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भारत के लिए सबसे बड़ी समस्या है पाकिस्तान
farrukhabad
Updated Tue, 04 Dec 2018 11:23 PM IST
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दलाई लामा
- फोटो : अमर उजाला
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बौद्ध धर्म गुरु दलाई लामा ने संकिसा स्थित होटल रायल रेजीडेंसी में पत्रकारों से कहा, भारत में सभी धर्मों को सम्मान मिलता है। पर अन्य देशों में ऐसा नहीं है। कश्मीर और तिब्बत की समस्या में अंतर है। तिब्बत एक देश है। कश्मीर एक राज्य है। भारत के लिए पाकिस्तान सबसे बड़ी समस्या है। पर न भारत पाकिस्तान को खत्म करा सकता है और न ही पाकिस्तान भारत को। भारत नदियों का देश है। यह पड़ोसियों को पानी देता है।
दलाईलामा ने कहा कि उनके जीवन का एक बहुत बड़ा हिस्सा भारत में बीता है। मैं शारीरिक रूप से भारतीय नहीं हूं। पर मेरा दिमाग भारतीय है। मैं भारतीय सभ्यता व संस्कृति को अच्छी तरह से जानता और समझता हूं। भारतीयों को अपनी सभ्यता और शिक्षा को भूलना नहीं चाहिए। आधुनिक शिक्षा को भारत में अंग्रेज लाए। भारत में विभिन्न भाषाएं व विभिन्न धर्म हैं पर यहां सभी धर्मों को सम्मान मिलता है। अन्य देशों में ऐसा नहीं है।
कश्मीर, तिब्बत समस्या में अंतर के सवाल पर उन्होंने कहा कि दोनों समस्याओं में अंतर है। कश्मीर एक राज्य है और तिब्बत एक देश है। इस मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र संघ के मंच पर उठाने को लेकर उनकी पंडित नेहरू से बात हुई थी। पर यह मुद्दा वहां नहीं उठ सका। संयुक्त राष्ट्र संघ इस मुद्दे को हल भी नहीं कर सकता है। कश्मीर व तिब्बत मुद्दा बातचीत से ही हल हो सकता है। उन्होंने पंडित नेहरू की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने ही भारत में उन्हें रखा और किसी के विरोध की परवाह नहीं की।
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डोकलाम में चीन की हरकत के सवाल पर कहा कि चीन हर जगह विस्तार चाहता है। यह ठीक नहीं है। चीन के बिना भारत नहीं रह सकता है और भारत के बिना चीन। धर्म निरपेक्षता के सवाल पर उन्होंने कहा कि भारत सभी धर्मों का देश है। अन्य देशों में शिया, सुन्नी में ही विवाद होता रहता है। यहां शिया, सुन्नी में मिलकर रहते हैं।
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दलाईलामा ने कहा कि उनके जीवन का एक बहुत बड़ा हिस्सा भारत में बीता है। मैं शारीरिक रूप से भारतीय नहीं हूं। पर मेरा दिमाग भारतीय है। मैं भारतीय सभ्यता व संस्कृति को अच्छी तरह से जानता और समझता हूं। भारतीयों को अपनी सभ्यता और शिक्षा को भूलना नहीं चाहिए। आधुनिक शिक्षा को भारत में अंग्रेज लाए। भारत में विभिन्न भाषाएं व विभिन्न धर्म हैं पर यहां सभी धर्मों को सम्मान मिलता है। अन्य देशों में ऐसा नहीं है।
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कश्मीर, तिब्बत समस्या में अंतर के सवाल पर उन्होंने कहा कि दोनों समस्याओं में अंतर है। कश्मीर एक राज्य है और तिब्बत एक देश है। इस मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र संघ के मंच पर उठाने को लेकर उनकी पंडित नेहरू से बात हुई थी। पर यह मुद्दा वहां नहीं उठ सका। संयुक्त राष्ट्र संघ इस मुद्दे को हल भी नहीं कर सकता है। कश्मीर व तिब्बत मुद्दा बातचीत से ही हल हो सकता है। उन्होंने पंडित नेहरू की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने ही भारत में उन्हें रखा और किसी के विरोध की परवाह नहीं की।
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डोकलाम में चीन की हरकत के सवाल पर कहा कि चीन हर जगह विस्तार चाहता है। यह ठीक नहीं है। चीन के बिना भारत नहीं रह सकता है और भारत के बिना चीन। धर्म निरपेक्षता के सवाल पर उन्होंने कहा कि भारत सभी धर्मों का देश है। अन्य देशों में शिया, सुन्नी में ही विवाद होता रहता है। यहां शिया, सुन्नी में मिलकर रहते हैं।