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रामनगरिया मेले में 24 दिन बंद रहेगा छपाई उद्योग
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गंगा में जाता नाले का पानी।
- फोटो : FARRUKHABAD
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रामनगरिया मेला: 24 दिन बंद रहेगा छपाई उद्योग
फर्रुखाबाद। पांचाल घाट के अलावा गंगा के तटों पर लगने वाले माघ मेले में जल को प्रदूषण मुक्त करने के लिए जिले का छपाई उद्योग 24 दिन बंद रखा जाएगा। इसके लिए जिलाधिकारी ने सभी प्रमुख कारोबारियों की छह जनवरी को बैठक बुलाई है। हर साल आने वाले आदेशों के बावजूद तमाम उद्योग चोरी-छिपे छपाई का काम करते हैं।
पांचाल घाट पर लगने वाले रामनगरिया मेले (माघ मेला) में कल्पवास करने वाले गंगा भक्तों को शुद्ध जल में स्नान कराने की मंशा से डीएम ने छपाई उद्योगों और नालों का पानी बंद करने के निर्देश दिए हैं। इससे नौ से 11 व 14 जनवरी, 23 से 25 व 28 जनवरी, छह से आठ फरवरी व 11 से 13 फरवरी व 16 फरवरी, 22 से 24 व 27 फरवरी और छह मार्च से आठ व 11 मार्च तक कुल 24 दिन छपाई कारखाने बंद रखे जाएंगे।
छपाई उद्योग को कड़ाई से बंद कराने की मंशा से उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कानपुर के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. एके माथुर ने दो लोगों को नोटिस दिया है। इंडिया इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष रोहित गोयल और वस्त्र छपाई कुटीर उद्योग सेवा संस्था के अध्यक्ष चंद्रपाल वर्मा को हिदायत दी कि वह छपाई उद्योग सदस्यों को तय तिथियों में कारोबार बंद रखने की हिदायत दे दें। यदि उस दौरान कोई उद्योग चलता पाया गया, तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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भागीरथी में छह बार होगा मुख्य स्नान
पवित्र भागीरथी में 14 जनवरी मकरसंक्रांति से मुख्य स्नान की शुरुआत होगी। पौष पूर्णिमा 28 जनवरी, मौनी अमावस्या 11 फरवरी, वसंत पंचमी 16 फरवरी, माघी पूर्णिमा 27 फरवरी और 11 मार्च महाशिवरात्रि को स्नान के पर्व हैं।
टीम में शामिल होंगे ये अधिकारी
प्रदूषण युक्त रंगीन पानी गंगा में बहाने वाले छपाई उद्योगों की सौ फीसदी बंदी के लिए छापामार टीम बना दी गई है। इसमें सिटी मजिस्ट्रेट, जिला उद्योग केंद्र एवं उद्योग प्रोत्साहन केंद्र से नामित अफसर, गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई कानपुर से नामित अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के जेई फरेश कुमार एवं सहायक अनुश्रवण बीएस द्विवेदी शामिल रहेंगे।
नालों की टेपिंग करना होगी चुनौती
शहर के छोटे-बड़े पांच नाले गंगा में गिरते हैं। इनको रोक पाना काफी मुश्किल होता है। डीएम ने इन नालों की टेपिंग करने के निर्देश भी दिए हैं। अब देखना यह है कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड दिशा में कितना कारगर कदम उठाता है।
वर्जन
प्रदूषित जल गंगा में गिरने से रोकने के लिए सभी छपाई उद्योगों पर सख्ती बरती जाएगी। उन तिथियों में किसी को भी चलने नहीं दिया जाएगा। अदालत और शासन के निर्देश का शतप्रतिशत पालन होगा। छह जनवरी की बैठक में सबको इस बारे में बता दिया जाएगा।- फरेश कुमार, जेई, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, कानपुर
50 बेड का आइसोलेशन वार्ड बनेगा
सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए दोगुना किया गया क्षेत्रफल
संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखाबाद। पांचालघाट पर 28 जनवरी से शुरू होने जा रहे मेला रामनगरिया में कोरोना जांच के लिए टीमें लगाई जाएंगी और 50 बेड का आइसोलेशन वार्ड भी बनाया जाएगा। संक्रमित श्रद्धालुओं को ही आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर उपचार किया जाएगा।
मेला रामनगरिया में गंगा तट पर माघ महीने में श्रद्धालु कल्पवास करते हैं। एक महीने के मेले की व्यवस्था प्रशासन की ओर से की जाती है। कोरोना महामारी के चलते इस बार मेले में विशेष सावधानी बरती जा रही है। राउटी से लेकर मनोरंजन क्षेत्र तक में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए क्षेत्रफल दोगुना कर दिया गया है। आइसोलेशन वार्ड में शिफ्टवार तीन डाक्टर और मेडिकल स्टाफ तैनात किया जाएगा। एसडीएम सदर अनिल कुमार ने बताया कि मेले में कोविड-19 के प्रोटोकाल का पालन कराने के साथ कोरोना जांच की व्यवस्था रहेगी। जरूरत पड़ने पर आइसोलेशन वार्ड 100 बेड का कर दिया जाएगा।
