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Farrukhabad News: किसानों की रेटिना न मिलने से नहीं हो पा रही धान की तौल
Wed, 05 Nov 2025 12:18 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Wed, 05 Nov 2025 12:18 AM IST
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फोटो-31 मंडी स्थित धान क्रय केंद्र पर रेटिना स्कैन करते एमआई। स्रोत: संवाद
- फोटो : बहराइच में मालगोदाम रोड पर चलते वाहन के पीछे लटके लोग।
कायमगंज। समर्थन मूल्य पर धान बेचने में किसानों को इन दिनों तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
मंडी समिति स्थित धान क्रय केंद्र पर किसानों की पहचान ई-पास मशीन से आधार की रेटिना (आईरिस) स्कैनिंग के जरिए की जा रही है, लेकिन कई किसानों की रेटिना न मिलने से तौल प्रक्रिया बाधित हो रही है।
गांव गूजरपुर की किसान सत्यवती अपनी मक्का तौल कराने के बाद वेरीफिकेशन के लिए पहुंचीं, लेकिन उनकी रेटिना मशीन से मैच नहीं हुई। केंद्र प्रभारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि सत्यवती का मोतियाबिंद का ऑपरेशन हो चुका है, जिससे आधार में दर्ज बायोमीट्रिक अपडेट न होने से मिलान नहीं हो पा रहा। काफी प्रयास के बाद एक बार वेरीफिकेशन सफल हुआ, लेकिन रिकॉर्ड कैंसिल हो गया।
ऐसी तकनीकी बाधाओं के चलते अन्य किसानों की तौल प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही है। मंगलवार को चौथे दिन गांव सलमेपुर दूदेमई के किसान वेदपाल का 38 क्विंटल धान तौलकर आखिरकार केंद्र की बोहनी हुई। किसानों का कहना है कि तकनीकी प्रक्रिया को आसान बनाया जाए, ताकि समय पर फसल बिक्री सुनिश्चित हो सके।
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मंडी समिति स्थित धान क्रय केंद्र पर किसानों की पहचान ई-पास मशीन से आधार की रेटिना (आईरिस) स्कैनिंग के जरिए की जा रही है, लेकिन कई किसानों की रेटिना न मिलने से तौल प्रक्रिया बाधित हो रही है।
गांव गूजरपुर की किसान सत्यवती अपनी मक्का तौल कराने के बाद वेरीफिकेशन के लिए पहुंचीं, लेकिन उनकी रेटिना मशीन से मैच नहीं हुई। केंद्र प्रभारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि सत्यवती का मोतियाबिंद का ऑपरेशन हो चुका है, जिससे आधार में दर्ज बायोमीट्रिक अपडेट न होने से मिलान नहीं हो पा रहा। काफी प्रयास के बाद एक बार वेरीफिकेशन सफल हुआ, लेकिन रिकॉर्ड कैंसिल हो गया।
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ऐसी तकनीकी बाधाओं के चलते अन्य किसानों की तौल प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही है। मंगलवार को चौथे दिन गांव सलमेपुर दूदेमई के किसान वेदपाल का 38 क्विंटल धान तौलकर आखिरकार केंद्र की बोहनी हुई। किसानों का कहना है कि तकनीकी प्रक्रिया को आसान बनाया जाए, ताकि समय पर फसल बिक्री सुनिश्चित हो सके।
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