{"_id":"580e54014f1c1bba3cbc1de2","slug":"the-bank-had-to-collect-invoices-scuffles","type":"story","status":"publish","title_hn":"चालान जमा करने को बैंक में हुई धक्का-मुक्की ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चालान जमा करने को बैंक में हुई धक्का-मुक्की
अमर उजाला/फर्रुखाबाद
Updated Tue, 25 Oct 2016 12:03 AM IST
विज्ञापन
स्टेट बैंक फतेहगढ़ में टूटा काउंटर का शीशा।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दीवाली पर पटाखा दुकान लगाने के लिए दुकानदारों की भीड़ चालान जमा करने के लिए स्टेट बैंक में उमड़ पड़ी। धक्कामुक्की के बीच काउंटर पर लगा शीशा टूटने से अफरातफरी मच गई। शाखा प्रबंधक ने हंगामे की जानकारी पुलिस को दी। इसके बाद भी पुलिस नहीं पहुंची। सोमवार को फतेहगढ़ स्थित स्टेट बैंक में पटाखा दुकानों के लाइसेंस बनाने के लिए चालान जमा हो रहे थे। पहले दिन ही अधिकांश दुकानदार एक साथ बैंक पहुंच गए।
भीड़ से अव्यवस्था का माहौल हो गया। पहले चालान जमा करने को दुकानदारों ने धक्का-मुक्की होने लगी। इसी बीच काउंटर पर लगा शीशा टूट गया। शीशा टूटते ही बैंक कर्मचारियों ने इसकी सूचना शाखा प्रबंधक को दी। बैंक में अफरा-तफरी का माहौल देख गार्ड ने भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया। मामले की सूचना शाखा प्रबंधक एसके पाठक ने कोतवाली पुलिस को दी। बैंक में अफरातफरी मचने के बाद कर्मचारियों ने काम करना बंद कर दिया।
सूचना मिलने के बावजूद शाखा में पुलिस न पहुंचने से हालात बिगड़ने लगे। मैनेजर व कर्मचारियों ने जैसे-तैसे भीड़ को मेन गेट के बाहर किया। शाम को बाहर की खिड़की खोलकर चालान जमा कराने का काम शुरू किया गया। शाखा प्रबंधक ने बताया कि शाम तक करीब तीन सौ चालान जमा किए गए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
भीड़ से अव्यवस्था का माहौल हो गया। पहले चालान जमा करने को दुकानदारों ने धक्का-मुक्की होने लगी। इसी बीच काउंटर पर लगा शीशा टूट गया। शीशा टूटते ही बैंक कर्मचारियों ने इसकी सूचना शाखा प्रबंधक को दी। बैंक में अफरा-तफरी का माहौल देख गार्ड ने भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया। मामले की सूचना शाखा प्रबंधक एसके पाठक ने कोतवाली पुलिस को दी। बैंक में अफरातफरी मचने के बाद कर्मचारियों ने काम करना बंद कर दिया।
विज्ञापन
सूचना मिलने के बावजूद शाखा में पुलिस न पहुंचने से हालात बिगड़ने लगे। मैनेजर व कर्मचारियों ने जैसे-तैसे भीड़ को मेन गेट के बाहर किया। शाम को बाहर की खिड़की खोलकर चालान जमा कराने का काम शुरू किया गया। शाखा प्रबंधक ने बताया कि शाम तक करीब तीन सौ चालान जमा किए गए थे।
विज्ञापन