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Farrukhabad News: विद्यालय की बदहाली में इंचार्ज प्रधानाध्यापिका निलंबित
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फर्रुखाबाद। मोहम्मदाबाद विकास क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय करनपुर मजरा बांसमई की इंचार्ज प्रधानाध्यापिका विनीता को बीएसए ने निलंबित कर दिया है। विद्यालय की शैक्षिक एवं भौतिक व्यवस्थाओं में लापरवाही बरतने का उन पर आरोप है। प्रधानाध्यापिका को प्राथमिक विद्यालय सकवाई से संबद्ध किया गया है।
प्राथमिक विद्यालय का खंड शिक्षा अधिकारी भारती शाक्य ने 18 अगस्त को निरीक्षण किया था। इसकी आख्या उन्होंने बीएसए विश्वनाथ प्रताप सिंह को दी थी। खंड शिक्षा अधिकारी ने आख्या में कहा कि 18 अगस्त को विद्यालय में पंजीकृत 48 विद्यार्थियों के सापेक्ष 28 बच्चे उपस्थित मिले। एमडीएम में दाल-चावल बना था लेकिन उसका नमूना सुरक्षित नहीं रखा गया था। इसके बाद 19 अगस्त को 41 बच्चों की उपस्थिति के बावजूद केवल दो लीटर दूध मंगाया गया। कक्षाओं में बिजली की वायरिंग क्षतिग्रस्त और तार पाइप के साथ झूलते मिले। दीवारों पर फटे चार्ट लगे थे और निपुण लक्ष्य के पोस्टर भी नहीं मिले। इंचार्ज प्रधानाध्यापिका के पास शिक्षक डायरी भी नहीं थी। कक्षा एक से पांच तक बेसलाइन सर्वे व निपुण लक्ष्य एप पर बच्चों का आकलन नहीं किया गया। छात्रों की शैक्षिक गुणवत्ता खराब मिली। शौचालयों में पानी की सुविधा नहीं थी, टोंटियां टूटी मिलीं और बाल्टी-मग भी उपलब्ध नहीं थे। _________
अभिलेखों की जांच के लिए बनाई कमेटी
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने निलंबन आदेश में इंचार्ज प्रधानाध्यापिका के शैक्षिक अभिलेखों के संबंध में पूर्व में हुई जांच का भी उल्लेख किया है। वर्ष 2025 में गठित जांच समिति ने अभिलेखों को फर्जी पाए जाने की रिपोर्ट विभाग को भेजी थी। इसके आधार पर अब शैक्षिक अभिलेखों की दोबारा जांच के लिए खंड शिक्षा अधिकारी नगर क्षेत्र फर्रुखाबाद और खंड शिक्षा अधिकारी नवाबगंज को संयुक्त जांच अधिकारी नामित किया गया है। वायरल वीडियो में सहायक अध्यापिका गरिमा को फर्जी शिक्षिका बताए जाने के मामले में उनके शैक्षिक प्रमाणपत्रों की जांच कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
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प्राथमिक विद्यालय का खंड शिक्षा अधिकारी भारती शाक्य ने 18 अगस्त को निरीक्षण किया था। इसकी आख्या उन्होंने बीएसए विश्वनाथ प्रताप सिंह को दी थी। खंड शिक्षा अधिकारी ने आख्या में कहा कि 18 अगस्त को विद्यालय में पंजीकृत 48 विद्यार्थियों के सापेक्ष 28 बच्चे उपस्थित मिले। एमडीएम में दाल-चावल बना था लेकिन उसका नमूना सुरक्षित नहीं रखा गया था। इसके बाद 19 अगस्त को 41 बच्चों की उपस्थिति के बावजूद केवल दो लीटर दूध मंगाया गया। कक्षाओं में बिजली की वायरिंग क्षतिग्रस्त और तार पाइप के साथ झूलते मिले। दीवारों पर फटे चार्ट लगे थे और निपुण लक्ष्य के पोस्टर भी नहीं मिले। इंचार्ज प्रधानाध्यापिका के पास शिक्षक डायरी भी नहीं थी। कक्षा एक से पांच तक बेसलाइन सर्वे व निपुण लक्ष्य एप पर बच्चों का आकलन नहीं किया गया। छात्रों की शैक्षिक गुणवत्ता खराब मिली। शौचालयों में पानी की सुविधा नहीं थी, टोंटियां टूटी मिलीं और बाल्टी-मग भी उपलब्ध नहीं थे। _________
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अभिलेखों की जांच के लिए बनाई कमेटी
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने निलंबन आदेश में इंचार्ज प्रधानाध्यापिका के शैक्षिक अभिलेखों के संबंध में पूर्व में हुई जांच का भी उल्लेख किया है। वर्ष 2025 में गठित जांच समिति ने अभिलेखों को फर्जी पाए जाने की रिपोर्ट विभाग को भेजी थी। इसके आधार पर अब शैक्षिक अभिलेखों की दोबारा जांच के लिए खंड शिक्षा अधिकारी नगर क्षेत्र फर्रुखाबाद और खंड शिक्षा अधिकारी नवाबगंज को संयुक्त जांच अधिकारी नामित किया गया है। वायरल वीडियो में सहायक अध्यापिका गरिमा को फर्जी शिक्षिका बताए जाने के मामले में उनके शैक्षिक प्रमाणपत्रों की जांच कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
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