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Farrukhabad News: रीजनिंग के सवालों ने बच्चों को उलझाया
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फर्रुखाबाद। विद्याज्ञान परीक्षा में रीजनिंग के कठिन सवालों को बच्चे नहीं सुलझा सके। यही वजह रही कि लगभग 50 प्रतिशत बच्चों ने परीक्षा छोड़ दी। कक्ष निरीक्षक घूम-घूमकर बच्चों पर नजर रखे रहे।
कनौडिया बालिका इंटर काॅलेज परीक्षा केंद्र पर विद्या ज्ञान परीक्षा देने के लिए रविवार सुबह से ही परीक्षार्थियों का पहुंचना शुरू हो गया। मुख्य गेट पर ही परीक्षार्थियों की तलाशी ली गई। इसके बाद प्रवेश दिया गया। हिंदी के प्रश्न तो बच्चों को समझ में आए, लेकिन रीजनिंग के सवालों में परीक्षार्थी उलझ गए। यही हाल दोपहर की पाली में हुई परीक्षा के दौरान हुआ।
हैवतपुर गढि़या निवासी विशुनदयाल की पुत्री रागिनी ने बताया कि ज्यादातर प्रश्न कठिन आए थे। भड़ौसा निवासी अलीशेर की पुत्री नजमा ने बताया कि हिंदी के प्रश्न ठीक आए। परीक्षा प्रभारी गंगेश शुक्ला ने बताया कि पहली पाली में पंजीकृत 642 बच्चों में 289 व दूसरी पाली में पंजीकृत 690 में 284 बच्चों ने परीक्षा में भाग नहीं लिया। गौरतलब है कि पिछले वर्ष लगभग 800 से ज्यादा परीक्षार्थियों ने विद्याज्ञान की परीक्षा दी थी। जिसमें सिर्फ चार बच्चों का ही चयन जनपद से हुआ था।
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कनौडिया बालिका इंटर काॅलेज परीक्षा केंद्र पर विद्या ज्ञान परीक्षा देने के लिए रविवार सुबह से ही परीक्षार्थियों का पहुंचना शुरू हो गया। मुख्य गेट पर ही परीक्षार्थियों की तलाशी ली गई। इसके बाद प्रवेश दिया गया। हिंदी के प्रश्न तो बच्चों को समझ में आए, लेकिन रीजनिंग के सवालों में परीक्षार्थी उलझ गए। यही हाल दोपहर की पाली में हुई परीक्षा के दौरान हुआ।
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हैवतपुर गढि़या निवासी विशुनदयाल की पुत्री रागिनी ने बताया कि ज्यादातर प्रश्न कठिन आए थे। भड़ौसा निवासी अलीशेर की पुत्री नजमा ने बताया कि हिंदी के प्रश्न ठीक आए। परीक्षा प्रभारी गंगेश शुक्ला ने बताया कि पहली पाली में पंजीकृत 642 बच्चों में 289 व दूसरी पाली में पंजीकृत 690 में 284 बच्चों ने परीक्षा में भाग नहीं लिया। गौरतलब है कि पिछले वर्ष लगभग 800 से ज्यादा परीक्षार्थियों ने विद्याज्ञान की परीक्षा दी थी। जिसमें सिर्फ चार बच्चों का ही चयन जनपद से हुआ था।
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