{"_id":"69025ffcb6cd699a810b6484","slug":"there-is-a-problem-with-the-complicated-rules-in-the-government-procurement-of-maize-and-millet-farrukhabad-news-c-222-1-sknp1016-131928-2025-10-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Farrukhabad News: मक्का और बाजरे की सरकारी खरीद में नियमों के पेच से दिक्कत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Farrukhabad News: मक्का और बाजरे की सरकारी खरीद में नियमों के पेच से दिक्कत
Thu, 30 Oct 2025 12:12 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Thu, 30 Oct 2025 12:12 AM IST
विज्ञापन
फर्रुखाबाद। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर मक्का व बाजरे की खरीद नियमों के पेंच में फंस गई है। इससे 29 दिनों में सरकारी केंद्रों पर खरीद के नाम पर मात्र दो किसानों से बोहनी की गई।
यहां किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इससे किसान अपने उत्पाद मंडी में सस्ते दामों में बेचने को मजबूर हैं। शासन से किसानों को लाभ देने के लिए इस वर्ष मक्का व बाजरे का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाया है।
मक्का का भाव 2225 रुपये से 175 रुपये बढ़ाकर 2400 रुपये प्रति क्विंटल किया गया। जबकि बाजरे का समर्थन मूल्य 1625 रुपये से 150 रुपये बढ़ाकर 2775 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। सरकारी खरीद के लिए खाद्य एवं विपणन विभाग के चार क्रय केंद्र एक अक्तूबर से संचालित हैं। जिले को 1000 मीट्रिक टन मक्का व 5600 मीट्रिक टन बाजरा खरीद का लक्ष्य दिया गया।
विज्ञापन
फिलहाल सरकारी चार क्रय केंद्रों में सातनपुर मंडी, शमसाबाद, राजेपुर व कायमगंज में अभी तक बाजरे की खरीद नहीं की जा सकी। जबकि मक्का खरीद राजेपुर केंद्र पर 62 क्विंटल और कायमगंज केंद्र पर 15 क्विंटल की गई है। कुछ किसानों की मक्का व बाजरा की तौल की गई, लेकिन नियमों के पेच में खरीद की प्रक्रिया पूरी नहीं की जा सकी। वहीं सातनपुर मंडी में आढ़तों पर मक्का 2000 रुपये प्रति क्विंटल व बाजरा 2200 रुपये क्विंटल खरीदा जा रहा है।
किसी ने नॉमिनी नहीं भरा, तो कहीं अंगूठा नहीं
डिप्टी आरएमओ रोली सिंह ने बताया कि किसानों की पंजीकरण के दौरान नामिनी नहीं भरा है। बुजुर्ग किसानों का ई-पॉप मशीन पर अंगूठा नहीं लग पा रहा है, ऑपरेशन वाली आंंख भी मशीन से स्कैन नहीं हो पा रही है।
उन्होंने बताया कि दो किसानों से 75 क्विंटल मक्का खरीदकर ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी कर ली गई। फिलहाल मक्का व बाजरा की तौल सभी केंद्रों पर हो चुकी है, प्रकिया पूरी करने का प्रयास चल रहा है। एडीएम की आईडी से बुजुर्ग किसानों के आवेदन में नामिनी बढ़वाकर खरीद की प्रक्रिया पूर्ण कराई जाएगी।
विज्ञापन
यहां किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इससे किसान अपने उत्पाद मंडी में सस्ते दामों में बेचने को मजबूर हैं। शासन से किसानों को लाभ देने के लिए इस वर्ष मक्का व बाजरे का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाया है।
विज्ञापन
मक्का का भाव 2225 रुपये से 175 रुपये बढ़ाकर 2400 रुपये प्रति क्विंटल किया गया। जबकि बाजरे का समर्थन मूल्य 1625 रुपये से 150 रुपये बढ़ाकर 2775 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। सरकारी खरीद के लिए खाद्य एवं विपणन विभाग के चार क्रय केंद्र एक अक्तूबर से संचालित हैं। जिले को 1000 मीट्रिक टन मक्का व 5600 मीट्रिक टन बाजरा खरीद का लक्ष्य दिया गया।
विज्ञापन
फिलहाल सरकारी चार क्रय केंद्रों में सातनपुर मंडी, शमसाबाद, राजेपुर व कायमगंज में अभी तक बाजरे की खरीद नहीं की जा सकी। जबकि मक्का खरीद राजेपुर केंद्र पर 62 क्विंटल और कायमगंज केंद्र पर 15 क्विंटल की गई है। कुछ किसानों की मक्का व बाजरा की तौल की गई, लेकिन नियमों के पेच में खरीद की प्रक्रिया पूरी नहीं की जा सकी। वहीं सातनपुर मंडी में आढ़तों पर मक्का 2000 रुपये प्रति क्विंटल व बाजरा 2200 रुपये क्विंटल खरीदा जा रहा है।
किसी ने नॉमिनी नहीं भरा, तो कहीं अंगूठा नहीं
डिप्टी आरएमओ रोली सिंह ने बताया कि किसानों की पंजीकरण के दौरान नामिनी नहीं भरा है। बुजुर्ग किसानों का ई-पॉप मशीन पर अंगूठा नहीं लग पा रहा है, ऑपरेशन वाली आंंख भी मशीन से स्कैन नहीं हो पा रही है।
उन्होंने बताया कि दो किसानों से 75 क्विंटल मक्का खरीदकर ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी कर ली गई। फिलहाल मक्का व बाजरा की तौल सभी केंद्रों पर हो चुकी है, प्रकिया पूरी करने का प्रयास चल रहा है। एडीएम की आईडी से बुजुर्ग किसानों के आवेदन में नामिनी बढ़वाकर खरीद की प्रक्रिया पूर्ण कराई जाएगी।