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सपा के समर्थन से जीते सदस्यों पर कार्रवाई की तलवार

Sat, 03 Jul 2021 11:28 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 03 Jul 2021 11:28 PM IST
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फर्रुखाबाद। सपा के समर्थन से जिला पंचायत सदस्य बनने के बाद विरोधी प्रत्याशी को वोट देने वालों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई हैै। जिला संगठन ने ऐसे सदस्यों को चिह्नित करना शुरू कर दिया है। भितरघातियों को भी बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है।
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जिला पंचायत सदस्यों के निर्वाचन के वक्त सपा के अधिक सदस्य जीतने के बावजूद गुटबाजी के चलते प्रत्याशी डॉ. सुबोध यादव की हार हुई। सपा के समर्थन से जिला पंचात सदस्य बनने वाले कई लोगों ने विरोधी प्रत्याशी को वोट दिया। यही वजह रही कि सपा से निष्काशित सचिन यादव की बहन मोनिका यादव के सिर जीत का सेहरा बंध गया। सपा के जिला संगठन के जिम्मेदारों के अड़ियल और पक्षपातपूर्ण रवैये का ही नतीजा रहा कि प्रत्याशी को हार का मुंह देखना पड़ा।
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सपा में भी दो गुट काम कर रहे हैं। एक जिलाध्यक्ष नदीम अहमद फारूकी का समर्थक और दूसरा विरोधी है। समर्थक नेताओं की मानें तो जिलाध्यक्ष का पार्टी के प्रति जुझारू रवैया रहने से उनका कद राष्ट्रीय अध्यक्ष की नजर में बढ़ गया है, जबकि विरोधी खेमे का कहना है कि जिलाध्यक्ष अच्छी तरह जानते थे कि सचिन यादव के पास जिला पंचायत सदस्यों की संख्या ज्यादा है, फिर भी डॉ. सुबोध यादव का खुलकर पक्ष किया। जिलाध्यक्ष की इस कारगुजारी का ही नतीजा रहा कि सपा की मजबूत सीट हाथ से चली गई।
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भाजपा के समर्थन से जिला पंचायत अध्यक्ष बनीं मोनिका यादव के पिता पूर्व राज्यमंत्री नरेंद्र सिंह यादव सपा के दिग्गज नेताओं में हैं। सपा ने उनके पुत्र सचिन यादव को पार्टी से निकाल दिया है। अब उनके विरोधी नरेंद्र सिंह यादव पर भी कार्रवाई होने की आस लगाए बैठे हैं।

फर्रुखाबाद। सपा जिलाध्यक्ष नदीम अहमद फारूकी ने वीडियो बनाकर वायरल किया है। इसमें कहा कि पार्टी प्रत्याशी डॉ. सुबोध यादव ने सरकार और प्रशासन का डटकर मुकाबला किया। यह प्रशासन की जीत है। पार्टी के सदस्यों ने पूरा साथ दिया। कहा कि जिलाधिकारी ने हस्तक्षेप करके खुद वोट डालने का काम किया। प्रशासन और पुलिस के दम पर चुनाव जीता है। अविश्वास प्रस्ताव लाकर थोपे गए अध्यक्ष को हटाने का काम करेंगे। कहा कि पढ़े लिखे प्रत्याशियों को भी हेल्पर दे दिए गए। यह नियम विरुद्ध है।
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