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गंगा चेतावनी बिंदु के नजदीक, गांवों में भरने लगा पानी
farrukhabad
Updated Sat, 05 Aug 2017 12:03 AM IST
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पानी भरे होने के कारण चारपाई पर बैठकर सब्जी काटती महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला
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फर्रुखाबाद। गंगा का जलस्तर शुक्रवार को 15 सेंटीमीटर पानी बढ़ने से चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर के नजदीक 136.55 मीटर पर पहुंच गया है। इस कारण तराई क्षेत्र के गांवों में कटान तेज होने के साथ गांवों में पानी भरना शुरू हो गया है। पहाड़ों पर हो रही लगातार बारिश से बिजनौर और हरिद्वार में बने बांधों से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है।
शुक्रवार को नरौरा से गंगा में 166149 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इस कारण गंगा के जलस्तर में 15 सेंटीमीटर की बढ़ोत्तरी हुई। शनिवार तक यह जलस्तर चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर को पार करने की सिंचाई विभाग के अधिकारी आशंका जता रहे है। शमसाबाद, अमृतपुर के तराई क्षेत्र में बसे गांवों में पानी भर गया है।
कटरी तौफीक में घरों में भरा पानी
शमसाबाद। गांव कटरी तौफीक के घरों में पानी भरने लगा है। ग्रामीणों ने चारपाई पर बैठकर दिन गुजारा। तख्त व चारपाई पर ही खाना भी बनाया। गांव कटरी तौफीक निवासी अमर सिंह, दाताराम, मदनपाल, नंदकिशोर, महावीर के झोपड़ी में शुक्रवार को पानी भर गया। इस कारण उसमें रखा घरेलू सामान भीगने से बर्बाद हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर जलस्तर और बढ़ा तो उनको अपना आशियाना छोड़ना होगा। प्रशासन उनके ठहरने के लिए उचित स्थान की व्यवस्था करे। ताकि वह जीवन यापन कर सकें।
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स्कूल मैदान में भरा पानी, छात्रा गिरी
शमसाबाद। गांव कटरी तौफीक में प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालय एक परिसर में संचालित है। इन विद्यालय के मैदान में शुक्रवार को पानी भर गया। सुबह पढ़ने आए बच्चों को पानी से गुजर कर कक्षों तक जाना पड़ा। मैदान में कुछ जगह गड्ढा है। छात्रा रत्ना पुत्री सुनील मैदान में भरे पानी में गिर गई। पूर्व माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक राकेश यादव ने छात्रा को बाहर निकाला। प्राइमरी विद्यालय में 130 बच्चे पंजीकृत है इसमें 76 बच्चे उपस्थित हुए। पूर्व माध्यमिक विद्यालय में 54 पंजीकृत बच्चों में से 45 स्कूल आए थे। प्रधानाध्यापिक राकेश कुमार ने बताया कि मैदान में कई जगह गड्ढे होने के कारण बीएसए और एसडीएम से कई बार मिट्टी डलवाने की मांग की थी। लेकिन सुनवाई न होने के कारण मिट्टी नहीं पड़ सकी।
कटान रोकने को लगाई गई बल्लियां तेज धारा में बहने लगी
अमृतपुर। तीसराम की मड़ैया में कटान रोकने को बल्लियां लगाने की सिंचाई विभाग की कवायद को गंगा की तेज धारा ने फेल कर दिया। 200 मीटर में से 150 मीटर तक लगाई गई आधी बल्लियां पानी की तेज धारा में बह गई है। कटान तेज होने से गांव के लोग भयभीत है। कुछ लोग पलायन करने को अपने आशियाने तोड़ने लगे हैं।
प्राइमरी स्कूल हुआ बंद
अमृतपुर। तीसराम की मड़ैया में संचालित प्राइमरी स्कूल को जाने वाले मार्ग पर जगह-जगह पानी भर गया है। इस कारण विद्यालय शुक्रवार से बंद हो गया। स्कूल तक जाने वाला रास्ता बंद हो गया है।
