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तेज झटका नहीं झेल पाएंगी कई इमारतें

Wed, 13 May 2015 11:21 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद Updated Wed, 13 May 2015 11:21 PM IST
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Not many buildings will be able to withstand sharp blow
घनी बसे फर्रुखाबाद में अगर भूकंप का तेज झटका लगा तो कई इमारतें भरभराकर
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गिर जाएंगी। ऐसे में होने वाली किसी अनहोनी की कल्पना मात्र से ही दिल दहल जाता है। दरअसल शहर में बनी अधिकांश इमारतों के निर्माण में भूकंप से निपटने संबंधी नियमों का पालन नहीं हुआ है। भवन निर्माण का नक्शा पास कराने के दौरान ऐसे किसी भी मानक का उल्लेख होने का

प्रावधान नहीं है। इस कारण अधिकांश लोग मनचाहे तरीके से भवन का निर्माण कर लेते हैं। भूकंप की स्थिति में शहर को भीषण जनहानि और नुकसान हो सकता है। अभी तक भूकंप को लेकर किसी ने कुछ सोचा ही नहीं था लेकिन मात्र 17 दिन के अंदर दो बार भूकंप आने के बाद शहर वासियों की नींद उड़ी हुई है। घनी आबादी में खड़ी ऊंची-ऊंची इमारतें भूकंप के हालात में

बड़ा खतरा हो सकती हैं। ये इमारतें जिन गलियों में स्थित हैं उनमें से अधिकांश में तो आवाजाही तक मुश्किल से होती है । भूकंप के समय से तो खतरा और बढ़ जाता है। कहीं जोरदार भूकंप आया तो हादसा कितना भयानक होगा ये सोचकर ही मन सिहर उठता है। शहर में कुछ ही मकानों को छोड़ दें तो अधिकांश मकान व दुकानों के निर्माण में भूकंपरोधी तकनीकों का

इस्तेमाल नहीं किया गया है। इस कारण भूकंप की स्थिति में भारी क्षति की आशंका बनी हुई है। प्राधिकरण के अवर अभियंता एमके मिश्र ने कहा कि भूकंपरोधी भवन बनाने की जिम्मेदारी भवन स्वामी की होती है। नक्शा पास करने के दौरान भूकंपरोधी संबंधी नियमों का पालन कराने का कोई शासनादेश नहीं है। इस कारण भवन निर्माण का नक्शा पास कर दिया जाता है।
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