{"_id":"61f0427e8a01c100543b955d","slug":"omicron-farrukhabad-news-knp677263897","type":"story","status":"publish","title_hn":"संक्रमित सैकड़ों, ओमिक्रॉन जांच किसी की नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संक्रमित सैकड़ों, ओमिक्रॉन जांच किसी की नहीं
विज्ञापन
लोहिया अस्पताल में कोरोना जांच के लिए नमूना लेता कर्मचारी। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फर्रुखाबाद। जिले में कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है लेकिन अभी तक किसी भी संक्रमित की ओमिक्रॉन जांच नहीं कराई गई है। पिछले 20 दिन में 1166 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। एक वृद्धा की मौत हो चुकी है।
कोरोना की तीसरी लहर में नए वैरिएंट ओमिक्रॉन का खतरा ज्यादा बताया जा रहा है। औसतन 38 लोग रोज चपेट में आ रहे हैं। संक्रमितों में डॉक्टर, अधिकारी, पुलिसकर्मी भी शामिल हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ओमिक्रॉन को लेकर सतर्क नहीं दिख रहा है। जिले में अभी तक एक भी मरीज की ओमिक्रॉन जांच नहीं कराई गई है।
जांच के बिना यह पता लगना मुश्किल है कि जिले में ओमिक्रॉन की दस्तक है या नहीं। जिले में आरटीपीसीआर जांच के लिए रोज 600 से 1700 तक नमूने लिए जा रहे हैं। इन नमूनों की लोहिया अस्पताल की बीएसएल-2 लैब व सैफई मेडिकल कॉलेज में जांच कराई जा रही है।
विज्ञापन
ओमिक्रॉन जांच के लिए अलग से नमूने नहीं लिए जाते। आरटीपीसीआर जांच में पॉजिटिव आने पर उसी नमूने की लैब द्वारा ओमिक्रॉन की जांच कराई जाती है। फिलहाल जिले में एक भी नमूने की लैब से ओमिक्रॉन जांच कराए जाने की जानकारी नहीं मिली।
डॉ. अनुराग वर्मा, नोडल अधिकारी, कोरोना सर्विलांस
आरटीपीसीआर जांच के लिए लोहिया अस्पताल में बीएसएल-2 लैब संचालित है। लैब प्रभारी एसीएमओ डॉ. सर्वेश यादव ने बताया कि बीएसएल-2 लैब में रोज 200 नमूनों की जांच होती है। ओमिक्रान जांच कराने के लिए अभी तक शासन से कोई निर्देश नहीं मिले हैं। इससे ओमिक्रान जांच के लिए कोई नमूना भेजा नहीं गया है।
विज्ञापन
कोरोना की तीसरी लहर में नए वैरिएंट ओमिक्रॉन का खतरा ज्यादा बताया जा रहा है। औसतन 38 लोग रोज चपेट में आ रहे हैं। संक्रमितों में डॉक्टर, अधिकारी, पुलिसकर्मी भी शामिल हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ओमिक्रॉन को लेकर सतर्क नहीं दिख रहा है। जिले में अभी तक एक भी मरीज की ओमिक्रॉन जांच नहीं कराई गई है।
विज्ञापन
जांच के बिना यह पता लगना मुश्किल है कि जिले में ओमिक्रॉन की दस्तक है या नहीं। जिले में आरटीपीसीआर जांच के लिए रोज 600 से 1700 तक नमूने लिए जा रहे हैं। इन नमूनों की लोहिया अस्पताल की बीएसएल-2 लैब व सैफई मेडिकल कॉलेज में जांच कराई जा रही है।
विज्ञापन
ओमिक्रॉन जांच के लिए अलग से नमूने नहीं लिए जाते। आरटीपीसीआर जांच में पॉजिटिव आने पर उसी नमूने की लैब द्वारा ओमिक्रॉन की जांच कराई जाती है। फिलहाल जिले में एक भी नमूने की लैब से ओमिक्रॉन जांच कराए जाने की जानकारी नहीं मिली।
डॉ. अनुराग वर्मा, नोडल अधिकारी, कोरोना सर्विलांस
आरटीपीसीआर जांच के लिए लोहिया अस्पताल में बीएसएल-2 लैब संचालित है। लैब प्रभारी एसीएमओ डॉ. सर्वेश यादव ने बताया कि बीएसएल-2 लैब में रोज 200 नमूनों की जांच होती है। ओमिक्रान जांच कराने के लिए अभी तक शासन से कोई निर्देश नहीं मिले हैं। इससे ओमिक्रान जांच के लिए कोई नमूना भेजा नहीं गया है।