{"_id":"629cf4e0be1abc2eb72a750f","slug":"patients-are-getting-health-without-doctors-at-urban-phc-farrukhabad-news-knp700803384","type":"story","status":"publish","title_hn":"नगरीय पीएचसी पर बिना डॉक्टर मरीज हो रहे आरोग्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नगरीय पीएचसी पर बिना डॉक्टर मरीज हो रहे आरोग्य
विज्ञापन
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भोलेपुर में मरीज की जांच करता एलटी। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
फर्रुखाबाद। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से आरोग्य मेलों का मरीजों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। नगरीय पीएचसी भोलेपुर और नौलक्खा में डॉक्टर नहीं हैं। यहां फार्मासिस्टों ने ही मरीजों को देखकर दवाएं दीं।
मुख्यमंत्री आरोग्य मेला अब औपचारिकता बनकर रह गया है। स्वास्थ्य विभाग डॉक्टरों की ड्यूटी पर भी ध्यान नहीं दे रहा है। इससे फार्मासिस्ट के भरोसे मरीज आरोग्य किए जा रहे हैं। नगरीय पीएचसी भोलेपुर की बात करें तो यहां किसी डॉक्टर की तैनाती ही नहीं है।
आरोग्य मेले में भी किसी डॉक्टर की ड्यूटी नहीं लगाई गई। रविवार को फार्मासिस्ट अखिलेश ने 39 मरीज देखे और खुजली, जुकाम बुखार, पेट दर्द आदि की दवाएं दीं। एलटी विनय कुमार ने 18 मरीजों की जांच की।
विज्ञापन
इनमें सात मरीज शुगर के निकले। सफाई कर्मी की मनमानी से अस्पताल में जाले लटक रहे हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आकर कुछ देर बैठने के बाद चली गईं। सीएचओ अंजली, स्टाफ नर्स विजय लक्ष्मी आदि मौजूद रहीं।
शहर के मोहल्ला नौलक्खा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर आरोग्य मेले में डॉ. मधु अग्रवाल कभी आती ही नहीं हैं। आयुष डॉ. नवनीत गुप्ता ने 15 मरीज देखे। अस्पताल में आयुर्वेदिक दवाएं न होने से उन्होंने मरीजों को एलोपैथिक दवाएं लिखीं। एलटी के ड्यूटी पर न आने से कोई भी जांच नहीं हो सकी।
नगरीय पीएचसी रकाबगंज का प्रभारी सीएमओ/एसीएमओ डॉ. दलवीर सिंह ने निरीक्षण किया तो डॉ. शोभा सक्सेना की कुर्सी खाली पड़ी थी। फार्मासिस्ट ने कुल मरीजों को देखकर दवाई दी। प्रभारी सीएमओ ने बताया कि डॉक्टर अवकाश पर गई थीं। दूसरे डॉक्टर की ड्यूटी न लगाने के संबंध में पूछने पर वह कुछ नहीं बोले।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री आरोग्य मेला अब औपचारिकता बनकर रह गया है। स्वास्थ्य विभाग डॉक्टरों की ड्यूटी पर भी ध्यान नहीं दे रहा है। इससे फार्मासिस्ट के भरोसे मरीज आरोग्य किए जा रहे हैं। नगरीय पीएचसी भोलेपुर की बात करें तो यहां किसी डॉक्टर की तैनाती ही नहीं है।
विज्ञापन
आरोग्य मेले में भी किसी डॉक्टर की ड्यूटी नहीं लगाई गई। रविवार को फार्मासिस्ट अखिलेश ने 39 मरीज देखे और खुजली, जुकाम बुखार, पेट दर्द आदि की दवाएं दीं। एलटी विनय कुमार ने 18 मरीजों की जांच की।
विज्ञापन
इनमें सात मरीज शुगर के निकले। सफाई कर्मी की मनमानी से अस्पताल में जाले लटक रहे हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आकर कुछ देर बैठने के बाद चली गईं। सीएचओ अंजली, स्टाफ नर्स विजय लक्ष्मी आदि मौजूद रहीं।
शहर के मोहल्ला नौलक्खा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर आरोग्य मेले में डॉ. मधु अग्रवाल कभी आती ही नहीं हैं। आयुष डॉ. नवनीत गुप्ता ने 15 मरीज देखे। अस्पताल में आयुर्वेदिक दवाएं न होने से उन्होंने मरीजों को एलोपैथिक दवाएं लिखीं। एलटी के ड्यूटी पर न आने से कोई भी जांच नहीं हो सकी।
नगरीय पीएचसी रकाबगंज का प्रभारी सीएमओ/एसीएमओ डॉ. दलवीर सिंह ने निरीक्षण किया तो डॉ. शोभा सक्सेना की कुर्सी खाली पड़ी थी। फार्मासिस्ट ने कुल मरीजों को देखकर दवाई दी। प्रभारी सीएमओ ने बताया कि डॉक्टर अवकाश पर गई थीं। दूसरे डॉक्टर की ड्यूटी न लगाने के संबंध में पूछने पर वह कुछ नहीं बोले।