{"_id":"0c75f5c9ff1c2d6519e7da8d46ab48cb","slug":"urs-was-praying-for-the-brotherhood-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"उर्स पर भाईचारे के लिए हुई दुआ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उर्स पर भाईचारे के लिए हुई दुआ
ब्यूरो/अमर उजाला, फर्रुखाबाद
Updated Thu, 05 Nov 2015 12:03 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फर्रुखाबाद। शेखपुर की दरगाह अहसनी महमूदी व मतलूबी में उर्स के दूसरे दिन गागर का जुलूस निकला। इस दौरान अकीदमंदों ने मजार पर फातिहा पढ़कर अल्लाह से कौमी एकता व भाईचारे के लिए दुआ मांगी। उर्स के मौके पर हिंदू और मुसलमानों ने हाजिरी लगाई। कव्वालों ने सूफियाना कलाम पेश किए।
विज्ञापन
उर्स में शहर व देहात के अलावा कानपुर, दिल्ली, कोलकाता और कन्नौज आदि से भी मुरीद आए। सुबह गौंसपुर नगला दाऊद से गागर का जुलूस निकला। मुन्ना कव्वाल ने यह कलाम सुनाया, या मतलूब उठती नहीं भारी गागर, आपका करम हो तो उठ जाए हमारी गागर,। सज्जादा नशीन हजरत शाह आमिरमियां ने कहा कि बुजुर्गों को सच्ची अकीदत यही होगी की मुरीद अपने पीरोमुर्शिद के बताए गए रास्ते पर चलें।
विज्ञापन
उन्होंने देश की तरक्की, खुशहाली और अमन की दुआ मांगी। संचालन हाफिज खुर्शीद ने किया। कोलकाता के मुरीद अनवर अली ने बताया कि शाह मतलूब अली की तालीम से उनकी जिंदगी बदल गई। वह हर साल उर्स में शिरकत करने आते हैं। दिल्ली से आए मुरीद नूर अहमद ने कहा कि ख्वाजा अहसन के दरबार में हाजिरी देना उनके लिए गर्व की बात है। संचालन हाफिज खुर्शीद अहमद ने किया।
विज्ञापन
इस अवसर पर अफजल वारसी, शहजाद, ताहिर हुसैन, आफाक अहमद, शारिक महमूद, फायक महमूद, प्यारेमियां, जावेद अहसन, जमील, नन्हें खां, दिलदार, समीर अहमद और पप्पू भाई आदि मौजूद रहे।