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गंगा जल से अभिषेक कर लगाए शिव के जयकारे
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
Updated Mon, 10 Aug 2015 11:20 PM IST
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सावन के दूसरे सोमवार को शहर व देहात के शिवमंदिरों में भक्तों की सुबह से
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लेकर शाम तक भीड़ उमड़ती रही। शिवालयों में हर-हर महादेव के जयकारे लगते
रहे कांवरियों ने मंदिरों में अभिषेक किया। मंदिरों में शाम को सजावट की गई
थी। मंदिराें के कपाट पूरे दिन खुले रहे। श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान कर
दान दिया। इस दौरान मंदिरों में सुरक्षा बल तैनात रहा। सावन के
दूसरे सोमवार पर गंगा स्नान के लिए भक्तों की भीड़ रही। गंगा जल लाकर भक्तों ने शिव मंदिरों में अभिषेक किया। मंदिरों में रुद्राभिषेक भी किया गया। पांडवेश्वर नाथ मंदिर, कोतवालेश्वर नाथ मंदिर , द्वादश ज्योर्तिलिंग मंदिराें में भक्तों ने दूध, दही, शहद, गंगाजल, बेलपत्र, धतूरा, पुष्प, फल, फूल आदि से भगवान शिवजी का पूजन-अर्चन किया। शाम को मंदिरों में विशेष आरती की गई।
फतेहगढ़ स्थित चित्रगुप्त मंदिर में भक्तों की भीड़ उमड़ी। यहां शाम को महाआरती के बाद प्रसाद का वितरण किया गया। महाकाल मंदिर में विशेष पूजन किया गया। मुनि अलौकिक महाराज ने बेल, पत्र, धतूरा, भांग, पुष्प, आंक के फूल, दूध, दही, शहद, घी, शक्कर और गंगाजल से भगवान भोलेशंकर का अभिषेक किया।
दूसरे सोमवार पर गंगा स्नान के लिए भक्तों की भीड़ रही। गंगा जल लाकर भक्तों ने शिव मंदिरों में अभिषेक किया। मंदिरों में रुद्राभिषेक भी किया गया। पांडवेश्वर नाथ मंदिर, कोतवालेश्वर नाथ मंदिर , द्वादश ज्योर्तिलिंग मंदिराें में भक्तों ने दूध, दही, शहद, गंगाजल, बेलपत्र, धतूरा, पुष्प, फल, फूल आदि से भगवान शिवजी का पूजन-अर्चन किया। शाम को मंदिरों में विशेष आरती की गई।
फतेहगढ़ स्थित चित्रगुप्त मंदिर में भक्तों की भीड़ उमड़ी। यहां शाम को महाआरती के बाद प्रसाद का वितरण किया गया। महाकाल मंदिर में विशेष पूजन किया गया। मुनि अलौकिक महाराज ने बेल, पत्र, धतूरा, भांग, पुष्प, आंक के फूल, दूध, दही, शहद, घी, शक्कर और गंगाजल से भगवान भोलेशंकर का अभिषेक किया।