{"_id":"678e9027b8460093ff005ea3","slug":"weather-changed-729-patients-came-to-district-hospital-in-one-day-farrukhabad-news-c-22-1-sknp1018-105157-2025-01-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Farrukhabad News: बदला मौसम, जिला अस्पताल में एक दिन में आए 729 मरीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Farrukhabad News: बदला मौसम, जिला अस्पताल में एक दिन में आए 729 मरीज
Mon, 20 Jan 2025 11:34 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Mon, 20 Jan 2025 11:34 PM IST
विज्ञापन
लोहिया अस्पताल की ओपीडी में पर्चा काउंटर पर लगी मरीजों की भीड़।
- फोटो : संवाद
फर्रुखाबाद। कई दिन से घना कोहरा, बादल से सोमवार को निजात मिली। भोर से ही चटख धूप खिल गई। जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की बेशुमार भीड़ रही। पंजीकरण, पर्चा काउंटर व डॉक्टरों के कमरे के बाहर धक्का-मुक्की होती रही। सबसे अधिक खांसी जुकाम से पीड़ित मरीजों की संख्या रही। ओपीडी में कुल 729 मरीज पहुंचे।
कई दिन से दोपहर तक आसमान घने बादलों और कोहरा से घिरे रहने से लोगों की बाहर निकलने की हिम्मत नहीं हो रही थी। कड़ाके की सर्दी के चलते लोग खांसी जुकाम, बुखार, उल्टी-दस्त से पीड़ित होने लगे। सोमवार सुबह से ही आसमान साफ हो गया। चटख धूप खिलते ही बीमार लोग सुबह से ही जिला अस्पताल पहुंच गए।
पुरुष व महिला पंजीकरण, पर्चा काउंटरों पर लंबी कतारें लग गईं। कुछ लोग पहले पर्चा बनाने के चक्कर में आगे लगने लगे, तो धक्का मुक्की हो गई। मौजूद गार्ड और अस्पताल कर्मियों ने कड़ाई से लाइनों में ही काम करवाने की हिदायत दी।
विज्ञापन
आर्थो सर्जन डॉ. नीरज वर्मा दिव्यांग कैंप में गए थे। दूसरे आर्थो सर्जन डॉ. रिषिकांत वर्मा सुबह सवा 11 बजे कमरे से नदारद थे। एक कर्मचारी ने बताया कि वह वार्ड में मरीज को देखने गए हैं। चेस्ट फिजीशियन डॉ़. ध्रुवराज और सर्जन मेजर डॉ. रोहित तिवारी बैठे थे, मगर मरीजों की लंबी कतारें लगी थीं।
-- -- -- -- -
खांसी-जुकाम होते ही सरकारी अस्पताल में शुरू कराएं इलाज
चेस्ट फिजीशियन डॉ. ध्रुवराज सिंह ने बताया कि अधिक सर्दी होने पर दमा रोगियों को सबसे अधिक दिक्कत होती है। ठंड लगने के बाद सीने में सबसे पहले जकड़न हो जाती है। ऐसे में सर्दी से बचाव पहला उपाय है। ठंडी चीजों का प्रयोग न करें। गुनगुना पानी पीना फायदेमंद है। शीघ्र ही सरकारी अस्पताल में जांच करवाकर दवाई लें।
-- -- -- -- -- --
सर्दी में होने वाली सभी बीमारियों की दवाएं भरपूर हैं। सोमवार को मरीजों की संख्या अच्छी रही। वह खुद राउंड पर रहकर व्यवस्था देखते रहे। बुजुर्गों को बिना पंजीकरण कराए पर्चा बनवाने की सेवा दी जा रही है। - डॉ. अशोक प्रियदर्शी, सीएमएस, लोहिया जिला पुरुष अस्पताल
विज्ञापन
कई दिन से दोपहर तक आसमान घने बादलों और कोहरा से घिरे रहने से लोगों की बाहर निकलने की हिम्मत नहीं हो रही थी। कड़ाके की सर्दी के चलते लोग खांसी जुकाम, बुखार, उल्टी-दस्त से पीड़ित होने लगे। सोमवार सुबह से ही आसमान साफ हो गया। चटख धूप खिलते ही बीमार लोग सुबह से ही जिला अस्पताल पहुंच गए।
विज्ञापन
पुरुष व महिला पंजीकरण, पर्चा काउंटरों पर लंबी कतारें लग गईं। कुछ लोग पहले पर्चा बनाने के चक्कर में आगे लगने लगे, तो धक्का मुक्की हो गई। मौजूद गार्ड और अस्पताल कर्मियों ने कड़ाई से लाइनों में ही काम करवाने की हिदायत दी।
विज्ञापन
आर्थो सर्जन डॉ. नीरज वर्मा दिव्यांग कैंप में गए थे। दूसरे आर्थो सर्जन डॉ. रिषिकांत वर्मा सुबह सवा 11 बजे कमरे से नदारद थे। एक कर्मचारी ने बताया कि वह वार्ड में मरीज को देखने गए हैं। चेस्ट फिजीशियन डॉ़. ध्रुवराज और सर्जन मेजर डॉ. रोहित तिवारी बैठे थे, मगर मरीजों की लंबी कतारें लगी थीं।
खांसी-जुकाम होते ही सरकारी अस्पताल में शुरू कराएं इलाज
चेस्ट फिजीशियन डॉ. ध्रुवराज सिंह ने बताया कि अधिक सर्दी होने पर दमा रोगियों को सबसे अधिक दिक्कत होती है। ठंड लगने के बाद सीने में सबसे पहले जकड़न हो जाती है। ऐसे में सर्दी से बचाव पहला उपाय है। ठंडी चीजों का प्रयोग न करें। गुनगुना पानी पीना फायदेमंद है। शीघ्र ही सरकारी अस्पताल में जांच करवाकर दवाई लें।
सर्दी में होने वाली सभी बीमारियों की दवाएं भरपूर हैं। सोमवार को मरीजों की संख्या अच्छी रही। वह खुद राउंड पर रहकर व्यवस्था देखते रहे। बुजुर्गों को बिना पंजीकरण कराए पर्चा बनवाने की सेवा दी जा रही है। - डॉ. अशोक प्रियदर्शी, सीएमएस, लोहिया जिला पुरुष अस्पताल