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Farrukhabad News: बोआई के लिए फसल नहीं, डेढ़ गुना बिक गई डीएपी, डंप की आशंका
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फोटो-29 नवाबगंज में खाद की दुकान पर जानकारी करते उप कृषि निदेशक अरविंद मोहन मिश्रा। संवाद
- फोटो : 1
फर्रुखाबाद। जनपद में इन दिनों भले ही फसलों की बुआई नहीं हो रही है लेकिन डीएपी खाद की बिक्री बढ़कर डेढ़ गुनी पहुंच गई है। यूरिया की भी मांग बढ़ने के साथ एनपीके की खपत दोगुनी हो गई। वहीं सिंगल सुपर फास्फेट की बिक्री तो छह गुनी बढ़ गई है। अभी इस माह से नौ दिन शेष हैं। इससे खाद डंप किए जाने की आशंका बढ़ गई है।
रबी व आलू की फसल बुआई के दौरान डीएपी व एनपीके खाद के लिए हाय-तौबा मची रही। आलू की खोदाई के बाद मक्का की फसल बुआई में डीएपी व यूरिया खाद की अधिक जरूरत नहीं होगी। अप्रैल में किसी फसल की बुआई नहीं होती। इसके बावजूद खाद की बिक्री लगातार बढ़ती जा रही है।
बिना जरूरत के उर्वरक की बढ़ रही मांग से डंपिंग की आशंका बढ़ती जा रही है। अभी से अंकुश नहीं लगा तो खरीफ की फसल बुआई के दौरान किसानों को खाद के लिए दिक्कत न उठानी पड़ जाए। हालात यह हैं कि गत वर्ष के सापेक्ष अप्रैल के 16 दिनों में 135 प्रतिशत खाद बिक्री अधिक हो चुकी है। जबकि 14 दिन की खाद बिक्री का हिसाब अभी बाकी है।
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गत वर्ष अप्रैल में 3671 मीट्रिक टन यूरिया की बिक्री हुई थी, जो इस वर्ष 16 अप्रैल तक 4375 मीट्रिक टन यूरिया बिक चुकी है। वहीं फसल बुआई के दौरान डाली जाने वाली डीएपी गत वर्ष 388 मीट्रिक टन बिकी थी। इस वर्ष डेढ़ गुनी मांग बढ़ने के साथ डीएपी की बिक्री 658 मीट्रिक टन हो चुकी है। एमओपी 32 मीट्रिक टन से बढ़कर 85 मीट्रिक टन और एनपीके 174 से बढ़कर 339 मीट्रिक टन पहुंच गई। वहीं सिंगल सुपर फास्फेट की बिक्री तो छह गुनी बढ़ गई। गत वर्ष मात्र 67 मीट्रिक टन बिकने वाली सिंगल सुपर फास्फेट 16 दिन में ही 416 मीट्रिक टन बिक चुकी है। उर्वरकों की बेतहाशा बढ़ती बिक्री को देखते हुए डंप किए जाने की आशंका है। यह चंद किसानों की मिलीभगत से दुकानदार व समितियों के सचिव खेल करने में जुटे हैं।
20 बोरी से अधिक खाद लेने वालों की होगी जांच
उप कृषि निदेशक व प्रभारी जिला कृषि अधिकारी अरविंद मोहन मिश्र ने बताया कि इन दिनों किसी फसल की बुआई नहीं चल रही है। 10 अप्रैल तक कुछ किसानों मक्का की फसल बोई थी। खाद की जमाखोरी न हो, इसके लिए 20 बोरी से अधिक खाद लेने वाले किसानों की जांच के निर्देश दिए हैं। एक किसान की जांच की जा रही है। उर्वरक की जमाखोरी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने यह भी बताया जिले में लक्ष्य के सापेक्ष यूरिया का 262 प्रतिशत व डीएपी का 851 प्रतिशत स्टॉक उपलब्ध है।
अप्रैल में तुलनात्मक उर्वरक बिक्री की स्थिति मीट्रिक टन में
उर्वरक - बिक्री 2025 - बिक्री 2026
यूरिया - 3671 - 4375
डीएपी - 388 - 658
एमओपी - 32 - 85
एनपीके - 174 - 339
सिं.सु.फा. - 67 - 416
कुल - 4332 - 5873
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रबी व आलू की फसल बुआई के दौरान डीएपी व एनपीके खाद के लिए हाय-तौबा मची रही। आलू की खोदाई के बाद मक्का की फसल बुआई में डीएपी व यूरिया खाद की अधिक जरूरत नहीं होगी। अप्रैल में किसी फसल की बुआई नहीं होती। इसके बावजूद खाद की बिक्री लगातार बढ़ती जा रही है।
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बिना जरूरत के उर्वरक की बढ़ रही मांग से डंपिंग की आशंका बढ़ती जा रही है। अभी से अंकुश नहीं लगा तो खरीफ की फसल बुआई के दौरान किसानों को खाद के लिए दिक्कत न उठानी पड़ जाए। हालात यह हैं कि गत वर्ष के सापेक्ष अप्रैल के 16 दिनों में 135 प्रतिशत खाद बिक्री अधिक हो चुकी है। जबकि 14 दिन की खाद बिक्री का हिसाब अभी बाकी है।
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गत वर्ष अप्रैल में 3671 मीट्रिक टन यूरिया की बिक्री हुई थी, जो इस वर्ष 16 अप्रैल तक 4375 मीट्रिक टन यूरिया बिक चुकी है। वहीं फसल बुआई के दौरान डाली जाने वाली डीएपी गत वर्ष 388 मीट्रिक टन बिकी थी। इस वर्ष डेढ़ गुनी मांग बढ़ने के साथ डीएपी की बिक्री 658 मीट्रिक टन हो चुकी है। एमओपी 32 मीट्रिक टन से बढ़कर 85 मीट्रिक टन और एनपीके 174 से बढ़कर 339 मीट्रिक टन पहुंच गई। वहीं सिंगल सुपर फास्फेट की बिक्री तो छह गुनी बढ़ गई। गत वर्ष मात्र 67 मीट्रिक टन बिकने वाली सिंगल सुपर फास्फेट 16 दिन में ही 416 मीट्रिक टन बिक चुकी है। उर्वरकों की बेतहाशा बढ़ती बिक्री को देखते हुए डंप किए जाने की आशंका है। यह चंद किसानों की मिलीभगत से दुकानदार व समितियों के सचिव खेल करने में जुटे हैं।
20 बोरी से अधिक खाद लेने वालों की होगी जांच
उप कृषि निदेशक व प्रभारी जिला कृषि अधिकारी अरविंद मोहन मिश्र ने बताया कि इन दिनों किसी फसल की बुआई नहीं चल रही है। 10 अप्रैल तक कुछ किसानों मक्का की फसल बोई थी। खाद की जमाखोरी न हो, इसके लिए 20 बोरी से अधिक खाद लेने वाले किसानों की जांच के निर्देश दिए हैं। एक किसान की जांच की जा रही है। उर्वरक की जमाखोरी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने यह भी बताया जिले में लक्ष्य के सापेक्ष यूरिया का 262 प्रतिशत व डीएपी का 851 प्रतिशत स्टॉक उपलब्ध है।
अप्रैल में तुलनात्मक उर्वरक बिक्री की स्थिति मीट्रिक टन में
उर्वरक - बिक्री 2025 - बिक्री 2026
यूरिया - 3671 - 4375
डीएपी - 388 - 658
एमओपी - 32 - 85
एनपीके - 174 - 339
सिं.सु.फा. - 67 - 416
कुल - 4332 - 5873