{"_id":"754d5a11d9dd3f071cec469e627b1919","slug":"watts-up-facebook-making-the-patient-s-eye-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"वाट्स अप, फेसबुक, बना रही आंख का रोगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वाट्स अप, फेसबुक, बना रही आंख का रोगी
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
Updated Tue, 28 Jul 2015 11:02 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मोबाइल पर वाट्स अप, फेसबुक और इन जैसे तमाम सोशल साइट एप्स यूजरों की
विज्ञापन
आंखों की रोशनी के लिए खतरा बन गए हैं। लंबे समय तक लगातार मोबाइल की
स्क्रीन पर आंखें जमाए रहने वाले यूजर आंख रोग से पीड़ित हो रहे हैं। शहर
के डा. राममनोहर लोहिया अस्पताल में रोज 15 से 20 मरीज नेत्र रोग विशेषज्ञ
के पास पहुंचते हैं। इनमें 70 फीसदी मोबाइल पर घंटों इंटरनेट, वाट्सअप,
फेसबुक से चिपके रहने वाले लोग हैं।
मोबाइल पर सोशल साइट्स के यूजरों की तादाद दिन पर दिन बढ़ रही है। एक अनुमान के मुताबिक 10 में से 3 यूजर मोबाइल पर वाट्सअप व फेसबुक के आदी हैं। इनमें से ज्यादातर 3 से 4 घंटे मोबाइल पर इन साइटों पर पोस्ट, लाइक, कमेंट, लोड व अपलोड करने में व्यस्त रहते हैं। इसका असर इनकी आंखों पर पड़ रहा है। लोहिया में माह में 450 से 600
नेत्र रोगी पहुंच रहे हैं। इनमें बड़ी तादाद मोबाइल पर सोशल साइट यूजरों की है। डाक्टरों की मानें तो 12 सेकेंड में एक बार पलक झपकनी चाहिए। मोबाइल स्क्रीन पर फोंट साइज कम होने से नजरें जमाए रखनी पड़ती हैं। इससे पलक नहीं झपक पाती। पुतली की नमी पर असर पड़ने लगता है। सिर दर्द और आंखों के लाल होने और करकराहट की भी समस्या हो जाती है।
यह होती दिक्कत
- आंखों की रोशनी में धुंधलापन।
- आंखों और सिर में दर्द।
-पुतलियों में सूखापन।
-एक चीज के दो दृश्य दिखना।
-चक्कर आना।
- आंखों का लाल होना।
बरतें एहतियात
- मोबाइल यूज के समय कमरे में लाइट जलती रहे।
- मोबाइल आपरेट करते समय पलकें झपकाते रहें।
-बीच बीच में स्क्रीन से नजरें हटा लें।
- आंखों से मोबाइल की दूरी 25 सेंटीमीटर से कम न हो।
- चश्मे का प्रयोग करें।
- साफ पानी से आंख धोते रहें।
केस: 1
छेदा चूरन गली केे पंकज बाथम कहते हैं कि 6 माह से आंखों में दिक्कत बढ़ गई है। आंखों में दर्द होता है। यह कहते हैं कि मोबाइल पर रोज 3 से 4 घंटे वाट्सअप, फेसबुक यूज करते हैं। इससे दिक्कत हो रही है।
केस: 2
गढ़ी कोहना के सुनील पांडेय कहते हैं कि मोबाइल की स्क्रीन पर लगातार नजरें जमाए रहने से सिरदर्द व आंख दर्द की समस्या है। इलाज करा रहे हैं।
केस: 3
बाग कूंचा की श्वेता कहती हैं कि उन्हें पांच माह से आंखों में दिक्कत है। वजह मोबाइल पर फेसबुक व वाट्सअप यूज की थी। डाक्टर की सलाह पर मोबाइल यूज कम किया। राहत मिली है।
मोबाइल पर वाट्स अप, फेसबुक के यूजरों की संख्या बढ़ रही है। इसी अनुपात में नेत्र रोगी बढ़ रहे हैं। अस्पताल में रोज 15 से 20 नेत्र पीड़ितों में से 70 फीसदी मोबाइल पर लंबे समय तक सोशल साइट्स के यूजर होते हैं।
डा. ब्रजेश, नेत्र चिकित्सक
मोबाइल पर सोशल साइट्स के यूजरों की तादाद दिन पर दिन बढ़ रही है। एक अनुमान के मुताबिक 10 में से 3 यूजर मोबाइल पर वाट्सअप व फेसबुक के आदी हैं। इनमें से ज्यादातर 3 से 4 घंटे मोबाइल पर इन साइटों पर पोस्ट, लाइक, कमेंट, लोड व अपलोड करने में व्यस्त रहते हैं। इसका असर इनकी आंखों पर पड़ रहा है। लोहिया में माह में 450 से 600
नेत्र रोगी पहुंच रहे हैं। इनमें बड़ी तादाद मोबाइल पर सोशल साइट यूजरों की है। डाक्टरों की मानें तो 12 सेकेंड में एक बार पलक झपकनी चाहिए। मोबाइल स्क्रीन पर फोंट साइज कम होने से नजरें जमाए रखनी पड़ती हैं। इससे पलक नहीं झपक पाती। पुतली की नमी पर असर पड़ने लगता है। सिर दर्द और आंखों के लाल होने और करकराहट की भी समस्या हो जाती है।
यह होती दिक्कत
- आंखों की रोशनी में धुंधलापन।
- आंखों और सिर में दर्द।
-पुतलियों में सूखापन।
-एक चीज के दो दृश्य दिखना।
-चक्कर आना।
- आंखों का लाल होना।
बरतें एहतियात
- मोबाइल यूज के समय कमरे में लाइट जलती रहे।
- मोबाइल आपरेट करते समय पलकें झपकाते रहें।
-बीच बीच में स्क्रीन से नजरें हटा लें।
- आंखों से मोबाइल की दूरी 25 सेंटीमीटर से कम न हो।
- चश्मे का प्रयोग करें।
- साफ पानी से आंख धोते रहें।
केस: 1
छेदा चूरन गली केे पंकज बाथम कहते हैं कि 6 माह से आंखों में दिक्कत बढ़ गई है। आंखों में दर्द होता है। यह कहते हैं कि मोबाइल पर रोज 3 से 4 घंटे वाट्सअप, फेसबुक यूज करते हैं। इससे दिक्कत हो रही है।
केस: 2
गढ़ी कोहना के सुनील पांडेय कहते हैं कि मोबाइल की स्क्रीन पर लगातार नजरें जमाए रहने से सिरदर्द व आंख दर्द की समस्या है। इलाज करा रहे हैं।
केस: 3
बाग कूंचा की श्वेता कहती हैं कि उन्हें पांच माह से आंखों में दिक्कत है। वजह मोबाइल पर फेसबुक व वाट्सअप यूज की थी। डाक्टर की सलाह पर मोबाइल यूज कम किया। राहत मिली है।
मोबाइल पर वाट्स अप, फेसबुक के यूजरों की संख्या बढ़ रही है। इसी अनुपात में नेत्र रोगी बढ़ रहे हैं। अस्पताल में रोज 15 से 20 नेत्र पीड़ितों में से 70 फीसदी मोबाइल पर लंबे समय तक सोशल साइट्स के यूजर होते हैं।
डा. ब्रजेश, नेत्र चिकित्सक