मंझा की मड़ैया जाने को नाव का सहारा
अमृतपुर। टापू पर बसे गांव मंझा की मड़ैया के चारों ओर पानी भर गया है। गांव तक जाने और आने के लिए अब ग्रामीणों के आमने नाव एक मात्र सहारा है। गांव के लोगों ने प्राइवेट स्तर पर नाव की व्यवस्था की है। ग्रामीणों का कहना है कि पानी अधिक बढ़ने पर गांव में पानी भरना शुरू हो जाएगा। तब गांव को छोड़कर जाना होगा।
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शुक्रवार को नरौरा से गंगा में 166149 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इस कारण गंगा के जलस्तर में 15 सेंटीमीटर की बढ़ोत्तरी हुई। शनिवार तक यह जलस्तर चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर को पार करने की सिंचाई विभाग के अधिकारी आशंका जता रहे है। शमसाबाद, अमृतपुर के तराई क्षेत्र में बसे गांवों में पानी भर गया है।
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कटरी तौफीक में घरों में भरा पानी
शमसाबाद। गांव कटरी तौफीक के घरों में पानी भरने लगा है। ग्रामीणों ने चारपाई पर बैठकर दिन गुजारा। तख्त व चारपाई पर ही खाना भी बनाया। गांव कटरी तौफीक निवासी अमर सिंह, दाताराम, मदनपाल, नंदकिशोर, महावीर के झोपड़ी में शुक्रवार को पानी भर गया। इस कारण उसमें रखा घरेलू सामान भीगने से बर्बाद हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर जलस्तर और बढ़ा तो उनको अपना आशियाना छोड़ना होगा। प्रशासन उनके ठहरने के लिए उचित स्थान की व्यवस्था करे। ताकि वह जीवन यापन कर सकें।
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स्कूल मैदान में भरा पानी, छात्रा गिरी
शमसाबाद। गांव कटरी तौफीक में प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालय एक परिसर में संचालित है। इन विद्यालय के मैदान में शुक्रवार को पानी भर गया। सुबह पढ़ने आए बच्चों को पानी से गुजर कर कक्षों तक जाना पड़ा। मैदान में कुछ जगह गड्ढा है। छात्रा रत्ना पुत्री सुनील मैदान में भरे पानी में गिर गई। पूर्व माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक राकेश यादव ने छात्रा को बाहर निकाला। प्राइमरी विद्यालय में 130 बच्चे पंजीकृत है इसमें 76 बच्चे उपस्थित हुए। पूर्व माध्यमिक विद्यालय में 54 पंजीकृत बच्चों में से 45 स्कूल आए थे। प्रधानाध्यापिक राकेश कुमार ने बताया कि मैदान में कई जगह गड्ढे होने के कारण बीएसए और एसडीएम से कई बार मिट्टी डलवाने की मांग की थी। लेकिन सुनवाई न होने के कारण मिट्टी नहीं पड़ सकी।
कटान रोकने को लगाई गई बल्लियां तेज धारा में बहने लगी
अमृतपुर। तीसराम की मड़ैया में कटान रोकने को बल्लियां लगाने की सिंचाई विभाग की कवायद को गंगा की तेज धारा ने फेल कर दिया। 200 मीटर में से 150 मीटर तक लगाई गई आधी बल्लियां पानी की तेज धारा में बह गई है। कटान तेज होने से गांव के लोग भयभीत है। कुछ लोग पलायन करने को अपने आशियाने तोड़ने लगे हैं।
प्राइमरी स्कूल हुआ बंद
अमृतपुर। तीसराम की मड़ैया में संचालित प्राइमरी स्कूल को जाने वाले मार्ग पर जगह-जगह पानी भर गया है। इस कारण विद्यालय शुक्रवार से बंद हो गया। स्कूल तक जाने वाला रास्ता बंद हो गया है।
मंझा की मड़ैया जाने को नाव का सहारा
अमृतपुर। टापू पर बसे गांव मंझा की मड़ैया के चारों ओर पानी भर गया है। गांव तक जाने और आने के लिए अब ग्रामीणों के आमने नाव एक मात्र सहारा है। गांव के लोगों ने प्राइवेट स्तर पर नाव की व्यवस्था की है। ग्रामीणों का कहना है कि पानी अधिक बढ़ने पर गांव में पानी भरना शुरू हो जाएगा। तब गांव को छोड़कर जाना होगा।