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Farrukhabad News: जहरखुरान के शिकार को आधा घंटे बाद मिला इलाज
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फर्रुखाबाद। शहर के लालगेट पर पड़ा मिला जहरखुरान गिरोह के शिकार यात्री को लोहिया की इमरजेंसी में आधा घंटे बाद इलाज मिल सका। कर्मचारी बैठे बातें करते रहे और यात्री स्टेचर पर पड़ा रहा। यही नहीं इमरजेंसी में ड्यूटी डॉक्टर एक घंटे देरी से पहुंचे।
शुक्रवार शाम करीब साढ़े सात बजे बस का स्टाफ जहरखुरान गिरोह के शिकार 45 साल के यात्री को बेहोशी की हालत में लालगेट पर छोड़कर चला गया। एंबुलेंस से उसे रात आठ बजे लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। फार्मासिस्ट हरिश्याम सिंह ने भर्ती करने के बाद संबंधित स्टाफ को इलाज शुरू करने के लिए कहा। संबंधित स्टाफ ने उसका इलाज शुरू नहीं किया। आधा घंटे बाद एक दूसरी महिला मृत अवस्था में आई, तो फार्मासिस्ट उसे देखने गए। पता चला कि जहरखुरान गिरोह के शिकार यात्री का इलाज शुरू नहीं हो सका था। इस पर नाराजगी जताकर उसका इलाज शुरू कराया। 30 मिनट तक यात्री बिना इलाज के ही स्ट्रेचर पर पड़ा रहा।
यही नहीं इमरजेंसी में रात आठ से सुबह आठ बजे तक की ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर भी एक घंटे देरी से रात नौ बजे के बाद अस्पताल पहुंचे। बेहोशी हालत में पहुंची एक महिला के इलाज के लिए फार्मासिस्ट ने डॉक्टर को फोन किया, तो उन्होंने कुछ देर में पहुंचने की बात कही। मगर महिला की मौत हो चुकी थी। गनीमत रही कि परिजन उसे लेकर चले गए। सीएमएस डॉ. राजकुमार ने बताया कि किसी स्टाफ ने इसकी जानकारी नहीं दी। वह इस मामले को दिखवाएंगे।
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शुक्रवार शाम करीब साढ़े सात बजे बस का स्टाफ जहरखुरान गिरोह के शिकार 45 साल के यात्री को बेहोशी की हालत में लालगेट पर छोड़कर चला गया। एंबुलेंस से उसे रात आठ बजे लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। फार्मासिस्ट हरिश्याम सिंह ने भर्ती करने के बाद संबंधित स्टाफ को इलाज शुरू करने के लिए कहा। संबंधित स्टाफ ने उसका इलाज शुरू नहीं किया। आधा घंटे बाद एक दूसरी महिला मृत अवस्था में आई, तो फार्मासिस्ट उसे देखने गए। पता चला कि जहरखुरान गिरोह के शिकार यात्री का इलाज शुरू नहीं हो सका था। इस पर नाराजगी जताकर उसका इलाज शुरू कराया। 30 मिनट तक यात्री बिना इलाज के ही स्ट्रेचर पर पड़ा रहा।
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यही नहीं इमरजेंसी में रात आठ से सुबह आठ बजे तक की ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर भी एक घंटे देरी से रात नौ बजे के बाद अस्पताल पहुंचे। बेहोशी हालत में पहुंची एक महिला के इलाज के लिए फार्मासिस्ट ने डॉक्टर को फोन किया, तो उन्होंने कुछ देर में पहुंचने की बात कही। मगर महिला की मौत हो चुकी थी। गनीमत रही कि परिजन उसे लेकर चले गए। सीएमएस डॉ. राजकुमार ने बताया कि किसी स्टाफ ने इसकी जानकारी नहीं दी। वह इस मामले को दिखवाएंगे।
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