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फर्रुखाबाद। पांचाल घाट के अलावा गंगा के तटों पर लगने वाले माघ मेले में जल को प्रदूषण मुक्त करने के लिए जिले का छपाई उद्योग 24 दिन बंद रखा जाएगा। इसके लिए जिलाधिकारी ने सभी प्रमुख कारोबारियों की छह जनवरी को बैठक बुलाई है। हर साल आने वाले आदेशों के बावजूद तमाम उद्योग चोरी-छिपे छपाई का काम करते हैं।
पांचाल घाट पर लगने वाले रामनगरिया मेले (माघ मेला) में कल्पवास करने वाले गंगा भक्तों को शुद्ध जल में स्नान कराने की मंशा से डीएम ने छपाई उद्योगों और नालों का पानी बंद करने के निर्देश दिए हैं। इससे नौ से 11 व 14 जनवरी, 23 से 25 व 28 जनवरी, छह से आठ फरवरी व 11 से 13 फरवरी व 16 फरवरी, 22 से 24 व 27 फरवरी और छह मार्च से आठ व 11 मार्च तक कुल 24 दिन छपाई कारखाने बंद रखे जाएंगे।
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छपाई उद्योग को कड़ाई से बंद कराने की मंशा से उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कानपुर के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. एके माथुर ने दो लोगों को नोटिस दिया है। इंडिया इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष रोहित गोयल और वस्त्र छपाई कुटीर उद्योग सेवा संस्था के अध्यक्ष चंद्रपाल वर्मा को हिदायत दी कि वह छपाई उद्योग सदस्यों को तय तिथियों में कारोबार बंद रखने की हिदायत दे दें। यदि उस दौरान कोई उद्योग चलता पाया गया, तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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भागीरथी में छह बार होगा मुख्य स्नान
पवित्र भागीरथी में 14 जनवरी मकरसंक्रांति से मुख्य स्नान की शुरुआत होगी। पौष पूर्णिमा 28 जनवरी, मौनी अमावस्या 11 फरवरी, वसंत पंचमी 16 फरवरी, माघी पूर्णिमा 27 फरवरी और 11 मार्च महाशिवरात्रि को स्नान के पर्व हैं।
टीम में शामिल होंगे ये अधिकारी
प्रदूषण युक्त रंगीन पानी गंगा में बहाने वाले छपाई उद्योगों की सौ फीसदी बंदी के लिए छापामार टीम बना दी गई है। इसमें सिटी मजिस्ट्रेट, जिला उद्योग केंद्र एवं उद्योग प्रोत्साहन केंद्र से नामित अफसर, गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई कानपुर से नामित अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के जेई फरेश कुमार एवं सहायक अनुश्रवण बीएस द्विवेदी शामिल रहेंगे।
नालों की टेपिंग करना होगी चुनौती
शहर के छोटे-बड़े पांच नाले गंगा में गिरते हैं। इनको रोक पाना काफी मुश्किल होता है। डीएम ने इन नालों की टेपिंग करने के निर्देश भी दिए हैं। अब देखना यह है कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड दिशा में कितना कारगर कदम उठाता है।
वर्जन
प्रदूषित जल गंगा में गिरने से रोकने के लिए सभी छपाई उद्योगों पर सख्ती बरती जाएगी। उन तिथियों में किसी को भी चलने नहीं दिया जाएगा। अदालत और शासन के निर्देश का शतप्रतिशत पालन होगा। छह जनवरी की बैठक में सबको इस बारे में बता दिया जाएगा।- फरेश कुमार, जेई, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, कानपुर
50 बेड का आइसोलेशन वार्ड बनेगा
सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए दोगुना किया गया क्षेत्रफल
संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखाबाद। पांचालघाट पर 28 जनवरी से शुरू होने जा रहे मेला रामनगरिया में कोरोना जांच के लिए टीमें लगाई जाएंगी और 50 बेड का आइसोलेशन वार्ड भी बनाया जाएगा। संक्रमित श्रद्धालुओं को ही आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर उपचार किया जाएगा।
मेला रामनगरिया में गंगा तट पर माघ महीने में श्रद्धालु कल्पवास करते हैं। एक महीने के मेले की व्यवस्था प्रशासन की ओर से की जाती है। कोरोना महामारी के चलते इस बार मेले में विशेष सावधानी बरती जा रही है। राउटी से लेकर मनोरंजन क्षेत्र तक में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए क्षेत्रफल दोगुना कर दिया गया है। आइसोलेशन वार्ड में शिफ्टवार तीन डाक्टर और मेडिकल स्टाफ तैनात किया जाएगा। एसडीएम सदर अनिल कुमार ने बताया कि मेले में कोविड-19 के प्रोटोकाल का पालन कराने के साथ कोरोना जांच की व्यवस्था रहेगी। जरूरत पड़ने पर आइसोलेशन वार्ड 100 बेड का कर दिया जाएगा।