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नलकूप के कुआं में घुसे दो भाइयों समेत तीन बेहोश
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
Updated Tue, 11 Aug 2015 11:09 PM IST
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नलकूप का पंखा सही करने के लिए कुआं में उतरा युवक गैस की चपेट में आकर
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बेहोश हो गया। उसे बचाने के लिए उतरे भाई और भतीजा भी क्रमश: बेहोश हो गए।
परिजनों ने तीनों को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया। इस दौरान दमकल भी
पहुंच गई। गांव नगला कलार निवासी दिनेश राजपूत का खेत पड़ोसी गांव
अलादादपुर में है। मंगलवार की सुबह दिनेश अपने भाई अनिवेश, भतीजे रामू के
अलावा पिता पहलवान के साथ खेत में पानी लगाने पहुंचा। दिनेश ने नलकूप चालू
किया। पानी न
निकलने पर पंखा सही करने के लिए वह कुआं में उतर गया। कुएं में जहरीली गैस की चपेट में आने से वह बेहोश हो गया। देरी होने पर छोटे भाई अनिवेश ने आवाज दी। जवाब न आने पर वह भी कुआं में उतर गया। जहरीली गैस से वह भी बेहोश हो गया। दोनों भाइयों के जवाब न देने पर चीखपुकार मच गई। सूचना पर आसपास के गांव के लोग पहुंच गए। ये गैस का असर
कम करने के लिए कुआं में नीम की पत्ती को जलाकर डालने के साथ पानी डालने लगे। इसका कोई नतीजा न निकलने पर दिनेश का भतीजा रामू पुत्र नरवीर सिंह टोकरी लेकर नीचे उतरा। इसने दिनेश को टोकरी में बैठा कर बाहर निकला। इसके बाद दोबारा टोकरी कुआं में डाली गई। इस दौरान रामू अपनी सांसों को रोके रहा और अनिवेश के साथ खुद भी टोकरी में बैठ गया।
ऊपर आते ही रामू भी बेहोश हो गया। इनके बाहर निकलने के बाद दमकल की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। तीनों को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। दिनेश के पिता पहलवान ने बताया कि कुआं करीब 60 फुट गहरा है। इसमें जहरीली गैस होने की अंदाजा नहीं था। इस कारण उनके बेटे नलकूप के कुआं में उतर गए थे।
निकलने पर पंखा सही करने के लिए वह कुआं में उतर गया। कुएं में जहरीली गैस की चपेट में आने से वह बेहोश हो गया। देरी होने पर छोटे भाई अनिवेश ने आवाज दी। जवाब न आने पर वह भी कुआं में उतर गया। जहरीली गैस से वह भी बेहोश हो गया। दोनों भाइयों के जवाब न देने पर चीखपुकार मच गई। सूचना पर आसपास के गांव के लोग पहुंच गए। ये गैस का असर
कम करने के लिए कुआं में नीम की पत्ती को जलाकर डालने के साथ पानी डालने लगे। इसका कोई नतीजा न निकलने पर दिनेश का भतीजा रामू पुत्र नरवीर सिंह टोकरी लेकर नीचे उतरा। इसने दिनेश को टोकरी में बैठा कर बाहर निकला। इसके बाद दोबारा टोकरी कुआं में डाली गई। इस दौरान रामू अपनी सांसों को रोके रहा और अनिवेश के साथ खुद भी टोकरी में बैठ गया।
ऊपर आते ही रामू भी बेहोश हो गया। इनके बाहर निकलने के बाद दमकल की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। तीनों को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। दिनेश के पिता पहलवान ने बताया कि कुआं करीब 60 फुट गहरा है। इसमें जहरीली गैस होने की अंदाजा नहीं था। इस कारण उनके बेटे नलकूप के कुआं में उतर गए थे।