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Farrukhabad News: दो घंटे बाद पहुंची एंबुलेंस, कराहता रहा गंभीर मरीज
Thu, 16 Oct 2025 12:14 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Thu, 16 Oct 2025 12:14 AM IST
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फोटो-36, लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती हरिश्चंद्र।संवाद
फर्रुखाबाद। जिले में एंबुलेंस सेवाएं कितनी अच्छी हैं, इसका सच बुधवार शाम सामने आ गया। लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती एक मरीज दो घंटे तक कराहता रहा।
इमरजेंसी प्रभारी के तीन बार फोन करने के बाद ही उसे उसे एंबुलेंस मिल सकी। मरीज की प्लेटलेट 10 हजार और हीमोग्लोबिन पांच ग्राम रह गया था।
कादरीगेट थाने के मोहल्ला बिर्राबाग निवासी हरिश्चंद्र को कुछ दिनों से बुखार आने लगा। उनकी हालत खराब होने पर बेटी रागवती और पुत्र पीयूष उन्हें बुधवार शाम 5.44 बजे लोहिया अस्पताल लेकर पहुंचे। ईएमओ की ड्यूटी कर रहे प्रभारी डॉ. अभिषेक चतुर्वेदी ने जांच रिपोर्ट देखीं तो हालत गंभीर निकली। उसकी प्लेटलेट मात्र 10 हजार और हीमोग्लोबिन पांच ग्राम ही रह गया।
प्राथमिक उपचार के तुरंत बाद ही डॉक्टर ने हालत को देखते हुए रेफर कर दिया। बेटी रागवती ने कई बार एंबुलेंस को फोन किया, मगर एक घंटे में आने की बात कहते रहे। इस दौरान हरिश्चंद्र की हालत गंभीर होती देख इमरजेंसी प्रभारी ने भी एंबुलेंस के नंबर पर तीन बार कॉल की, मगर कोई सुनवाई नहीं हुई।
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रागवती ने बताया कि एंबुलेंस चालक कायमगंज से आने की बात कह रहे हैं। रात 7.45 बजे के करीब एंबुलेंस पहुंची, तब परिजन मरीज को लेकर सैफई के लिए रवाना हुए।
इमरजेंसी प्रभारी डॉ. अभिषेक चतुर्वेदी ने बताया कि हरिश्चंद्र की हालत बेहद गंभीर थी। उन्होंने प्राथमिक उपचार देने के तुरंत बाद रेफर कर दिया था। तीमारदारों ने कई बार फोन किया। एंबुलेंस आने में देरी और मरीज की हालत बिगड़ती देख उन्होंने भी तीन बार कॉल की। यदि मरीज को कुछ हो जाता तो वह शासन को लिखवाते। करीब दो घंटे बाद पहुंची एंबुलेंस उसे ले गई।
-ज्यादा गंभीर मरीज एएलएस पर जाते हैं। तीमारदार 108 को ही फोन करते हैं। कायमगंज से एंबुलेंस आने की बात गलत है। सात किमी. से अधिक दूर गाड़ी साइन नहीं होती। फिर भी मामले की जांच कराऊंगा।
-विजय सिंह चौहान, जिला प्रभारी 108 एंबुलेंस सेवा।
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इमरजेंसी प्रभारी के तीन बार फोन करने के बाद ही उसे उसे एंबुलेंस मिल सकी। मरीज की प्लेटलेट 10 हजार और हीमोग्लोबिन पांच ग्राम रह गया था।
कादरीगेट थाने के मोहल्ला बिर्राबाग निवासी हरिश्चंद्र को कुछ दिनों से बुखार आने लगा। उनकी हालत खराब होने पर बेटी रागवती और पुत्र पीयूष उन्हें बुधवार शाम 5.44 बजे लोहिया अस्पताल लेकर पहुंचे। ईएमओ की ड्यूटी कर रहे प्रभारी डॉ. अभिषेक चतुर्वेदी ने जांच रिपोर्ट देखीं तो हालत गंभीर निकली। उसकी प्लेटलेट मात्र 10 हजार और हीमोग्लोबिन पांच ग्राम ही रह गया।
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प्राथमिक उपचार के तुरंत बाद ही डॉक्टर ने हालत को देखते हुए रेफर कर दिया। बेटी रागवती ने कई बार एंबुलेंस को फोन किया, मगर एक घंटे में आने की बात कहते रहे। इस दौरान हरिश्चंद्र की हालत गंभीर होती देख इमरजेंसी प्रभारी ने भी एंबुलेंस के नंबर पर तीन बार कॉल की, मगर कोई सुनवाई नहीं हुई।
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रागवती ने बताया कि एंबुलेंस चालक कायमगंज से आने की बात कह रहे हैं। रात 7.45 बजे के करीब एंबुलेंस पहुंची, तब परिजन मरीज को लेकर सैफई के लिए रवाना हुए।
इमरजेंसी प्रभारी डॉ. अभिषेक चतुर्वेदी ने बताया कि हरिश्चंद्र की हालत बेहद गंभीर थी। उन्होंने प्राथमिक उपचार देने के तुरंत बाद रेफर कर दिया था। तीमारदारों ने कई बार फोन किया। एंबुलेंस आने में देरी और मरीज की हालत बिगड़ती देख उन्होंने भी तीन बार कॉल की। यदि मरीज को कुछ हो जाता तो वह शासन को लिखवाते। करीब दो घंटे बाद पहुंची एंबुलेंस उसे ले गई।
-ज्यादा गंभीर मरीज एएलएस पर जाते हैं। तीमारदार 108 को ही फोन करते हैं। कायमगंज से एंबुलेंस आने की बात गलत है। सात किमी. से अधिक दूर गाड़ी साइन नहीं होती। फिर भी मामले की जांच कराऊंगा।
-विजय सिंह चौहान, जिला प्रभारी 108 एंबुलेंस सेवा।