{"_id":"610043868ebc3e093507667f","slug":"rape-farrukhabad-news-knp642778084","type":"story","status":"publish","title_hn":"दरोगा पर दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दरोगा पर दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फर्रुखाबाद। शादीशुदा दरोगा को दूसरी शादी करना महंगा पड़ गया है। दूसरी पत्नी ने दुष्कर्म का आरोप लगाकर डीजीपी से शिकायत की थी। जांच में मामला सही पाए जाने पर सीओ ने दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं। छह महीने बाद दरोगा सेवानिवृत्त होने वाला है। देर रात मुकदमा दर्ज हुआ।
लखीमपुर खीरी जिले के गोला थाना क्षेत्र के एक गांव महिला ने एक जुलाई को डीजीपी को शिकायतीपत्र भेजा था। इसमें आरोप लगाया कि फर्रुखाबाद शहर कोतवाली में तैनात दरोगा जितेंद्र कुमार शुक्ला ने खुद को अविवाहित बताकर वर्ष 2005 में उसके साथ शादी कर ली। शादी के बाद तीन बच्चे हुए। इसके बाद पता चला कि जितेंद्र कुमार शादीशुदा हैं। उनकी पहली शादी 1979 में लखीमपुुर खीरी की युवती से हुई थी। उसके ससुर शिक्षा विभाग में एसडीआई और सास शिक्षिका थीं।
महिला के अनुसार जानकारी होने के बाद दरोगा ने बताया था कि पत्नी माता-पिता के पास रहती है, इसलिए दूसरी शादी की है। महिला का आरोप है कि पहली शादी का खुलासा होने के बाद भी दरोगा उसके साथ दुष्कर्म करता रहा। विरोध करने पर बच्चों को मारने की धमकी देता था।
विज्ञापन
विभागीय कागजों में पहली पत्नी का नाम दर्ज कराया है। पेंशन में भी पहली पत्नी को ही उत्तराधिकारी बताया है।
डीजीपी ने एसपी अशोक कुमार मीणा को जांच कराकर कार्रवाई करने के आदेश दिए थे। सीओ अमृतपुर अजेय कुमार शर्मा ने जांच के बाद दरोगा के खिलाफ फतेहगढ़ कोतवाल को मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं। इसमें बताया कि दरोगा इस समय न्यायालय सुरक्षा में ड्यूटी पर तैनात हैं। सीओ ने बताया कि जांच में दरोगा दोषी पाए गए हैं।
विज्ञापन
लखीमपुर खीरी जिले के गोला थाना क्षेत्र के एक गांव महिला ने एक जुलाई को डीजीपी को शिकायतीपत्र भेजा था। इसमें आरोप लगाया कि फर्रुखाबाद शहर कोतवाली में तैनात दरोगा जितेंद्र कुमार शुक्ला ने खुद को अविवाहित बताकर वर्ष 2005 में उसके साथ शादी कर ली। शादी के बाद तीन बच्चे हुए। इसके बाद पता चला कि जितेंद्र कुमार शादीशुदा हैं। उनकी पहली शादी 1979 में लखीमपुुर खीरी की युवती से हुई थी। उसके ससुर शिक्षा विभाग में एसडीआई और सास शिक्षिका थीं।
विज्ञापन
महिला के अनुसार जानकारी होने के बाद दरोगा ने बताया था कि पत्नी माता-पिता के पास रहती है, इसलिए दूसरी शादी की है। महिला का आरोप है कि पहली शादी का खुलासा होने के बाद भी दरोगा उसके साथ दुष्कर्म करता रहा। विरोध करने पर बच्चों को मारने की धमकी देता था।
विज्ञापन
विभागीय कागजों में पहली पत्नी का नाम दर्ज कराया है। पेंशन में भी पहली पत्नी को ही उत्तराधिकारी बताया है।
डीजीपी ने एसपी अशोक कुमार मीणा को जांच कराकर कार्रवाई करने के आदेश दिए थे। सीओ अमृतपुर अजेय कुमार शर्मा ने जांच के बाद दरोगा के खिलाफ फतेहगढ़ कोतवाल को मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं। इसमें बताया कि दरोगा इस समय न्यायालय सुरक्षा में ड्यूटी पर तैनात हैं। सीओ ने बताया कि जांच में दरोगा दोषी पाए गए हैं।