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मरीजों ने फिजीशियन की कुर्सी धकियाई, इलाज बंद

Mon, 04 Oct 2021 11:27 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 04 Oct 2021 11:27 PM IST
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Physician who survived falling from a chair in a scuffle with patients
लोहिया अस्पताल की ओपीडी में डॉ. अशोक कुमार के कक्ष में लगी भीड़। संवाद - फोटो : FARRUKHABAD
फर्रुखाबाद। लोहिया अस्पताल में पहुंची मरीजों की भीड़ में पर्चा बनवाने से लेकर फिजीशियन कक्ष तक जमकर धक्का मुक्की हुई। इसमें फिजीशियन कुर्सी समेत गिरते बचे। स्थिति बेकाबू होती देख सीएमएस को पुलिस बुलानी पड़ी। पुलिस के पहरे में पर्चे बनाने के साथ ओपीडी में मरीजों को देखा गया। अकेले फिजीशियन ने 720 मरीजों को देखा।
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डॉ. राममनोहर लोहिया पुरुष अस्पताल की ओपीडी में सोमवार को 999 मरीज पहुंचे। इसमेंखांसी, जुकाम, बुखार मरीजों की संख्या सबसे ज्यादा रही। मरीजों की भीड़ के कारण फिजीशियन डॉ.अशोक कुमार के कक्ष में पहले दिखाने के लिए धक्का मुक्की होती रही। 10-10 लोग मरीज डॉक्टर को पर्चे थमाने लगे। धक्का मुक्की में डॉ.अशोक कुर्सी सहित हिल गए। वह गिरते गिरते बचे। परेशान डॉक्टर उठाकर चले गए और प्रभारी सीएमएस से शिकायत की।
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सीएमएस को कोतवाली से पुलिस बुलानी पड़ी। चार पुलिसकर्मी कोतवाली से पहुंचे। इसमें दो को पर्चा काउंटर और दो को फिजीशियन कक्ष में लगाया गया। इसके बाद फिजीशियन ने मरीजों को देखना शुरू किया। दो बजे के बाद तक फिजीशियन ने 720 मरीज देखे। 12 बजे तक अन्य डॉक्टर ओपीडी से जा चुके थे। एक आर्थो सर्जन के कमरे में बैठा कर्मी सो रहा था।
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फतेहगढ़ के मोहल्ला नगला दीना के अशोक कुमार का पुत्र रोहित (17) बुखार से परेशान था। वह खड़ा नहीं हो पा रहा था। मां उसे अस्पताल लेकर पहुंचीं थी। फिजीशियन कक्ष में भीड़ के कारण बाहर मरीज मां की गोद में सिर रखकर लेटा रहा। मां ने बताया कि डेढ़ घंटे से अधिक समय हो गया है। भीड़ में डॉक्टर के पास कैसे जाऊं।
हथियापुर निवासी रूमाली (80) शनिवार को घर में गिर गईं थीं। उनके पौत्र सूरज ने भर्ती कराया था। सोमवार को डॉक्टर को एक्सरे दिखाना था। सूरज दादी को लेकर करीब ढाई घंटे तक आर्थो सर्जन के कक्ष के सामने खड़ा रहा। वह कमरे में नहीं थे। मरीज ग्लूकोज की बोतल हाथ में पकड़े स्ट्रेचर पर लेटी रहीं और पौत्र डॉक्टर की तलाश करता रहा। डॉक्टर सूरज को नहीं मिल पाए। सूरज ने बताया कि प्राइवेट अस्पताल में ले जाने के लिए पैसे नहीं हैं।
लोहिया अस्पताल में डाक्टरों के 29 पद सृजित हैं। इसमें केवल नौ डॉक्टरों की तैनाती है। आठ स्थायी और एक संविदा पर तैनात हैं। फिजीशियन के चार पदों में केवल एक ही डॉक्टर की तैनाती है।
तीन अक्तूबर को सर्जन डॉ. इमरान अली की संविदा समाप्त कर हो गई है। अब अस्पताल में ऑपरेशन नहीं हो पाएंगे। लिहाजा मरीजों का भटकना तय माना जा रहा है। इससे पहले सप्ताह में औसतन पांच ऑपरेशन हो जाते थे।

इस वक्त फिजीशियन की सख्त जरूरत है। वैसे भी डॉक्टर नहीं हैं। शासन और सीएमओ को भी अवगत करा चुका हूं। मजबूरी में काम चला रहे हैं। जैसे ही डॉक्टर मिलते हैं, व्यवस्थाएं और सुधरेगी। -डॉ. राजकुमार गुप्त, सीएमएस, लोहिया पुरुष अस्पताल
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