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नारद बने अन्नदाता
ब्यूरो/अमर उजाला,फर्रुखाबाद
Updated Sat, 23 Jan 2016 11:32 PM IST
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फर्रुखाबाद। कमालगंज ब्लाक के गांव चौकी महमदपुर निवासी नारद सिंह स्थानीय गांवों के अन्नतदाता बने हैं। उन्होंने आलू का बीज तैयार कर सैकड़ों लोगों को रोजगार दिया है। सरकार इसके एवज में नारद सिंह को 25 फीसदी यानी कि 12 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर अनुदान दे रही है।
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प्रगतिशील किसान नारद सिंह का कहना है कि उन्होंने इस साल 70 बीघा भूमि पर आलू का सरकारी बीज तैयार करने के लिए बुवाई की है। उन्हें बीज के रूप में इसके दो हजार से ढाई हजार रुपये तक प्रति क्विंटल के दाम मिल जाएंगे, जिससे उन्हें न कभी आलू की फसल में घाटा पड़ा और न ही उन्हें कर्ज लेना पड़ा।
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सरकारी बीज तैयार करने के साथ-साथ नारद के आलू का बीज पूरे प्रदेश में विख्यात है। नारद कहते हैं कि वह कभी भी आलू को सब्जी के रूप में नहीं बेचते। वह केवल बीज तैयार करके ही उसे बेचते हैं। उनका कहना है कि एग्रीकल्चर से उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने नौकरी नहीं की और धरती को खोदकर सोना उगाने लगे।
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ग्रीडर और फाउंडेशन वन को प्राप्त कर वह मल्टीप्लाई करके बीज तैयार करते हैं। इसमें सैकड़ों युवकों को रोजगार मिल गया है। चौकी महमदपुर में तैयार किया गया बीज शासन से प्रमाणित करके किसानों को दिया जाता है। नारद के खेतों में मौजूदा समय में आलू की फसल लहलहा रही है। सरकारी आलू के साथ-साथ उन्होंने अपने खुद के 200 बीघा में आलू तैयार किया है।
नारद सिंह की पैतृक भूमि केवल ढाई बीघा थी और मौजूदा समय में नई तकनीकी से खेती करके तीन सौ बीघा भूमि के मालिक बन गए हैं। नारद सिंह से कृषि तकनीकी की जानकारी बड़े-बड़े कृषि वैज्ञानिक भी ले रहे हैं। शासन से उन्हें कई बार पुरस्कृत किया जा चुका है और प्रगतिशील किसान का दर्जा भी दिया जा चुका है। जिला आलू विकास अधिकारी नेपालराम का कहना है कि नारद सिंह कश्यप ने अपने गांव की ही नहीं, बल्कि आसपास के गांवों के युवकों को नई तकनीकी से खेती कर रोजगार दिया है।