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गोरखपुर हादसे के बाद फर्रुखाबाद के सरकारी अस्पताल में 1 महीने में 49 बच्चों की मौत

Mon, 04 Sep 2017 05:25 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Mon, 04 Sep 2017 05:25 PM IST
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Report on CMO of Farrukhabad and Women CMS
- फोटो : ANI

फर्रुखाबाद के लोहिया अस्पताल में माहभर के भीतर 49 बच्चों की मौत मामले की जांच रिपोर्ट ने एक बार गोरखपुर हादसे की पुनरावृत्ति कर दी। रिपोर्ट में ऑक्सीजन की कमी से बच्चों की मौत होने का पता चलने पर महकमे में हड़कंप मच गया। डीएम रविंद्र कुमार के आदेश पर सिटी मजिस्ट्रेट जेके जैन ने सीएमओ और महिला सीएमएस के खिलाफ बच्चों के इलाज में लापरवाही और समय पर सूचना न देने की रिपोर्ट दर्ज कराई। हालांकि मामले के तूल पकड़ने पर शासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए डीएम और सीएमओ को हटा दिया गया। दूसरी ओर अस्पताल के डॉक्टरों का दावा है कि बच्चों की मौत ऑक्सीजन की कमी के कारण नहीं बल्कि दिमाग में ऑक्सीजन कम पहुंचने के कारण हुई है।

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 बता दें कि 30 अगस्त को जिलाधिकारी ने एसएनसीयू वार्ड का निरीक्षण कर शिशुओं के बारे में जानकारी ली थी। उन्हें बताया गया कि 20 जुलाई से 20 अगस्त के बीच 49 शिशुओं की मौत बीमारी के चलते हुई, जबकि शिशुओं के परिवारीजनों ने ऑक्सीजन न मिलने और इलाज में लापरवाही से बच्चों की मौत होने का आरोप लगाया था। डीएम के आदेश पर सिटी मजिस्ट्रेट, एसडीएम सदर, तहसीलदार सदर की टीम ने पूरे मामले की जांच की।

ऑक्सीजन की कमी के कारण बच्चों की मृत्यु

Report on CMO of Farrukhabad and Women CMS
Farrukhabad - फोटो : ANI
छानबीन की गई तो प्रथम दृष्टया ऑक्सीजन की कमी के कारण बच्चों की मृत्यु का मामला सामने आया। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार का कहना है कि पूरे मामले को गंभीरता से लिया गया है। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन की कमी किन कारणों से हुई है, इसकी विस्तृत जांच कराई जाएगी। इस सवाल का जवाब खोजा जाएगा कि बच्चों को आवश्यकता पड़ने पर कृत्रिम आक्सीजन नहीं मिली या फिर जन्म लेने के बाद सांस लेने के दौरान ऑक्सीजन की कमी प्राकृतिक कारणों से हुई।

उन्होंने बताया कि तकनीकी जांच में स्थिति स्पष्ट होगी। प्राथमिक तौर पर लापरवाही की बात सामने आने पर सिटी मजिस्ट्रेट के जरिए रिपोर्ट लिखाई गई है। जिम्मेदार कुछ दिन पहले चार्ज लेने वाले मौजूदा सीएमएस हैं या पूर्व में कार्यरत रहे सीएमओ, यह पुलिस की जांच में पता चलेगा। कोतवाल अनूप निगम ने बताया कि सिटी मजिस्ट्रेट की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
 
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