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Farrukhabad News: प्रधान की हत्या में दो दोषियों को आजीवन कारावास
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फर्रुखाबाद। प्रधान की हत्या में दो लोगों को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोनों पर 50-50 हजार रुपये जुर्माना भी किया गया है। जुर्माना न देने पर दोनों को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
राजेपुर थाना क्षेत्र के गांव सीढ़े चकरपुर निवासी तत्कालीन प्रधान ओमपाल सिंह, भतीजे नेपाल व भाई रतनपाल के साथ 31 जनवरी 1994 को ग्राम सभा की सड़क पर मिट्टी डलवाकर घर वापस जा रहे थे।
रास्ते में गांव के कुशलपाल, हरेंद्र सिंह, जगवीर सिंह, शिवपाल सिंह ने उन्हें घेरकर फायरिंग की। गोली लगने से ओमपाल सिंह की मौके पर मौत हो गई।
रतनपाल व भतीजा नेपाल बाल-बाल बच गया। पुलिस ने रतन पाल की तहरीर पर कुशल पाल, हरेंद्र सिंह, जगवीर सिंह, शिवपाल सिंह के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
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विवेचक ने चारों आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। मुकदमे की सुनवाई के दौरान शिवपाल सिंह की मौत हो गई।
23 नवंबर को मुकदमे की सुनवाई कर रहे विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट राकेश कुमार सिंह ने कुशलपाल, हरेंद्र सिंह को गवाह व साक्ष्यों के आधार पर दोषी करार दिया।
साक्ष्य के अभाव में आरोपी जगवीर को दोषमुक्त कर दिया। सोमवार को न्यायाधीश ने दोषी कुशलपाल व हरेंद्र को हत्या में आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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राजेपुर थाना क्षेत्र के गांव सीढ़े चकरपुर निवासी तत्कालीन प्रधान ओमपाल सिंह, भतीजे नेपाल व भाई रतनपाल के साथ 31 जनवरी 1994 को ग्राम सभा की सड़क पर मिट्टी डलवाकर घर वापस जा रहे थे।
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रास्ते में गांव के कुशलपाल, हरेंद्र सिंह, जगवीर सिंह, शिवपाल सिंह ने उन्हें घेरकर फायरिंग की। गोली लगने से ओमपाल सिंह की मौके पर मौत हो गई।
रतनपाल व भतीजा नेपाल बाल-बाल बच गया। पुलिस ने रतन पाल की तहरीर पर कुशल पाल, हरेंद्र सिंह, जगवीर सिंह, शिवपाल सिंह के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
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विवेचक ने चारों आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। मुकदमे की सुनवाई के दौरान शिवपाल सिंह की मौत हो गई।
23 नवंबर को मुकदमे की सुनवाई कर रहे विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट राकेश कुमार सिंह ने कुशलपाल, हरेंद्र सिंह को गवाह व साक्ष्यों के आधार पर दोषी करार दिया।
साक्ष्य के अभाव में आरोपी जगवीर को दोषमुक्त कर दिया। सोमवार को न्यायाधीश ने दोषी कुशलपाल व हरेंद्र को हत्या में आजीवन कारावास की सजा सुनाई।