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Farrukhabad News: खेत में जानवर जाने पर युवक की पीट-पीटकर हत्या में तीन दोषी

Wed, 26 Aug 2026 01:18 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 26 Aug 2026 01:18 AM IST
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Three convicted for beating a youth to death after animals strayed into a field.
फर्रुखाबाद। खेत में जानवर चले जाने को लेकर हुए विवाद में लाठी-डंडों से पीटकर युवक की मौत के करीब नौ साल पुराने मामले में अदालत ने तीन लोगों को दोषी करार दिया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट तरुण कुमार सिंह ने दोषी विश्राम सिंह यादव, जगराम और जसवीर उर्फ कारे को एससी-एसटी एक्ट के आरोपों में दोष मुक्त कर दिया। सजा के बिंदु पर 31 अगस्त को सुनवाई होगी।
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थाना अमृतपुर के गांव हमीरपुर निवासी लालाराम कठेरिया ने 10 अप्रैल 2016 को थाने में तहरीर दी थी। बताया था कि घटना से दो-तीन दिन पहले उसके जानवर गांव के महेंद्र सिंह यादव के खेत में चले गए थे। इसी बात को लेकर 10 अप्रैल की सुबह नौ बजे महेंद्र सिंह यादव, उसके भाई जगराम, विश्राम सिंह यादव और जसवीर उर्फ कारे खेत पर पहुंचे और उसके बेटे मोरपाल को बुलाकर गाली-गलौज करने लगे। विरोध करने पर चारों ने लाठी-डंडों से मोरपाल की पिटाई शुरू कर दी। शोर सुनकर मोरपाल को बचाने उसकी बहन रेनू तथा रामदेव और संतोष पहुंचे तो उनके साथ भी मारपीट की। घटना में मोरपाल के सिर में गंभीर चोट आई, जबकि रेनू, रामदेव और संतोष को भी चोटें लगीं।
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गंभीर रूप से घायल मोरपाल को पहले सीएचसी राजेपुर, फिर लोहिया अस्पताल फर्रुखाबाद और हालत गंभीर होने पर कानपुर हैलट अस्पताल रेफर किया गया। वह चोट लगने के बाद बेहोशी की हालत में रहा और करीब 16 दिन बाद 27 अप्रैल 2016 को उसकी मौत हो गई। मोरपाल की मृत्यु के बाद पुलिस ने मुकदमे में धारा 308 को हटाकर धारा 304 आईपीसी तथा एससी-एसटी एक्ट की धारा बढ़ाई। चारों के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया गया।
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मुकदमे की सुनवाई के दौरान आरोपी महेंद्र सिंह यादव की मृत्यु हो गई। इसके चलते अदालत ने 19 अप्रैल 2023 को उसके विरुद्ध कार्यवाही बंद कर दी। इसके बाद विश्राम सिंह यादव, जगराम और जसवीर उर्फ कारे के खिलाफ मुकदमे की सुनवाई जारी रही। अदालत ने साक्ष्यों व गवाही के आधार पर तीनों को दोषी करार दिया।
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