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मिल चालू होने से मिलेगा रोजगार
ब्यूरो/अमर उजाला,फर्रुखाबाद
Updated Thu, 18 Feb 2016 11:46 PM IST
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फर्रुखाबाद। कंपिल कताई चालू होने से क्षेत्र के लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। वहीं, वीआरएस लेने वाले श्रमिकों को सेवा विस्तार का मौका नहीं मिलेगा। मिल को अब प्राइवेट सेक्टरों के माध्यम से चलाया जाएगा।
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सहकारिता विभाग के प्रदेश भर में चल रहे 11 कताई मिलों में से इटावा की मिल बेची जा चुकी है। सीतापुर कताई मिल की मशीनें बेची जा चुकी हैं। कंपिल कताई मिल, संत कबीरनगर, बिजनौर, नगीना, महमूदापुर, बहादुरगंज, बहेड़ी, जेपी नगर और मऊ अहिमा समेत नौ कताई मिल नए सिरे से चालू करने के लिए कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।
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इस संबंध में कंपिल कताई मिल के महाप्रबंधक एनके मिश्र का कहना है कि यह कताई मिल बंद होने के बाद तकरीबन 900 कर्मचारियों को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति दे दी गई और उन्हें इसके एवज में देयकों का भुगतान भी कर दिया गया। कंपिल कताई मिल को शुरू करने के लिए निजी कंपनियों को तलाश किया जा रहा है। टेंडर के माध्यम से मिल प्राइवेट तौर पर चालू किया जाएगा।
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उनका कहना है कि यदि मिल चालू हो जाती है तो इस क्षेत्र के बेरोजगारों को रोजगार तो मिलेगा लेकिन जो कर्मचारी वीआरएस ले चुके हैं। उन्हें इसके चालू होने का कोई लाभ नहीं मिल सकेगा। इस मिल के चालू होने में काफी समय लग जाएगा। पहले देनदारी को निपटाया जाएगा और इसके बाद मिल चालू करने पर विचार किया जाएगा।
महाप्रबंधक ने बताया कि जो श्रमिक ओवरएज नहीं हुए हैं और जिन्होंने वीआरएस नहीं लिया है तथा जिनकी भूमि कंपिल कताई मिल ने अधिग्रहण की है। उन्हें रोजगार दिलाने के लिए निजी कंपनियों से सिफारिश की जाएगी।