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Farrukhabad News: बूथों पर भटकते रहे फैसला सुनाने आए मतदाता

Thu, 11 May 2023 11:39 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद Updated Thu, 11 May 2023 11:39 PM IST
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Voters kept wandering at the booths to pronounce the verdict
फर्रुखाबाद। निकाय चुनाव की मतदाता सूची ने इस बार लोकतंत्र के राजाओं को तगड़ा झटका दिया है। अपना फैसला सुनाने गए मतदाताओं को बूथों पर भटकना पड़ा। मतदाता सूची में नाम न मिलने से वह अधिकार की मुहर नहीं लगा पाए। धूप में पसीना बहाने के बाद उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ा।
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नगर पालिका फर्रुखाबाद पर सीधी शासन की नजर है। यहां दो-दो डिप्टी सीएम लोगों को मतदान के लिए प्रेरित करने आ चुके हैं। प्रशासन ने भी मतदाताओं को अपने अधिकार का प्रयोग करने के लिए निमंत्रण दिया।
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गुरुवार सुबह शहर के 69 मतदान केंद्रों के 277 बूथों पर मतदान शुरू हुआ। मतदाता भी वोट डालने पहुंचे। हालांकि इस बार मतदाताओं में खासा जोश न होने से वोट डालने के लिए लंबी लाइनें नहीं लगीं। फतेहगढ़ के जनता राष्ट्रीय इंटर कालेज में बने पांच बूथों के कई मतदाता पर्ची लेकर वोट डालने बूथ पर पहुंचे। तब उन्हें पता चला कि मतदाता सूची से उनका नाम ही गायब है। इसको लेकर बीएलओ से कई बार नोकझोंक भी हुई। वहां मौजूद वार्ड नंबर 12 की बीएलओ मीनाक्षी द्विवेदी, शिखा व अलका यादव, वार्ड तीन की बीएलओ संतोष कुमार व वार्ड नौ की बीएलओ अनुराधा देवी ने बताया कि उन्होंने मतदाताओं के फार्म भरकर जमा किए थे। इनमें कुछ के नाम सूची में बढ़ा दिए गए, जबकि अधिकांश के नाम सूची में शामिल नहीं हैं। इस कारण उन लोगों को मतदाताओं के गुस्से का शिकार होना पड़ रहा है। कुछ ऐसा ही हाल मतदान केंद्र जीजीआईसी फतेहगढ़ का रहा। यहां भी कई मतदाताओं के सूची में नाम नहीं मिले। कई मतदाता पर्ची लेकर बूथ तक गए। उन्हें यह कहकर लौटा दिया गया कि वोटर नंबर का सूची से मिलान नहीं हो रहा है।
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डीएन कालेज मतदान केंद्र पर भी वोटर भटकते रहे। यहां फतेहगढ़ के मोहल्ला जाफरी निवासी वोट डालने आईं आरती, अलका व प्रफुल्ल भगोलीवाल की पत्नी सारिका को भी मतदाता सूची में नाम न होने से बिना वोट डाले मायूस होकर लौटना पड़ा। उनका कहना है कि मोहल्ले के करीब 500 वोट काट दिए गए। मतदाता पर्ची भी किसी के घर पर नहीं भेजी गईं। इसके अलावा मोहल्ला सिविल लाइन, नवदिया, शांतीनगर आदि के भी सैकड़ों मतदाता वोटर लिस्ट में नाम न होने से मतदान करने से वंचित रह गए।


जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह ने बताया कि मतदाता सूची में अपना वोट बढ़वाना प्रत्येक मतदाता की जिम्मेदारी है। बिना नोटिस भेजे या आपत्ति की पुष्टि किए बिना किसी मतदाता का सूची से नाम काटा नहीं जा सकता है। मतदाताओं को वोटरलिस्ट देखने के बाद आपत्ति दर्ज करानी चाहिए थी।
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