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नरैनामऊ की हजारों बीघा फसल सूखी

Fri, 29 Apr 2016 11:32 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, फर्रुखाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, फर्रुखाबाद Updated Fri, 29 Apr 2016 11:32 PM IST
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Thousands of acres of dry crop Nranamu
अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों पर रोष प्रकट करते ग्रामीण। - फोटो : अमर उजाला

कायमगंज। कोतवाली क्षेत्र के गांव नरैनामऊ में नहर में पानी न आने के कारण 6142 बीघा खेत क ी फसल सूखने की कगार पर पहुंच गई है। लगभग एक माह से अधिक समय से नहर में पानी नहीं आ रहा है। नहर के किनारे बसे इस गांव के लोग खेत की सिंचाई के लिए सिर्फ नहर के पानी पर ही आश्रित हैं। गांव वालों का कहना है कि वर्षों से अभी तक ऐसा समय नहीं देखा कि नहर में पानी न आया हो। ग्रामीण बताते हैं कि लगभग 6 हजार आबादी वाले इस गांव में मात्र दस प्राइवेट नलकूप हैं। वह भी दगा दे रहे हैं। गांव में एक भी सरकारी ट्यूबवेल नहीं लगा है। अभी तक किसी अधिकारी व जनप्रतिनिधि के न आने से ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।

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ग्रामीण हसनू गंगवार का कहना हैं कि नहर में पानी न आने के कारण उनकी लगभग 15 बीघा गन्ना और आठ बीघा मक्के की फसल सूख रही है। बताया कि उन्हाेंने 20 साल पहले 35 फीट गहरी बोरिंग कराई थी, जो पानी नहीं दे रही है। अगर नहर में पानी न आया तो उनकी लगभग दो लाख रुपये की फसल नष्ट हो जाएगी। ग्रामीण गुरुदेव सिंह का कहना है कि नहर में पानी न आने के कारण 16 बीघा गन्ना, 10 बीघा आम का बाग और सात बीघा मक्का की फसल सूख रही है। बताया कि बैंक से 1.80 लाख रुपये कर्ज लेकर यह फसलें बोई थीं लेकिन पानी की कमी ने बर्बाद कर दिया है।
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अब ये चिंता सता रही है कि बैंक का कर्ज कहां से भरेंगे। ग्रामीण बबलू गंगवार का कहना है कि गांव की नलकूपों, नहर, तालाबों, बंबे में पानी न होने के कारण 18 बीघा अमरूद, आम, नीबू के बाग सूख रहे हैं। अगर एक-दो दिन में पानी न आया तोे दो लाख रुपये का नुकसान हो जाएगा। ग्रामीण ब्रजपाल सिंह का कहना है कि उन्होने बैंक से 1.85 लाख रुपये कर्ज लेकर 10 बीघा गन्ना, 10 बीघा मिट्ठा व 11 बीघा आम के बाग में लगाई थी लेकिन नहर व नलकूपों में पानी न आने के कारण वह बर्बादी की कगार पर पहुंच गए हैं। वहीं राजेश, नरेंद्र सिंह, प्रमोद कुमार, राजबहादुर, नानिकराम, अखिलेश गंगवार, सुग्रीव सिंह, सरनाम सिंह, अखिलेश कुमार और विष्णुकांत आदि सैकड़ों ग्रामीण बाग व फसल के सूखने से होने वाले नुकसान को लेकर चिंतित हैं। इनका कहना है कि अगर नहर में पानी न आया तो यह पूरा गांव तबाह हो जाएगा। एसडीएम अजीत कुमार ने बताया कि गांव में पड़े सूखे की संबंधित विभाग से जांच कराई जाएगी और ग्रामीणों की हर संभव मदद की जाएगी। नहर में पानी छुड़वाए जाने का भी प्रयास किया जाएगा।
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