फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Farrukhabad News ›   Recommendation of suspension of pharmacist for holding medicines from residence

Farrukhabad News: आवास से दवाएं पकड़े जाने में फार्मासिस्ट के निलंबन की संस्तुति

Mon, 14 Aug 2023 11:58 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 14 Aug 2023 11:58 PM IST
विज्ञापन
Recommendation of suspension of pharmacist for holding medicines from residence
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन


फर्रुखाबाद। सीएचसी के सरकारी आवास पर बड़ी मात्रा में दवाएं पकड़े जाने में दोषी फार्मासिस्ट के खिलाफ जांच कमेटी ने निलंबन की संस्तुति कर दी है। प्रकरण में चीफ फार्मासिस्ट की भी संलिप्तता मिली है। एसडीएम ने एक माह पूर्व फार्मासिस्ट के सरकारी आवास से दवाएं पकड़कर सील कराई थीं।


जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह ने शमसाबाद सीएचसी में 13 जुलाई को निरीक्षण के दौरान दवाओं की कालाबाजारी की शिकायत पर एसडीएम से फार्मासिस्ट विजय यादव के आवास की जांच कराई थी। एसडीएम कायमगंज यदुवंश कुमार ने मौके से अनाधिकृत रूप से बड़ी मात्रा में सरकारी दवाएं मिलने पर सील कराकर सीएमओ कार्यालय भेजी थीं।
विज्ञापन

डीएम ने सीएमओ को फार्मासिस्ट के खिलाफ वैधानिक व दंडात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। फिर फार्मासिस्ट को बचाने का प्रयास शुरू हो गया। सीएमओ ने एसीएमओ डॉ.यूसी वर्मा, डिप्टी सीएमओ डॉ.आरसी माथुर, डॉ.दीपक कटारिया व चीफ फार्मासिस्ट दिनेश वर्मा की कमेटी बनाकर जांच कराई। एक माह बीतने के बाद भी कार्रवाई न होने पर अमर उजाला ने, फार्मासिस्ट के आवास से पकड़ी दवाओं की जांच दबाने का प्रयास शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

इससे खलबली मच गई और कमेटी ने अपनी जांच आख्या सीएमओ को सौंप दी। सूत्रों के मुताबिक जांच आख्या में चीफ फार्मासिस्ट राजीव कुमार शाक्य भी दोषी पाए गए हैं। दवाओं का स्टाॅक चीफ फार्मासिस्ट की जिम्मेदारी में होता है, जबकि फार्मासिस्ट विजय कुमार यादव के आवास पर अनाधिकृत स्टॉक मिला। विजय यादव सरकारी आवास पर निजी प्रेक्टिस भी करते थे, यह बात चीफ फार्मासिस्ट ने अपने बयान में कही है।
एआरवी का इंजेक्शन चीफ फार्मासिस्ट लगाते हैं, स्टॉक निल होने के बावजूद 15 वायल एआरवी फार्मासिस्ट के आवास पर कैसे मिलीं। इससे साफ है कि निजी लाभ के लिए मरीजों को पूरे डोज ही नहीं दिए गए। आवास पर मिली वेइंग मशीन, डिजिटल क्लॉक आदि सामग्री आशाओं को नहीं बांटी गई। स्टोर से दवा लाकर अस्पताल के बजाय फार्मासिस्ट के आवास पर क्यों रखी गईं।

जांच में मिली अनियमितताओं के क्रम में कमेटी ने चीफ फार्मासिस्ट राजीव कुमार शाक्य का स्थानांतरण व फार्मासिस्ट विजय कुमार यादव को दूरस्थ स्थानांतरण करने के साथ निलंबन की संस्तुति की है। सीएमओ डॉ.अवनींद्र कुमार ने बताया कि जांच रिपोर्ट मिल गई है। फार्मासिस्ट विजय कुमार यादव के निलंबन के लिए वह डीजी स्वास्थ्य को पत्र लिख रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed