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Farrukhabad News: नथुआपुर में 60 बीघा धान व बाजरा की फसल गंगा में समाई
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कमालगंज। फतेहपुर कायस्थान ग्राम पंचायत के गांव नथुआपुर के सामने गंगा के कटान से गांव वाले परेशान हैं। अब तक करीब 60 बीघा धान व बाजरे की फसल गंगा में समा चुकी है।
इस बार बाढ़ में गंगा की धारा का रुख नथुआपुर गांव की ओर हो गया। गंगा में पानी घटते ही कटान बढ़ रहा है। कई किसानों के खेतों में खड़ी धान व बाजरे की फसल गंगा के पानी में समा गई। ग्रामीणों ने बताया कि रामगोपाल, प्यारेलाल, लालबहादुर, रामकिशोर, सर्वेश, कमलेश आदि की फसल भी गंगा में कट कर बह गई।
लालबहादुर का कहना है कि कटान से आलू की मंदी से परेशान किसानों को भारी नुकसान हुआ है। आबादी से 400 मीटर दूर तक गंगा आ गईं हैं। ग्रामीणों ने भोजपुर पंचायत घर से लेकर नथुआपुर तक परकोपाइन लगाए जाने की मांग की है। वहीं, ग्राम प्रधान कश्मीर सिंह यादव ने कहा कि नथुआपुर में कुछ किसानों ने अपने खेत में सिंचाई विभाग द्वारा लगाई जाने वाली परकोपान पहले नहीं लगने दी थी। यदि परकोपाइन उन स्थानों पर लगी होती तो 50-60 बीघा जमीन कटने से बच सकती थी। अभी भी यदि परकोपाइन लग जाए तो आगे कटान की त्रासदी बच जाएगी। संवाद
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इस बार बाढ़ में गंगा की धारा का रुख नथुआपुर गांव की ओर हो गया। गंगा में पानी घटते ही कटान बढ़ रहा है। कई किसानों के खेतों में खड़ी धान व बाजरे की फसल गंगा के पानी में समा गई। ग्रामीणों ने बताया कि रामगोपाल, प्यारेलाल, लालबहादुर, रामकिशोर, सर्वेश, कमलेश आदि की फसल भी गंगा में कट कर बह गई।
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लालबहादुर का कहना है कि कटान से आलू की मंदी से परेशान किसानों को भारी नुकसान हुआ है। आबादी से 400 मीटर दूर तक गंगा आ गईं हैं। ग्रामीणों ने भोजपुर पंचायत घर से लेकर नथुआपुर तक परकोपाइन लगाए जाने की मांग की है। वहीं, ग्राम प्रधान कश्मीर सिंह यादव ने कहा कि नथुआपुर में कुछ किसानों ने अपने खेत में सिंचाई विभाग द्वारा लगाई जाने वाली परकोपान पहले नहीं लगने दी थी। यदि परकोपाइन उन स्थानों पर लगी होती तो 50-60 बीघा जमीन कटने से बच सकती थी। अभी भी यदि परकोपाइन लग जाए तो आगे कटान की त्रासदी बच जाएगी। संवाद
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