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Farrukhabad News: आढ़तों पर धान के ढेर, किसानों को 600 रुपये क्विंटल घाटा

Wed, 05 Nov 2025 12:21 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद Updated Wed, 05 Nov 2025 12:21 AM IST
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Paddy piles up at wholesale markets, farmers lose Rs 600 per quintalPaddy piles up at wholesale markets, farmers lose Rs 600 per quintal
फोटो-12 कमालगंज की मंडी समिति में आढ़तों पर खरीदे जा रहे धान के लगे ढेर। संवाद
कमालगंज। मंडी में इन दिनों धान की आमद बढ़ने से आढ़तियों के यहां खरीदे जा रहे धान के ढेर लग रहे हैं। वहीं जिले के सबसे बड़े ब्लॉक मुख्यालय कमालगंज में सरकारी खरीद केंद्र न बनाए जाने से किसान मायूस हैं।
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मंडी में सस्ता धान बिकने से किसानों को सरकारी खरीद रेट से 600 रुपये क्विंटल का घाटा उठाना पड़ रहा। पिछले कुछ वर्षों में कमालगंज ब्लॉक क्षेत्र में धान की फसल का रकबा बढ़ता जा रहा है। इस समय मंडी में व्यापारियों की आढ़तों पर महीन किस्म का ताज धान दो हजार, 1509 व 1692 किस्म का धान 2400 से 2450 बिक रहा। मोटा धान 1750 रुपये क्विंटल है।
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उधर, कई किसानों ने सरकारी खरीद में लिए जाने वाले मोटे धान की फसल की है। उन्हें इस बार सरकारी खरीद केंद्र न बनने से घाटा उठाना पड़ रहा है। गांधीनगर के करन ने बताया कि उन्हें मंडी में अपना धान 1800 क्विंटल बेचना पड़ा। सरकारी केंद्र होता तो 2369 रुपये क्विंटल के दाम मिल सकते थे।
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खरीद उपकेंद्र खोलने की मांग की
भारतीय किसान यूनियन (पीडीए शक्ति) के अध्यक्ष भोजपुर निवासी सर्वेश सिंह ने मांग की कि मंडी समिति में तत्काल सरकारी धान खरीद उप केंद्र खोला जाए। जिससे मोटा धान करने वाले किसान सरकारी खरीद में धान दे सकें और वह घाटे से बच सकें।
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