डाले तो मार्च 2022 से एक अप्रैल 2024 तक सड़क हादसों में हेलमेट नहीं लगाने की वजह से एक सौ से अधिक बाइक सवार काल के गाल में समा गए। लोगों को सड़क हादसे से बचाने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाता है। उन्हें हेलमेट और सीट बेल्ट लगाने के फायदे बताए जाते हैं। उस समय तो नियमों का पालन करने और हेलमेट लगाने की बात कहते हैं, लेकिन वाहन चलाते समय हेलमेट लगने से बचते हैं। पुलिस कुछ माह में हेलमेट लगाने के लिए जुर्माने की कार्रवाई भी करती है, लेकिन दोपहिया चालकों पर इसका असर नहीं दिख रहा है। हर दिन बिना हेलमेट के दर्जनों लोग सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं।
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सड़क हादसों को रोकने के लिए अभियान चलाकर लोगों को जागरुकता का पाठ पढ़ाया जा रहा है। जिससे सड़क हादसों में गिरावट लाई जा सके। हालांकि पिछले सालों की अपेक्षा सड़क हादसों में काफी गिरावट भी आई है।
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अनिल कुमार सिंह, ट्रैफिक निरीक्षक
क्या कहते हैं चिकित्सक
यदि हादसे में किसी के सिर पर चोट लगी होती है तो उसे बचाना संभव नहीं होता है, क्योंकि सिर पर लगने वाली इंसान के दिमाग पर इसका सीधा प्रभाव पड़ता है। ऐसे में इसे बचना काफी कठिन रहता है। उनका कहना है कि बाइक चलाने वाले ज्यादातर लोगों के सिर पर ही चोट लगती है। इसलिए बाइक चलाते समय यदि चालक हेलमेट लगा लें तो जान बच सकती है।
- ईएमओ जिला अस्पातल, डॉ. शेर सिंह
हमजापुर से खिरौली तक फैला मातम
सड़क हादसे में फुफेरे भाइयों की मौत से हमजापुर से लेकर खिरौली गांव तक मातम पसर गया। हादसे से परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। लोगों का कहना है कि काश लगाए होते हैं हेलमेट तो शायद जान बच जाती।