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तंबाकू व्यापारी हत्याकांड में तीन को उम्रकैद
अमर उजाला ब्यूरो/फर्रुखाबाद
Updated Sat, 01 Oct 2016 11:14 PM IST
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विशेष अदालत एंटी डकैती के न्यायाधीश शिव सिंह यादव ने तंबाकू व्यापारी हत्याकांड के तीन आरोपियों को दोषी पाकर आजीवन कारावास की सजा सुनाई। जवाबी डकैती के मुकदमे के आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया है।
कायमगंज कोतवाली के गांव टिलिया मुडौल निवासी लालाराम तंबाकू का व्यापार करते थे। 14 फरवरी 2002 को गांव के ब्रजपाल, साधू के साथ छोटेलाल के साथ वह छप्पर के नीचे अहमदगंज जाने वाली सड़क किनारे बैठे थे।
तभी गांव के रामवरन, वहोरन, सहोरन, कन्हई वहां पर तमंचा लेकर आए और रुपये का तगादा करने की रंजिश में पिता को गाली देने लगे। विरोध करने पर लालाराम को गोली मार दी। इससे उनकी मौके पर मौत हो गई। आरोपी तमंचा लहराते हुए अन्य लोगों को जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। घटना की रिपोर्ट पुत्र प्रेमराज उर्फ पिंटू ने हमलावरों के खिलाफ दर्ज कराई थी। पुलिस ने अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। वहीं रामवरन की पत्नी ने एसपी के आदेश पर प्रेमराज उर्फ पिंटू, बालकराम, वृजपाल, चंद्रपाल, करुआ, चेतराम के खिलाफ डकैती की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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आरोप लगाया गया कि 14 फरवरी को आरोपी उसके घर में घुस आए और मारपीट करने लगे। आरोपियों ने जेवर और नगदी लूट ली। विरोध करने पर पुत्र रंजीत को गोली मार कर घायल कर दिया। दूसरे पुत्र देवेंद्र का अपहरण कर ले गए। पुलिस ने जांच कर इस मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लगाई। गुड्डी देवी ने अदालत में परिवाद में मुकदमा दर्ज कराया। आरोपियों को कोर्ट ने तलब कर मुकदमे की सुनवाई की गई।
इस दौरान हत्याकांड मुकदमे के आरोपी कन्हई की मौत हो गई। अन्य आरोपियों पर मुकदमे की सुनवाई हुई। दोनों मुकदमाें की सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश ने तंबाकू व्यापारी हत्याकांड के आरोपी रामवरन, वहोरन, सहोरन को हत्या के जुर्म में दोषी पाकर आजीवन कारावास की सजा और जुर्माने से दंडित किया। वहीं जवाबी मुकदमे के आरोपी प्रेमराज उर्फ पिंटू, बालकराम, वृजपाल, चंद्रपाल, करुआ, चेतराम को साक्ष्य के अभाव में डकैती के मुकदमे से दोषमुक्त कर दिया है।
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कायमगंज कोतवाली के गांव टिलिया मुडौल निवासी लालाराम तंबाकू का व्यापार करते थे। 14 फरवरी 2002 को गांव के ब्रजपाल, साधू के साथ छोटेलाल के साथ वह छप्पर के नीचे अहमदगंज जाने वाली सड़क किनारे बैठे थे।
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तभी गांव के रामवरन, वहोरन, सहोरन, कन्हई वहां पर तमंचा लेकर आए और रुपये का तगादा करने की रंजिश में पिता को गाली देने लगे। विरोध करने पर लालाराम को गोली मार दी। इससे उनकी मौके पर मौत हो गई। आरोपी तमंचा लहराते हुए अन्य लोगों को जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। घटना की रिपोर्ट पुत्र प्रेमराज उर्फ पिंटू ने हमलावरों के खिलाफ दर्ज कराई थी। पुलिस ने अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। वहीं रामवरन की पत्नी ने एसपी के आदेश पर प्रेमराज उर्फ पिंटू, बालकराम, वृजपाल, चंद्रपाल, करुआ, चेतराम के खिलाफ डकैती की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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आरोप लगाया गया कि 14 फरवरी को आरोपी उसके घर में घुस आए और मारपीट करने लगे। आरोपियों ने जेवर और नगदी लूट ली। विरोध करने पर पुत्र रंजीत को गोली मार कर घायल कर दिया। दूसरे पुत्र देवेंद्र का अपहरण कर ले गए। पुलिस ने जांच कर इस मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लगाई। गुड्डी देवी ने अदालत में परिवाद में मुकदमा दर्ज कराया। आरोपियों को कोर्ट ने तलब कर मुकदमे की सुनवाई की गई।
इस दौरान हत्याकांड मुकदमे के आरोपी कन्हई की मौत हो गई। अन्य आरोपियों पर मुकदमे की सुनवाई हुई। दोनों मुकदमाें की सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश ने तंबाकू व्यापारी हत्याकांड के आरोपी रामवरन, वहोरन, सहोरन को हत्या के जुर्म में दोषी पाकर आजीवन कारावास की सजा और जुर्माने से दंडित किया। वहीं जवाबी मुकदमे के आरोपी प्रेमराज उर्फ पिंटू, बालकराम, वृजपाल, चंद्रपाल, करुआ, चेतराम को साक्ष्य के अभाव में डकैती के मुकदमे से दोषमुक्त कर दिया है।