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तकनीकी खराबी से 24 घंटे में दो बार बंद हुई चीनी मिल में पेराई
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कायमगंज। मशीनों में आई खराबी के कारण चीनी मिल में पेराई कार्य 24 घंटे में दो बार बंद हो चुका है। इससे किसान खासे परेशान हैं। उनका कहना है कि कहीं ऐसा न हो कि गन्ना उनके खेतों में ही पड़ा रह जाए और मिल बंद हो जाए। अगर ऐसा हुआ तो क्षेत्र के किसानों का भारी नुकसान होगा।
चीनी मिल की मशीनें 46 साल पुरानी हो चुकी हैं। हालांकि सत्र शुरू होने से पहले मशीनों के मेंटीनेंस के लिए एक करोड़ से अधिक की रकम आती है। इस सत्र भी एक करोड़ 30 लाख रुपये आए। पूरे सीजन तकरीबन मिल में पेराई कार्य ठीक ठाक चला। अब सीजन के अंत में जर्जर मशीनें दिक्कत कर रहीं हैं। मंगलवार सुबह 8 बजे आई डी फैन में खराबी होने से 6 घंटे पेराई बंद रही।
तकनीकी कर्मचारियों ने मरम्मत कर 2 बजे पेराई कार्य शुरू करा दिया। पूरी रात पेराई चली। बुधवार सुबह 9 बजे गन्ने को क्रश करने वाले बेलन में गन्ना फंस गया। इससे पेराई ठप हो गई। कर्मचारियों ने बेलन से फंसे गन्ने की सफाई की। 12:10 बजे पेराई कार्य शुरू हो गया। जीएम किशन लाल ने बताया कि आखिरी सीजन चल रहा है। इस वजह से भी मशीनें दिक्कत कर रहीं हैं। पूरे गन्ने की पेराई के बाद ही मिल बंद की जाएगी।
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गांव साहबगंज निवासी किसान होतेलाल ने बताया कि बार-बार पेराई बंद होने से किसानों को मिल यार्ड में इंतजार करना पड़ता है। चार दिन से वे यहां पड़े हैं। अब उनके गन्ने की तौल हो रही है। डर यह है कि गन्ना काफी है कहीं मिल बंद न हो जाए।
गांव भुक्सा निवासी कुंवरपाल ने बताया कि वैसे इस बार पेराई कार्य ठीक चला, मगर आखिर में मशीनें साथ नहीं दे रहीं हैं। किसानों के हित के लिए अब मिल क्षमता विस्तार होना जरूरी है। बार-बार पेराई बंद होने से किसानों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है।
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चीनी मिल की मशीनें 46 साल पुरानी हो चुकी हैं। हालांकि सत्र शुरू होने से पहले मशीनों के मेंटीनेंस के लिए एक करोड़ से अधिक की रकम आती है। इस सत्र भी एक करोड़ 30 लाख रुपये आए। पूरे सीजन तकरीबन मिल में पेराई कार्य ठीक ठाक चला। अब सीजन के अंत में जर्जर मशीनें दिक्कत कर रहीं हैं। मंगलवार सुबह 8 बजे आई डी फैन में खराबी होने से 6 घंटे पेराई बंद रही।
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तकनीकी कर्मचारियों ने मरम्मत कर 2 बजे पेराई कार्य शुरू करा दिया। पूरी रात पेराई चली। बुधवार सुबह 9 बजे गन्ने को क्रश करने वाले बेलन में गन्ना फंस गया। इससे पेराई ठप हो गई। कर्मचारियों ने बेलन से फंसे गन्ने की सफाई की। 12:10 बजे पेराई कार्य शुरू हो गया। जीएम किशन लाल ने बताया कि आखिरी सीजन चल रहा है। इस वजह से भी मशीनें दिक्कत कर रहीं हैं। पूरे गन्ने की पेराई के बाद ही मिल बंद की जाएगी।
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गांव साहबगंज निवासी किसान होतेलाल ने बताया कि बार-बार पेराई बंद होने से किसानों को मिल यार्ड में इंतजार करना पड़ता है। चार दिन से वे यहां पड़े हैं। अब उनके गन्ने की तौल हो रही है। डर यह है कि गन्ना काफी है कहीं मिल बंद न हो जाए।
गांव भुक्सा निवासी कुंवरपाल ने बताया कि वैसे इस बार पेराई कार्य ठीक चला, मगर आखिर में मशीनें साथ नहीं दे रहीं हैं। किसानों के हित के लिए अब मिल क्षमता विस्तार होना जरूरी है। बार-बार पेराई बंद होने से किसानों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है।