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टीकाकरण अभियान में शामिल होंगे निजी अस्पताल कर्मी
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फर्रुखाबाद। टीकाकरण अभियान में अब निजी अस्पतालों के कर्मचारी भी सहयोग करेंगे। जिलाधिकारी संजय कुमार ने मंगलवार को निजी अस्पताल संचालकों के साथ बैठक की। कहा कि प्रत्येक अस्पताल से दो-दो कर्मचारी प्रशासन के टीकाकरण अभियान में शामिल किए जाएंगे। जिससे टीकाकरण अभियान की रफ्तार बढ़ाई जा सके।
कलक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में जिलाधिकारी व अस्पताल संचालकों ने तीसरी लहर पर चिंता जताई। डीएम ने कहा कि तीसरी लहर का प्रभाव न पड़े, इसके लिए टीकाकरण बेहद जरूरी है। प्रशासन की ओर से जगह-जगह शिविर लगाकर टीकाकरण किया जा रहा है। कुछ स्थानों पर स्टाफ की कमी के कारण अभियान रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है।
लिहाजा निजी अस्पताल संचालकों को भी अभियान में सहयोग करते हुए अपने स्टाफ के दो-दो कर्मी टीकाकरण अभियान में लगाने होंगे। बता दें कि इससे पहले भी जिलाधिकारी अस्पताल संचालकों से दो-दो कर्मचारी उपलब्ध कराने के निर्देश दे चुके हैं। इसके बावजूद 30 संचालकों ने टीकाकरण में अब तक कोई सहयोग नहीं किया है। बैठक के दौरान सीएमओ डॉ.सतीश चंद्रा, डिप्टी सीएमओ डॉ.अनुराग वर्मा आदि रहे।
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जनपद में 124 निजी अस्पताल सीएमओ कार्यालय में पंजीकृत हैं। इनमें कुछ अस्पताल तो ऐसे हैं, जिनका संचालन झोलाछाप कर रहे हैं। ऐसे अस्पतालों में न डॉक्टर हैं और न ही प्रशिक्षित स्टाफ। ं मरीजों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने जब टीकाकरण के लिए गत सप्ताह सभी अस्पताल संचालकों से स्टाफ का सहयोग मांग तो 94 निजी अस्पतालों से कर्मचारी दिए गए।
इससे साफ है कि 30 निजी अस्पतालों में प्रशिक्षित स्टाफ नहीं है। निजी अस्पताल व झोलाछाप उन्मूलन के नोडल अधिकारी डॉ.अनुराग वर्मा ने बताया कि जिन 30 अस्पताल संचालकों ने टीकाकरण के लिए स्टाफ उपलब्ध नहीं कराया, जिलाधिकारी का अनुमोदन लेकर इन अस्पतालों में प्रशिक्षित स्टाफ की जांच की जाएगी। इसके बाद कार्रवाई भी तय की जाएगी।
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कलक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में जिलाधिकारी व अस्पताल संचालकों ने तीसरी लहर पर चिंता जताई। डीएम ने कहा कि तीसरी लहर का प्रभाव न पड़े, इसके लिए टीकाकरण बेहद जरूरी है। प्रशासन की ओर से जगह-जगह शिविर लगाकर टीकाकरण किया जा रहा है। कुछ स्थानों पर स्टाफ की कमी के कारण अभियान रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है।
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लिहाजा निजी अस्पताल संचालकों को भी अभियान में सहयोग करते हुए अपने स्टाफ के दो-दो कर्मी टीकाकरण अभियान में लगाने होंगे। बता दें कि इससे पहले भी जिलाधिकारी अस्पताल संचालकों से दो-दो कर्मचारी उपलब्ध कराने के निर्देश दे चुके हैं। इसके बावजूद 30 संचालकों ने टीकाकरण में अब तक कोई सहयोग नहीं किया है। बैठक के दौरान सीएमओ डॉ.सतीश चंद्रा, डिप्टी सीएमओ डॉ.अनुराग वर्मा आदि रहे।
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जनपद में 124 निजी अस्पताल सीएमओ कार्यालय में पंजीकृत हैं। इनमें कुछ अस्पताल तो ऐसे हैं, जिनका संचालन झोलाछाप कर रहे हैं। ऐसे अस्पतालों में न डॉक्टर हैं और न ही प्रशिक्षित स्टाफ। ं मरीजों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने जब टीकाकरण के लिए गत सप्ताह सभी अस्पताल संचालकों से स्टाफ का सहयोग मांग तो 94 निजी अस्पतालों से कर्मचारी दिए गए।
इससे साफ है कि 30 निजी अस्पतालों में प्रशिक्षित स्टाफ नहीं है। निजी अस्पताल व झोलाछाप उन्मूलन के नोडल अधिकारी डॉ.अनुराग वर्मा ने बताया कि जिन 30 अस्पताल संचालकों ने टीकाकरण के लिए स्टाफ उपलब्ध नहीं कराया, जिलाधिकारी का अनुमोदन लेकर इन अस्पतालों में प्रशिक्षित स्टाफ की जांच की जाएगी। इसके बाद कार्रवाई भी तय की जाएगी।