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Farrukhabad News: नौ माह से भुगतान नहीं, जल जीवन मिशन अधर में
Thu, 30 Oct 2025 12:08 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Thu, 30 Oct 2025 12:08 AM IST
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फोटो - 21 कमालगंज के गांव महरूपुर बीजल में निर्माणाधीन पानी की टंकी। स्रोत अवर अभियंता
फर्रुखाबाद। जनपद में ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जल जीवन मिशन के तहत गांवों में पानी की टंकियों का निर्माण कराया जा रहा है।
करीब नौ माह से दोनों निर्माण एजेंसियों को शासन से भुगतान न मिलने से जल जीवन मिशन अधर में लटक गया है। कई परियोजनाआें का निर्माण कार्य भी ठप है।
जनपद में जल जीवन मिशन के तहत 378 पानी की टंकियों का निर्माण कराया जा रहा है। इसमें बीटीएल कंपनी को 151 टंकी व जीवीपीआर कंपनी को 227 टंकियों के निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। एक परियोजना की लागत एक करोड़ से लेकर साढ़े तीन करोड़ रुपये तक निर्धारित है।
वर्ष 2022 में शुरू हुआ निर्माण कार्य दिसंबर 2024 तक पूरा होना था। छह माह की अवधि बढ़ाकर जून 2025 तक निर्माण पूरा करने के आदेश दिए। इसके बावजूद काम में तेजी नहीं आई।
हालात यह हैं कि निर्धारित समय के चार माह बाद तक 190 टंकियों का ही निर्माण कराया जा सका। अभी 188 टंकियों का निर्माण पूरा होना शेष है। विभागीय जानकारी के अनुसार निर्माण एजेंसियों का करीब 200 करोड़ रुपये भुगतान बकाया है।
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कुछ गांवों में टंकी निर्माण न होने पर सीधे नलकूप से ही जलापूर्ति शुरू कर दी गई है। यह भी बताया गया कि 202 परियोजनाओं से जलापूर्ति शुरू कर दी गई। जबकि 176 परियोजनाओं से जलापूर्ति अभी शुरू नहीं की जा सकी है।
काम में मनमानी से मिशन अधूरा
जल जीवन मिशन में मनमाने तरीके से काम कराया गया। कई गांवों में डाली गई पाइप लाइन में आधा गांव ही छोड़ दिया गया। राजेपुर क्षेत्र के गांव पिथनापुर, राजपुर सहित ऐसे कई गांव हैं, जिनमें अधूरी पाइप लाइनें डाली गई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदार से अनुरोध करने के बावजूद पिथनापुर गांव के अंदर पाइप लाइन नहीं डाली और न ही कनेक्शन दिए गए हैं।
दोनों कार्यदायी संस्थाओं को शासन से जनवरी 2025 से कोई भुगतान नहीं किया गया। करीब 50 फीसदी भुगतान बकाया है। इसी वजह से निर्माण कार्य में तेजी नहीं आ पा रही है। उन्होंने बताया कि कार्य अवधि बढ़ाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। जून 2026 तक काम पूरा होने की उम्मीद है।
-साजन कुमार, अधिशासी अभियंता, जल निगम ग्रामीण
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करीब नौ माह से दोनों निर्माण एजेंसियों को शासन से भुगतान न मिलने से जल जीवन मिशन अधर में लटक गया है। कई परियोजनाआें का निर्माण कार्य भी ठप है।
जनपद में जल जीवन मिशन के तहत 378 पानी की टंकियों का निर्माण कराया जा रहा है। इसमें बीटीएल कंपनी को 151 टंकी व जीवीपीआर कंपनी को 227 टंकियों के निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। एक परियोजना की लागत एक करोड़ से लेकर साढ़े तीन करोड़ रुपये तक निर्धारित है।
वर्ष 2022 में शुरू हुआ निर्माण कार्य दिसंबर 2024 तक पूरा होना था। छह माह की अवधि बढ़ाकर जून 2025 तक निर्माण पूरा करने के आदेश दिए। इसके बावजूद काम में तेजी नहीं आई।
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हालात यह हैं कि निर्धारित समय के चार माह बाद तक 190 टंकियों का ही निर्माण कराया जा सका। अभी 188 टंकियों का निर्माण पूरा होना शेष है। विभागीय जानकारी के अनुसार निर्माण एजेंसियों का करीब 200 करोड़ रुपये भुगतान बकाया है।
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कुछ गांवों में टंकी निर्माण न होने पर सीधे नलकूप से ही जलापूर्ति शुरू कर दी गई है। यह भी बताया गया कि 202 परियोजनाओं से जलापूर्ति शुरू कर दी गई। जबकि 176 परियोजनाओं से जलापूर्ति अभी शुरू नहीं की जा सकी है।
काम में मनमानी से मिशन अधूरा
जल जीवन मिशन में मनमाने तरीके से काम कराया गया। कई गांवों में डाली गई पाइप लाइन में आधा गांव ही छोड़ दिया गया। राजेपुर क्षेत्र के गांव पिथनापुर, राजपुर सहित ऐसे कई गांव हैं, जिनमें अधूरी पाइप लाइनें डाली गई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदार से अनुरोध करने के बावजूद पिथनापुर गांव के अंदर पाइप लाइन नहीं डाली और न ही कनेक्शन दिए गए हैं।
दोनों कार्यदायी संस्थाओं को शासन से जनवरी 2025 से कोई भुगतान नहीं किया गया। करीब 50 फीसदी भुगतान बकाया है। इसी वजह से निर्माण कार्य में तेजी नहीं आ पा रही है। उन्होंने बताया कि कार्य अवधि बढ़ाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। जून 2026 तक काम पूरा होने की उम्मीद है।
-साजन कुमार, अधिशासी अभियंता, जल निगम ग्रामीण