{"_id":"5852d9024f1c1b0c7164991d","slug":"the-altercation-between-the-two-parties-at-the-shop-occupation","type":"story","status":"publish","title_hn":"दुकान पर कब्जे को लेकर दो पक्षों के बीच नोकझोंक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दुकान पर कब्जे को लेकर दो पक्षों के बीच नोकझोंक
अमर उजाला/फर्रुखाबाद
Updated Thu, 15 Dec 2016 11:25 PM IST
विज्ञापन
कलेक्ट्रेट में प्रर्दशन करतीं महिला मोर्चा की पदाधिकारी।
- फोटो : amarujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दुकान पर कब्जे को लेकर चले आ रहे विवाद को लेकर गुरुवार को फिर से दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई। इस घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों पक्षों के दो लोगों को पकड़ लिया। इसको लेकर एक पक्ष ने पुलिस से अपने साथी को छुड़ा लिया।
शहर कोतवाली के मोहल्ला सिंधी कालोनी निवासी आत्माराम डबानी के भाई मनोहरलाल ने मोहल्ले के नुक्कड़ पर राजकुमार की दुकान को किराए पर लिया था। मनोहरलाल की मृत्यू के बाद इनकी पत्नी भावना ने दुकान पर अपना सामान रख कर उसे स्टोर बना लिया था। इसी को खाली करने को लेकर दोनों के बीच विवाद चला आ रहा है।
कुछ दिन पहले राजकुमार की पत्नी सुषमा ने अंदर से दुकान पर कब्जा कर लिया और बाहर के कुंडों को तोड़ दिया था। गुरुवार को सुषमा अपने परिचित महिलाओं को लेकर दूसरे पक्ष से लगाए गए ताले को तोड़ने के लिए जा पहुंची।
विज्ञापन
जैसे ही वह लोग ताले को तोड़ने का प्रयास कर रही थी। उसी समय आत्माराम डावानी को इसकी जानकारी हो गई। इस पर आत्माराम, ईश्वरदास, मुरलीधर, कन्हैया शुक्ला, रवींद्र गुप्ता समेत समाज के अन्य लोग भी आ गए। दोनों पक्षों के बीच नोकझोंक हो गई। सूचना मिलने पर प्रभारी कोतवाल नरेंद्र गौतम फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे।
इस दौरान पुलिस ने आत्माराम और दूसरे पक्ष से सुषमा के भतीजे को बैठा लिया। यह देख कर सिंधी समाज के लोग भड़क गए। उनका कहना था कि महिला को पहले पकड़े इसके बाद ही आत्माराम को पकड़ा जाएगा। इसके साथ ही समाज के लोगों ने आत्माराम को पुलिस से छुड़ा लिया।
हंगामा होते देखकर सुषमा के साथ आने वाली महिलाएं वहां से निकल गई। समाज के लोगों ने दुकान के बाहर ही धरना देना शुरू कर दिया। पुलिस ने उन्हे उठाने का प्रयास किया लेकिन वह सीओ के आने के बाद ही उठाने के बात कही। कुछ समय बाद सीओ आलोक सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट शिवबहादुर सिंह आ गए।
सीओ के समझाने पर वह लोग उठ गए। सीओ ने दोनों पक्षों को कोतवाली बुलाने की बात कह कर चले गए।
विज्ञापन
शहर कोतवाली के मोहल्ला सिंधी कालोनी निवासी आत्माराम डबानी के भाई मनोहरलाल ने मोहल्ले के नुक्कड़ पर राजकुमार की दुकान को किराए पर लिया था। मनोहरलाल की मृत्यू के बाद इनकी पत्नी भावना ने दुकान पर अपना सामान रख कर उसे स्टोर बना लिया था। इसी को खाली करने को लेकर दोनों के बीच विवाद चला आ रहा है।
विज्ञापन
कुछ दिन पहले राजकुमार की पत्नी सुषमा ने अंदर से दुकान पर कब्जा कर लिया और बाहर के कुंडों को तोड़ दिया था। गुरुवार को सुषमा अपने परिचित महिलाओं को लेकर दूसरे पक्ष से लगाए गए ताले को तोड़ने के लिए जा पहुंची।
विज्ञापन
जैसे ही वह लोग ताले को तोड़ने का प्रयास कर रही थी। उसी समय आत्माराम डावानी को इसकी जानकारी हो गई। इस पर आत्माराम, ईश्वरदास, मुरलीधर, कन्हैया शुक्ला, रवींद्र गुप्ता समेत समाज के अन्य लोग भी आ गए। दोनों पक्षों के बीच नोकझोंक हो गई। सूचना मिलने पर प्रभारी कोतवाल नरेंद्र गौतम फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे।
इस दौरान पुलिस ने आत्माराम और दूसरे पक्ष से सुषमा के भतीजे को बैठा लिया। यह देख कर सिंधी समाज के लोग भड़क गए। उनका कहना था कि महिला को पहले पकड़े इसके बाद ही आत्माराम को पकड़ा जाएगा। इसके साथ ही समाज के लोगों ने आत्माराम को पुलिस से छुड़ा लिया।
हंगामा होते देखकर सुषमा के साथ आने वाली महिलाएं वहां से निकल गई। समाज के लोगों ने दुकान के बाहर ही धरना देना शुरू कर दिया। पुलिस ने उन्हे उठाने का प्रयास किया लेकिन वह सीओ के आने के बाद ही उठाने के बात कही। कुछ समय बाद सीओ आलोक सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट शिवबहादुर सिंह आ गए।
सीओ के समझाने पर वह लोग उठ गए। सीओ ने दोनों पक्षों को कोतवाली बुलाने की बात कह कर चले गए।