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झमाझम बारिश से आलू किसानों के चेहरे खिले
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गांव सिंधौली में बारिश व तेज हवा में गिरी मक्का की फसल। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
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फर्रुखाबाद। जिले में गुरुवार को दिन भर हुई झमाझम बारिश ने किसानों के चेहरे खिला दिए हैं। अगैती आलू की तैयारी कर रहे किसानों के लिए बारिश ज्यादा फायदेमंद है। गन्ना मक्का, धान आदि फसलों के लिए भी फायदा है। सब्जियों की फसलों के लिए जरूर नुकसान है। खेतों में पानी भरने से सब्जी की फसलें सड़ने की आशंका है।
जिला कृषि अधिकारी डॉ.राकेश कुमार सिंह के अनुसार सितंबर के अंतिम और अक्तूबर के शुरुआती सप्ताह में अगैती आलू की फसल की बुवाई होती है। इस समय किसान अगैती आलू की बुवाई की तैयारी में लगे हैं। बारिश होने से किसानों को पलेवा नहीं करना पड़ेगा। खेतों में अच्छी नमी होने से अंकुर जल्दी और बेहतर निकलेगा। मक्का, धान, गन्ना व अन्य फसलों को भी लाभ है।
जिला आलू एवं शाकभाजी अधिकारी आरएन वर्मा ने भी बारिश को फायदेमंद बताया है। उनका कहना है कि अगर दो-चार दिन मौसम साफ न हुआ तो फसल लेट हो जाएगी, क्योंकि किसान खेत तैयार नहीं कर पाएंगे। आलू बुवाई के लिए अब मौसम साफ होने की जरूरत है।
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अमानाबाद गांव के किसान कुलदीप कुशवाहा ने बताया कि रानूखेड़ा, बिचपुरी, पसई नगला गांवों के कई किसानों ने अगैती आलू पुखराज की बुवाई कर दी थी। ज्यादा बारिश होने से कुछ खेतों में पानी भर गया। इससे किसान चिंतित हैं। बोई जा चुकी फसल को कुछ नुकसान होगा। जिन खेतों में पानी भर गया है, वहां के किसान कम से कम 10 दिन बुवाई नहीं कर पाएंगे।
कमालगंज क्षेत्र में मक्का की काफी फसल गिर गई है। खेतों में पानी भीभर गया है। मौसम खुलते ही अड़िया (भुट्टे) में दीमक लगने की आशंका भी है। सिंधौली निवासी प्रगतिशील किसान रामप्रकाश पांडेय ने बताया कि कीड़ा लगने से मका के पौधे कमजोर हालत में थे। पौधे में भुट्टे का भी भार था। इसलिए तेज हवा में फसल गिर गई।
कमालगंज। ग्राम पंचायत अजीजलपुर के मजरा भोजापुर निवासी करन सिंह के मकान का एक कमरा शाम करीब छह बजे बारिश के कारण गिर गया। कमरे में रखे बर्तन, बक्सा, कपड़े आदि मलबे में दब गए। करन के परिवार में पत्नी मुन्नी देवी और पांच बच्चे हैं। कमरा गिरने के पांच मिनट पहले ही बच्चे दूसरे कमरे में गए थे। (संवाद)
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जिला कृषि अधिकारी डॉ.राकेश कुमार सिंह के अनुसार सितंबर के अंतिम और अक्तूबर के शुरुआती सप्ताह में अगैती आलू की फसल की बुवाई होती है। इस समय किसान अगैती आलू की बुवाई की तैयारी में लगे हैं। बारिश होने से किसानों को पलेवा नहीं करना पड़ेगा। खेतों में अच्छी नमी होने से अंकुर जल्दी और बेहतर निकलेगा। मक्का, धान, गन्ना व अन्य फसलों को भी लाभ है।
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जिला आलू एवं शाकभाजी अधिकारी आरएन वर्मा ने भी बारिश को फायदेमंद बताया है। उनका कहना है कि अगर दो-चार दिन मौसम साफ न हुआ तो फसल लेट हो जाएगी, क्योंकि किसान खेत तैयार नहीं कर पाएंगे। आलू बुवाई के लिए अब मौसम साफ होने की जरूरत है।
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अमानाबाद गांव के किसान कुलदीप कुशवाहा ने बताया कि रानूखेड़ा, बिचपुरी, पसई नगला गांवों के कई किसानों ने अगैती आलू पुखराज की बुवाई कर दी थी। ज्यादा बारिश होने से कुछ खेतों में पानी भर गया। इससे किसान चिंतित हैं। बोई जा चुकी फसल को कुछ नुकसान होगा। जिन खेतों में पानी भर गया है, वहां के किसान कम से कम 10 दिन बुवाई नहीं कर पाएंगे।
कमालगंज क्षेत्र में मक्का की काफी फसल गिर गई है। खेतों में पानी भीभर गया है। मौसम खुलते ही अड़िया (भुट्टे) में दीमक लगने की आशंका भी है। सिंधौली निवासी प्रगतिशील किसान रामप्रकाश पांडेय ने बताया कि कीड़ा लगने से मका के पौधे कमजोर हालत में थे। पौधे में भुट्टे का भी भार था। इसलिए तेज हवा में फसल गिर गई।
कमालगंज। ग्राम पंचायत अजीजलपुर के मजरा भोजापुर निवासी करन सिंह के मकान का एक कमरा शाम करीब छह बजे बारिश के कारण गिर गया। कमरे में रखे बर्तन, बक्सा, कपड़े आदि मलबे में दब गए। करन के परिवार में पत्नी मुन्नी देवी और पांच बच्चे हैं। कमरा गिरने के पांच मिनट पहले ही बच्चे दूसरे कमरे में गए थे। (संवाद)