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जाकिर हुसैन ट्रस्ट की जांच सीबीआई को: थावरचंद्र
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
Updated Mon, 12 Jan 2015 11:39 PM IST
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डा. जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट की ओर से विकलांगाें को उपकरण वितरण में
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किए गए घोटाले के आरोपाें की जांच सीबीआई को सुपुर्द की गई है। सामाजिक
न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने आगे की गतिविधियाें के लिए बजट देने पर रोक
लगा दी है। यह कहना है महकमे के केंद्रीय मंत्री थावर चंद्र गेहलोत का।
केंद्रीय मंत्री गेहलोत ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि डा. जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट की जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। दोषी मिले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। इससे पहले शिविर को संबोधित करते हुए थावर चंद्र गेहलोत ने कहा कि ट्रस्ट को 71 लाख रु पया विकलांगाें को उपकरण वितरित करने के लिए दिया गया था। पूर्व मंत्री सलमान खुर्शीद के परिवारी इसे चला रहे हैं।
इस पैसे का सदुपयोग नहीं हुआ। पैसा फ र्जीवाड़ा में चला गया। ट्रस्ट की पत्रावली देखी है। डीएम व यूपी सरकार की ओर से जारी पत्र फर्जी है। इस पर से तारीख व क्रमांक गायब था। यूपी सरकार ने ऐसा कोई भी पत्र जारी करने से मना किया है। इस पर हुए हस्ताक्षर भी फ र्जी थे। 19 जिलाें में घपला हुआ। आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा 2012 से जांच कर रही है। दिसंबर 2014 तक रिपोर्ट देने के लिए कहा गया लेकिन रिपोर्ट नहीं मिली। अब जांच सीबीआई के सुपुर्द की गई है।
केंद्रीय मंत्री गेहलोत ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि डा. जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट की जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। दोषी मिले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। इससे पहले शिविर को संबोधित करते हुए थावर चंद्र गेहलोत ने कहा कि ट्रस्ट को 71 लाख रु पया विकलांगाें को उपकरण वितरित करने के लिए दिया गया था। पूर्व मंत्री सलमान खुर्शीद के परिवारी इसे चला रहे हैं।
इस पैसे का सदुपयोग नहीं हुआ। पैसा फ र्जीवाड़ा में चला गया। ट्रस्ट की पत्रावली देखी है। डीएम व यूपी सरकार की ओर से जारी पत्र फर्जी है। इस पर से तारीख व क्रमांक गायब था। यूपी सरकार ने ऐसा कोई भी पत्र जारी करने से मना किया है। इस पर हुए हस्ताक्षर भी फ र्जी थे। 19 जिलाें में घपला हुआ। आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा 2012 से जांच कर रही है। दिसंबर 2014 तक रिपोर्ट देने के लिए कहा गया लेकिन रिपोर्ट नहीं मिली। अब जांच सीबीआई के सुपुर्द की गई है।