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Farrukhabad News: घरेलू बिजली कनेक्शन पर चल रहे कपड़ा छपाई कारखाने

Fri, 18 Aug 2023 11:41 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 18 Aug 2023 11:41 PM IST
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Textile printing factory running on domestic electricity connection
संवाद न्यूज एजेंसी
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फर्रुखाबाद। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और बिजली विभाग से साठगांठ कर घरेलू कनेक्शनों पर 150 से अधिक कपड़ा छपाई कारखाने चलाए जा रहे हैं। इनमें कपड़ा छापने के बाद सुखाने के लिए 100-100 पंखे लगते हैं। यही नहीं ड्रायर, सबमर्सिबल, कलर मिक्सिंग प्लांट भी बिजली से चल रहे हैं। वहीं ओवरलोडिंग की वजह से ट्रांसफार्मरों में आए दिन खराबी आने से आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शहर में चल रहे 200 से अधिक कपड़ा छपाई कारखाने गंगा में प्रदूषण की मुख्य वजह हैं। इनमें प्रयोग होने वाले रंगों मे घातक रसायन मिलाए जाते हैं। कपड़ा रंगाई और छपाई में लाखों लीटर रंगीन पानी रोजाना नालियों के रास्ते गंगा में जा रहा है। शहर के मोहल्ला अंगूरीबाग, माधौपुर, खानपुर, अमेठी, चांदपुर, दीनदयाल बाग, चमड़ा मंडी, शांतिनगर पजावा, नरकसा, कछियाना, शांतिनगर गड्ढा आदि में 150 से अधिक ऐसे कारखाने हैं, जो घरेलू बिजली कनेक्शनों पर चल रहे हैं।
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दो किलोवाट का कनेक्शन लेने के बाद इन कारखानों में छपाई के बाद कपड़ा सुखाने के लिए 100 से ज्यादा पंखे चलते हैं। सबमर्सिबल, ड्रायर और कलर मिक्सिंग मशीनें भी लगी हैं। यही नहीं 100-100 बल्व भी लगाए गए हैं। घरेलू कनेक्शनों पर 10-10 किलोवाट का लोड चलाया जा रहा है। इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। ट्रांसफार्मरों पर अधिक लोड होने की वजह से ट्रिपिंग के अलावा बंच केबिलों में फाल्ट भी आम बात हो गई है। अपने स्वार्थ की खातिर जिम्मेदार अन्य उपभोक्ताओं को परेशानी में डालने से बाज नहीं आ रहे।
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बोर्ड के रिकार्ड में 102 कारखाने बंद
राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कानपुर की सूची में शहर में 110 कपड़ा छपाई कारखाने हैं। इनमें नौ कारखाने एनओसी प्राप्त हैं। इन नौ में से एक कारखाना बंद कर दिया गया है, जबकि आठ संचालित हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अपने रिकार्ड में 102 कारखानों को बंद दिखा रहा है, जबकि हकीकत यह है कि 150 से अधिक काराखानों में धड़ल्ले से छपाई की जा रही है।
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एनओसी प्राप्त छपाई कारखाने
शहर में नौ छपाई कारखानों ऐसे हैं, जिन्हें केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से एनओसी मिली है। इन कारखानों में इफ्युलेंट ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) लगे बताए जा रहे हैं। इनमें से एक कारखाना बंद बताया गया है, जबकि अमेरिका डाइन गंगादरवाजा, आरजे फैशन, रूपकिशोर अजय कुमर डाइंग एंड प्रिंटिंग, एनआर इंटरनेशनल अंगूरीबाग, प्रतीक आर्ट, रकम एक्सपर्ट इंडस्ट्रीयल एरिया, उचित इंटरनेशनल माधौपुर, आरआर प्रिंटिंग हाउस खानपुर इन दिनों चल रहे हैं।
जिम्मेदार की सुनें---

-वर्ष 2018 में अभियान चलाकर बिजली कनेक्शन काट दिए थे। अब एनओसी के अलावा कोई कारखाना कागजों में नहीं है। यदि ऐसा है, तो वह अभियान चलाकर इन कारखानों पर कठोर कार्रवाई करेंगे।


योगेंद्र कुमार द्विवेदी, वैज्ञानिक सहायक, जिला प्रभारी राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कानपुर।

- सभी कारखानों की जांच कराई जाएगी। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एनओसी न होने और घरेलू कनेक्शनों पर कारखाना चलाने वालों से जुर्माना वसूला जाएगा। इसके साथ ही कारखानों के घरेलू कनेक्शन भी काटे जाएंगे।

ब्रजभान सिंह, अधिशासी अभियंता नगरीय।
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