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प्रवासी की मौत के बाद जागा प्रशासन, 11 परिजन क्वारंटीन
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प्रवासी की मौत के बाद जागा प्रशासन, 11 परिजन क्वारंटीन
नवाबगंज। मोहम्मदाबाद क्षेत्र के गांव नादी वीरपुर में 18 मई को अहमदाबाद से लौटे प्रवासी की जुकाम, बुखार व खांसी से शनिवार को मौत हो गई। उसकी कोरोना जांच न कराए जाने से गांव में दहशत है। इस संबंध में अमर उजाला ने रविवार के अंक में प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया। इसके बाद जागे स्वास्थ्य विभाग ने सुबह नौ बजे दो एंबुलेंस भेजकर प्रवासी के 11 परिजनों को फैसिलिटी सेंटर भेजकर क्वारंटीन करा दिया।
गांव नादीवीरपुर निवासी 54 वर्षीय ग्रामीण अहमदाबाद में गोलगप्पे बेचता था। श्रमिक एक्सप्रेस ट्रेन से वह 18 मई को ट्रेन से कानपुर और वहां से फर्रुखाबाद आया। रेलवे स्टेशन पर थर्मल स्क्रीनिंग के बाद घर पहुंचा और शाम को ही उसे बुखार आ गया। शुक्रवार को लोहिया अस्पताल से कानपुर ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई।
इस बीच वह परिजनों से लेकर गांव में संपर्क करता रहा। ग्रामीण कोरोना की आशंका से उसके अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हुए।ं रविवार सुबह गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची। प्रवासी के संपर्क में आए 11 परिजनों को चिह्नित कर मेजर एसडी सिंह फैसिलिटी सेंटर पहुंचाकर उन्हें क्वारंटीन करा दिया। जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने बताया कि सभी की जांच कराई जाएगी। गांव का सैनिटाइजेशन कराया गया है।
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गांव में पहुंचने का रास्ता नहीं
मोहम्मदाबाद क्षेत्र की ग्राम पंचायत सिरौली के मजरा नादी वीरपुर में जाने के लिए कोई संपर्क मार्ग नहीं है। गत वर्ष गांव में एंबुलेंस न पहुंच पाने से प्रसूता की मौत हो गई थी। वहीं रविवार को कोरोना संदिग्ध प्रवासी के परिजनों के नमूने लेने को मेडिकल मोबाइल यूनिट एंबुलेंस नहीं पहुंच सकी।
इस संबंध में प्रधान अंजली यादव के पति सतेंद्र सिंह ने बताया कि गांव के लिए करीब ढाई किमी रोड बननी है जो ग्राम निधि से नहीं बनाई जा सकती है। उन्होंने मनरेगा से चकरोड पर मिट्टी डलवा दी थी। सड़क बनवाने के संबंध में प्रशासनिक अधिकारियों को पहले से ही जानकारी है। वही इस समस्या का निस्तारण करा सकेंगे।
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नवाबगंज। मोहम्मदाबाद क्षेत्र के गांव नादी वीरपुर में 18 मई को अहमदाबाद से लौटे प्रवासी की जुकाम, बुखार व खांसी से शनिवार को मौत हो गई। उसकी कोरोना जांच न कराए जाने से गांव में दहशत है। इस संबंध में अमर उजाला ने रविवार के अंक में प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया। इसके बाद जागे स्वास्थ्य विभाग ने सुबह नौ बजे दो एंबुलेंस भेजकर प्रवासी के 11 परिजनों को फैसिलिटी सेंटर भेजकर क्वारंटीन करा दिया।
गांव नादीवीरपुर निवासी 54 वर्षीय ग्रामीण अहमदाबाद में गोलगप्पे बेचता था। श्रमिक एक्सप्रेस ट्रेन से वह 18 मई को ट्रेन से कानपुर और वहां से फर्रुखाबाद आया। रेलवे स्टेशन पर थर्मल स्क्रीनिंग के बाद घर पहुंचा और शाम को ही उसे बुखार आ गया। शुक्रवार को लोहिया अस्पताल से कानपुर ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई।
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इस बीच वह परिजनों से लेकर गांव में संपर्क करता रहा। ग्रामीण कोरोना की आशंका से उसके अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हुए।ं रविवार सुबह गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची। प्रवासी के संपर्क में आए 11 परिजनों को चिह्नित कर मेजर एसडी सिंह फैसिलिटी सेंटर पहुंचाकर उन्हें क्वारंटीन करा दिया। जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने बताया कि सभी की जांच कराई जाएगी। गांव का सैनिटाइजेशन कराया गया है।
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गांव में पहुंचने का रास्ता नहीं
मोहम्मदाबाद क्षेत्र की ग्राम पंचायत सिरौली के मजरा नादी वीरपुर में जाने के लिए कोई संपर्क मार्ग नहीं है। गत वर्ष गांव में एंबुलेंस न पहुंच पाने से प्रसूता की मौत हो गई थी। वहीं रविवार को कोरोना संदिग्ध प्रवासी के परिजनों के नमूने लेने को मेडिकल मोबाइल यूनिट एंबुलेंस नहीं पहुंच सकी।
इस संबंध में प्रधान अंजली यादव के पति सतेंद्र सिंह ने बताया कि गांव के लिए करीब ढाई किमी रोड बननी है जो ग्राम निधि से नहीं बनाई जा सकती है। उन्होंने मनरेगा से चकरोड पर मिट्टी डलवा दी थी। सड़क बनवाने के संबंध में प्रशासनिक अधिकारियों को पहले से ही जानकारी है। वही इस समस्या का निस्तारण करा सकेंगे।