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स्कूलों के लिए खरीदे 148 कंप्यूटरों में 22 का पता नहीं
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
Updated Tue, 17 Mar 2015 11:09 PM IST
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बेसिक शिक्षा विभाग के पूर्व माध्यमिक स्कूलों के नौनिहालों को कंप्यूटर
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शिक्षा देने के लिए खरीदे गए 148 कंप्यूटरों में 22 गायब हैं। यह कंप्यूटर
कहां गए इसका विभाग के पास कोई लेखा-जोखा नहीं है। विभागीय अधिकारी एक
दूसरे की जिम्मेदारी बता कर अपना पल्ला झाड़ने में लगे हैं। यह कंप्यूटर
कहां गए इसकी अफसरों तक को जानकारी नहीं है।
बेसिक शिक्षा विभाग के पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले नौनिहालों को कंप्यूटर शिक्षा देने को सर्व शिक्षा अभियान के तहत कंप्यूटर खरीदे गए थे। इनकी खरीद वर्ष 2010 से पूर्व हुई और अभियान के तहत एक लाख रुपये प्रति कंप्यूटर के हिसाब से लगभग 148 कंप्यूटरों की खरीदारी की गई। कंप्यूटर, मेज व अन्य सामग्री खरीदने के बाद इन्हें भेजने के लिए
प्रत्येक ब्लाक में प्रमुख स्कूलों का चयन हुआ। चयनित स्कूलों में नौनिहालों को शिक्षित करने को कंप्यूटर भेजने के दौरान खेल किया गया। कागजों में कंप्यूटरों का आवंटन दिखाया गया लेकिन वह स्कूल नहीं पहुंचे। विभागीय कर्मचारियों के इस खेल में 22 कंप्यूटर गायब हो गए। यह कंप्यूटर कहां है, इसकी ब्लाक से जिला मुख्यालय तक के अफसरों को जानकारी नहीं है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कंप्यूटरों के संबंध में सभी खंड शिक्षा अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी तो 22 कंप्यूटरों का घालमेल मिला। इससे विभाग में हड़कंप शुरू हुआ। इस मामले को अधिकारियों ने दबाना शुरू कर दिया। वह एक दूसरे की जिम्मेदारी बता कर अपना पल्ला झाड़ने में लगे है। किसी भी अधिकारी को 22 कंप्यूटरों के संबंध में कोई जानकारी नहीं है।
अभी तक की गई कार्रवाई
स्कूलों के कंप्यूटरों की तलाश को अभी तक विभागीय अधिकारियों ने एक से दूसरे के पास खूब पत्राचार किया है लेकिन परिणाम शून्य रहा। बीएसए ने कंप्यूटर शिक्षा के तत्कालीन प्रभारी जिला समन्वयक और सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को जानकारी दिए जाने के लिए पत्र लिखा। इनके जवाबों में गायब कंप्यूटरों की स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।
वर्जन
स्कूलों के लिए 148 कंप्यूटर खरीदे गए थे। इसमें 22 कंप्यूटरों की जानकारी नहीं है कि यह कहां है। इस संबंध में पूर्व जिला समन्वयक सुनील आर्या को पत्र लिखकर जानकारी मांगी गई है। पूर्व जिला समन्वयक को कई बार पत्र लिखा गया है। लेकिन तक स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं कराई है। सुनील आर्या के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग के निदेशक को पत्र भेजा गया है।-योगराज सिंह, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी
बेसिक शिक्षा विभाग के पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले नौनिहालों को कंप्यूटर शिक्षा देने को सर्व शिक्षा अभियान के तहत कंप्यूटर खरीदे गए थे। इनकी खरीद वर्ष 2010 से पूर्व हुई और अभियान के तहत एक लाख रुपये प्रति कंप्यूटर के हिसाब से लगभग 148 कंप्यूटरों की खरीदारी की गई। कंप्यूटर, मेज व अन्य सामग्री खरीदने के बाद इन्हें भेजने के लिए
प्रत्येक ब्लाक में प्रमुख स्कूलों का चयन हुआ। चयनित स्कूलों में नौनिहालों को शिक्षित करने को कंप्यूटर भेजने के दौरान खेल किया गया। कागजों में कंप्यूटरों का आवंटन दिखाया गया लेकिन वह स्कूल नहीं पहुंचे। विभागीय कर्मचारियों के इस खेल में 22 कंप्यूटर गायब हो गए। यह कंप्यूटर कहां है, इसकी ब्लाक से जिला मुख्यालय तक के अफसरों को जानकारी नहीं है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कंप्यूटरों के संबंध में सभी खंड शिक्षा अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी तो 22 कंप्यूटरों का घालमेल मिला। इससे विभाग में हड़कंप शुरू हुआ। इस मामले को अधिकारियों ने दबाना शुरू कर दिया। वह एक दूसरे की जिम्मेदारी बता कर अपना पल्ला झाड़ने में लगे है। किसी भी अधिकारी को 22 कंप्यूटरों के संबंध में कोई जानकारी नहीं है।
अभी तक की गई कार्रवाई
स्कूलों के कंप्यूटरों की तलाश को अभी तक विभागीय अधिकारियों ने एक से दूसरे के पास खूब पत्राचार किया है लेकिन परिणाम शून्य रहा। बीएसए ने कंप्यूटर शिक्षा के तत्कालीन प्रभारी जिला समन्वयक और सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को जानकारी दिए जाने के लिए पत्र लिखा। इनके जवाबों में गायब कंप्यूटरों की स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।
वर्जन
स्कूलों के लिए 148 कंप्यूटर खरीदे गए थे। इसमें 22 कंप्यूटरों की जानकारी नहीं है कि यह कहां है। इस संबंध में पूर्व जिला समन्वयक सुनील आर्या को पत्र लिखकर जानकारी मांगी गई है। पूर्व जिला समन्वयक को कई बार पत्र लिखा गया है। लेकिन तक स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं कराई है। सुनील आर्या के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग के निदेशक को पत्र भेजा गया है।-योगराज सिंह, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी