{"_id":"ce547eb38527838accbb5de151e42924","slug":"was-strangled-student-s-murder-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गला दबाकर की गई थी छात्र की हत्या","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गला दबाकर की गई थी छात्र की हत्या
अमर उजाला ब्यूरो, फर्रुखाबाद।
Updated Fri, 29 Jan 2016 11:45 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फर्रुखाबाद। हत्यारों ने अपहरण की रात ही छात्र की गला दबा कर हत्या कर दी थी। यह खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ है। शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा के बीच पैनल से बच्चे का पोस्टमार्टम कराया गया।
कोतवाली कायमगंज के गांव च्योलारा निवासी सौरभ (8) पुत्र कृष्णवीर राजपूत गांव के ही प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने के लिए 27 जनवरी की सुबह चचेरी बहन नेहा के साथ निकला था। रास्ते में हेलमेट पहने बाइक सवार बदमाशों ने नेहा को सौदा लेने के लिए भेज दिया।
इस बीच बाइक बदमाश सौरभ को पकड़ ले गए थे। पोस्टमार्टम रिपोेेेर्ट के मुताबिक अपहरण की रात ही सौरभ की गला दबा कर हत्या कर दी गई थी। डीएम सत्येंद्र कुमार सिंह ने सीएमओ राकेश कुमार को शव के आते ही उसका पोस्टमार्टम कराने के निर्देश दिए थे। एएसपी रामभवन चौरसिया ने शांति व्यवस्था के लिए फतेहगढ़ कोतवाल अजीत सिंह को पोस्टमार्टम हाउस में तैनात कर दिया। शव आने पर डाक्टर ब्रजेश सिंह और डाक्टर सोमेश के पैनल ने पोस्टमार्टम किया।
विज्ञापन
अपहर्ताओं ने गुमराह करने के लिए डाला पत्र
अपहर्ताओं ने पुलिस को गुमराह करने के लिए गुरुवार शाम गांव में कई जगह चिट्ठी की फोटो स्टेट प्रतियां फेंक कर दो लोगों के बच्चे को पकड़कर ले जाने का खुलासा किया था। पुलिस पत्र की सत्यता की भी जांच कर रही है।
बुधवार को च्योलारा गांव से अपहरण कर ले जाए गए कृष्णवीर के पुत्र सौरभ के मामले में गुरुवार शाम गांव में कई जगह पर एक पत्र की फोटो प्रतियां लोगों के हाथ लगीं। अपहृत के घर से कुछ दूरी पर एक हैंडपंप के पास पड़े कागज को देखकर एक महिला ने अपने परिजनों को दिया। इन्होंने पढ़ने के बाद चिट्ठी सौरभ के चाचा अरविंद को दे दी। चिट्ठी में लिखा था, मैं कोला कढ़िया का रहने वाला हूं। मैं अपने खेत में पानी लगा रहा था, तभी मेरे गांव का महिपाल और उसका दामाद मोटर साइकिल से वहां आए।
उनके साथ एक लड़का भी था। मैंने पूछा यह कौन है, तो उन्होंने बताया कि वह उसे (बच्चे को ) उठाकर लाए हैं। मैंने पूछा कि क्यों उठा कर लाए हो तो महिपाल ने बताया कि इसके पिता ने मेरे दामाद की झोपड़ी जला दी थी। इसलिए इसे उठाकर लाए हैं। उन्होंने मुझे धमकी दी कि किसी को बताना नहीं हम इसे छोड़ने जा रहे हैं। इस पत्र को देखकर पुलिस का मानना है कि इस मामले में गंाव के ही किसी का हाथ है। पुलिस इस फोटो स्टेट पत्र की जांच में जुट गई है। इस पत्र के विषय में अपहृत के चाचा अरविंद ने बताया कि 15 दिन पहले ब्रजेश की झोपड़ी में आग लगी थी। उनका इससे कोई संबंध नहीं है। इस मामले की पुलिस को सूचना दी गई थी। उसने पत्र को किसी शरारतीतत्व की साजिश बताया।
चुनावी रंजिश में तो नहीं हुई हत्या
सौरभ के अपहरण और हत्या में पुलिस कारण नहीं खोज पा रही है। परिजन हत्या के पीछे चुनावी रंजिश का संदेश जता रहे हैं। सौरभ की हत्या से आसपास के गांवों में भी सनसनी है। कोई भी इस कांड की हकीकत बताने को राजी नहीं है। पुलिस भी अभी तक कारणों को नहीं जान पाई है। मृतक के पिता कृष्णवीर और चाचा अरविंद का मानना है कि सौरभ की हत्या चुनावी रंजिश में की गई है।
