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लोहिया अस्पताल में उमड़े मरीज
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 06 Mar 2018 12:07 AM IST
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patients in queue
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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होली का त्योहार खत्म होने के बाद लोहिया अस्पताल में मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी। पहले दिखाने की होड़ में मरीज आपस में झगड़ गए। लोगों ने मरीजों को जैसे-तैसे शांत कराया।
सोमवार को डा. राममनोहर लोहिया पुरुष अस्पताल में 1400 मरीजों ने नए पर्चे बनवाए। मरीजों को देखने के लिए फिजीशियन डा.अशोक कुमार, सर्जन डा.गौरव मिश्रा, बाल रोग विशेषज्ञ डा.राजेश तिवारी, हृदय रोग विशेषज्ञ डा.मनोज पांडेय व डा.एसपी सिंह ने मरीजों को देखा। मरीजों की भीड़ को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था की कोई अलग से तैनाती नहीं की थी। डा.राजेश तिवारी के कमरे में मरीजों की भीड़ बढ़ी तो उन्होंने मरीजों से पहले बाहर निकलने को कहा। पांच मिनट तक डा.राजेश तिवारी मरीजों को बाहर निकलने के लिए कहते रहे लेकिन मरीजों ने उनकी एक न सुनी। कमोवेश ऐसा ही कुछ हाल सर्जन के कक्ष के बाहर था। हड्डी रोग विशेषज्ञ डा.बीके दुबे मरीजों का प्लास्टर करने में व्यस्त रहे। वहीं डा.पंकज शुक्ला व डा.विवेक सक्सेना के कमरों में ताला लटकता रहा। पर्चा काउंटर पर पहले पर्चा बनवाने को मरीजों में मुहांचाही होती रही। वाहन स्टैंड पर किसी की तैनाती न होने के चलते अस्पताल परिसर में ही वाहनों का जखीरा लगा रहा। वहीं दवा लेेने के लिए मरीजों की लंबी कतारें दवाखाने के बाहर लगी रहीं।
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सोमवार को डा. राममनोहर लोहिया पुरुष अस्पताल में 1400 मरीजों ने नए पर्चे बनवाए। मरीजों को देखने के लिए फिजीशियन डा.अशोक कुमार, सर्जन डा.गौरव मिश्रा, बाल रोग विशेषज्ञ डा.राजेश तिवारी, हृदय रोग विशेषज्ञ डा.मनोज पांडेय व डा.एसपी सिंह ने मरीजों को देखा। मरीजों की भीड़ को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था की कोई अलग से तैनाती नहीं की थी। डा.राजेश तिवारी के कमरे में मरीजों की भीड़ बढ़ी तो उन्होंने मरीजों से पहले बाहर निकलने को कहा। पांच मिनट तक डा.राजेश तिवारी मरीजों को बाहर निकलने के लिए कहते रहे लेकिन मरीजों ने उनकी एक न सुनी। कमोवेश ऐसा ही कुछ हाल सर्जन के कक्ष के बाहर था। हड्डी रोग विशेषज्ञ डा.बीके दुबे मरीजों का प्लास्टर करने में व्यस्त रहे। वहीं डा.पंकज शुक्ला व डा.विवेक सक्सेना के कमरों में ताला लटकता रहा। पर्चा काउंटर पर पहले पर्चा बनवाने को मरीजों में मुहांचाही होती रही। वाहन स्टैंड पर किसी की तैनाती न होने के चलते अस्पताल परिसर में ही वाहनों का जखीरा लगा रहा। वहीं दवा लेेने के लिए मरीजों की लंबी कतारें दवाखाने के बाहर लगी रहीं।
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