अरविंद ने बताया कि प्रधानी के चुनाव में गांव के एक दबंग को उन्होंने वोट नहीं दिया था। इसी कारण भतीजे का अपहरण कर हत्या की गई है। परिजनों के अनुसार पुलिस इसे भी कारण मानकर जांच कर रही है। वहीं लोगों का मानना है कि अपहरण करने वाले गांव के ही हो सकते हैं जिन्हें सौरभ जानता था। यही वजह थी कि वह अपहरण किए जाते समय चीखा चिल्लाया भी नहीं था। अपहर्ताओं ने उसकी हत्या भी इसी कारण से की होगी कि कहीं वह उनके नाम उजागर न कर दे। एसपी राजेश कृष्ण ने बताया कि वह घटना से जुडे़ हर पहलू पर जांच कर रहे हैं। आरोपियों के जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
विज्ञापन
कोतवाली कायमगंज के गांव च्योलारा निवासी सौरभ (8) पुत्र कृष्णवीर राजपूत गांव के ही प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने के लिए 27 जनवरी की सुबह चचेरी बहन नेहा के साथ निकला था। रास्ते में हेलमेट पहने बाइक सवार बदमाशों ने नेहा को सौदा लेने के लिए भेज दिया।
विज्ञापन
इस बीच बाइक बदमाश सौरभ को पकड़ ले गए थे। पोस्टमार्टम रिपोेेेर्ट के मुताबिक अपहरण की रात ही सौरभ की गला दबा कर हत्या कर दी गई थी। डीएम सत्येंद्र कुमार सिंह ने सीएमओ राकेश कुमार को शव के आते ही उसका पोस्टमार्टम कराने के निर्देश दिए थे। एएसपी रामभवन चौरसिया ने शांति व्यवस्था के लिए फतेहगढ़ कोतवाल अजीत सिंह को पोस्टमार्टम हाउस में तैनात कर दिया। शव आने पर डाक्टर ब्रजेश सिंह और डाक्टर सोमेश के पैनल ने पोस्टमार्टम किया।
विज्ञापन
अपहर्ताओं ने गुमराह करने के लिए डाला पत्र
अपहर्ताओं ने पुलिस को गुमराह करने के लिए गुरुवार शाम गांव में कई जगह चिट्ठी की फोटो स्टेट प्रतियां फेंक कर दो लोगों के बच्चे को पकड़कर ले जाने का खुलासा किया था। पुलिस पत्र की सत्यता की भी जांच कर रही है।
बुधवार को च्योलारा गांव से अपहरण कर ले जाए गए कृष्णवीर के पुत्र सौरभ के मामले में गुरुवार शाम गांव में कई जगह पर एक पत्र की फोटो प्रतियां लोगों के हाथ लगीं। अपहृत के घर से कुछ दूरी पर एक हैंडपंप के पास पड़े कागज को देखकर एक महिला ने अपने परिजनों को दिया। इन्होंने पढ़ने के बाद चिट्ठी सौरभ के चाचा अरविंद को दे दी। चिट्ठी में लिखा था, मैं कोला कढ़िया का रहने वाला हूं। मैं अपने खेत में पानी लगा रहा था, तभी मेरे गांव का महिपाल और उसका दामाद मोटर साइकिल से वहां आए।
उनके साथ एक लड़का भी था। मैंने पूछा यह कौन है, तो उन्होंने बताया कि वह उसे (बच्चे को ) उठाकर लाए हैं। मैंने पूछा कि क्यों उठा कर लाए हो तो महिपाल ने बताया कि इसके पिता ने मेरे दामाद की झोपड़ी जला दी थी। इसलिए इसे उठाकर लाए हैं। उन्होंने मुझे धमकी दी कि किसी को बताना नहीं हम इसे छोड़ने जा रहे हैं। इस पत्र को देखकर पुलिस का मानना है कि इस मामले में गंाव के ही किसी का हाथ है। पुलिस इस फोटो स्टेट पत्र की जांच में जुट गई है। इस पत्र के विषय में अपहृत के चाचा अरविंद ने बताया कि 15 दिन पहले ब्रजेश की झोपड़ी में आग लगी थी। उनका इससे कोई संबंध नहीं है। इस मामले की पुलिस को सूचना दी गई थी। उसने पत्र को किसी शरारतीतत्व की साजिश बताया।
चुनावी रंजिश में तो नहीं हुई हत्या
सौरभ के अपहरण और हत्या में पुलिस कारण नहीं खोज पा रही है। परिजन हत्या के पीछे चुनावी रंजिश का संदेश जता रहे हैं। सौरभ की हत्या से आसपास के गांवों में भी सनसनी है। कोई भी इस कांड की हकीकत बताने को राजी नहीं है। पुलिस भी अभी तक कारणों को नहीं जान पाई है। मृतक के पिता कृष्णवीर और चाचा अरविंद का मानना है कि सौरभ की हत्या चुनावी रंजिश में की गई है।
अरविंद ने बताया कि प्रधानी के चुनाव में गांव के एक दबंग को उन्होंने वोट नहीं दिया था। इसी कारण भतीजे का अपहरण कर हत्या की गई है। परिजनों के अनुसार पुलिस इसे भी कारण मानकर जांच कर रही है। वहीं लोगों का मानना है कि अपहरण करने वाले गांव के ही हो सकते हैं जिन्हें सौरभ जानता था। यही वजह थी कि वह अपहरण किए जाते समय चीखा चिल्लाया भी नहीं था। अपहर्ताओं ने उसकी हत्या भी इसी कारण से की होगी कि कहीं वह उनके नाम उजागर न कर दे। एसपी राजेश कृष्ण ने बताया कि वह घटना से जुडे़ हर पहलू पर जांच कर रहे हैं। आरोपियों के जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।