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किसान सम्मान निधि में फर्जीवाड़ा, कई मदरसा संचालक जांच के घेरे में
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कई मदरसा संचालक जांच के घेरे में
फर्रुखाबाद। मदरसे के नाबालिग व भूमिहीन छात्रों के खातों से सम्मान निधि का फर्जीवाड़ा करने में मदरसा संचालक सहित तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इस मामले में अन्य मदरसा संचालकों के भी फंसने के आसार हैं। छात्रवृत्ति फार्म भरने के दौरान बच्चों के अभिलेख जमा कर खेल किया जा रहा है।
जहानगंज थाना क्षेत्र के गांव अजीजलपुर निवासी हुस्नआरा बेगम ने जिलाधिकारी से मदरसा छात्रों के खातों में किसान सम्मान निधि की धनराशि मंगाकर फर्जीवाड़ा किए जाने की शिकायत की थी। डीएम के आदेश पर उपकृषि निदेशक राजकुमार ने जांच की तो मामला सही पाया गया। उन्होंने अजीजलपुर निवासी मदरसा संचालक कमरुल, शिक्षक मो.शादाब अहमद व कंप्यूटर आपरेटर के खिलाफ जहानगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया।
इसमें कहा कि हुस्नआरा के पुत्र हस्सान, पुत्री शिफा व सुमरा बानों को अब तक किसान सम्मान निधि की चार-चार किस्तों की धनराशि मिल चुकी है। नाबालिग व भूमिहीन होने से वह पात्र नहीं हैं। इसके बावजूद आरोपियों ने बच्चों के खाते भारतीय स्टेट बैंक सराय अहगत जनपद एटा में खुलवाकर फर्जी अभिलेखों से किसान सम्मान निधि योजना में पंजीकरण करा दिया।
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पुलिस ने धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायत में 500 छात्रों के खातों में फर्जीवाड़ा कर किसान सम्मान निधि हासिल करने का जिक्र होने से अन्य मदरसा संचालकों के फंसने के आसार बन गए हैं।
मदरसा संचालक खुद ही चलाते सीएससी
कुछ मदरसा संचालकों का अपना जन सुविधा केंद्र है। उनके पास बैंकों की फ्रेंचाइजी भी है। सूत्र बताते हैं कि कई ऐसे बच्चों का पंजीकरण कर लिया जाता है जिन्हें खुद ही नहीं पता होता कि वह मदरसा छात्र भी हैं। किसी भी योजना में पंजीकरण कराने आने वालों के आधार कार्ड व बैंक पासबुक जन सुविधा केंद्र पर पहुंचते ही उसका दुरुपयोग कर लिया जाता है।
खास बात तो ये है कि संचालक मदरसा छात्रों को उनकी बैंक पासबुक भी नहीं देते। किसी मद में धनराशि आने पर छात्रवृत्ति चेक करने का झांसा देकर छात्रों से फिंगरप्रिंट ले लेते हैं। हुस्नआरा के तीनों बच्चों के खातों में आई सम्मान निधि की धनराशि भी कुछ इसी तरह निकाली गई। विवेचक दरोगा दलवीर सिंह ने बताया कि जांच शुरू कर दी गई है।
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फर्रुखाबाद। मदरसे के नाबालिग व भूमिहीन छात्रों के खातों से सम्मान निधि का फर्जीवाड़ा करने में मदरसा संचालक सहित तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इस मामले में अन्य मदरसा संचालकों के भी फंसने के आसार हैं। छात्रवृत्ति फार्म भरने के दौरान बच्चों के अभिलेख जमा कर खेल किया जा रहा है।
जहानगंज थाना क्षेत्र के गांव अजीजलपुर निवासी हुस्नआरा बेगम ने जिलाधिकारी से मदरसा छात्रों के खातों में किसान सम्मान निधि की धनराशि मंगाकर फर्जीवाड़ा किए जाने की शिकायत की थी। डीएम के आदेश पर उपकृषि निदेशक राजकुमार ने जांच की तो मामला सही पाया गया। उन्होंने अजीजलपुर निवासी मदरसा संचालक कमरुल, शिक्षक मो.शादाब अहमद व कंप्यूटर आपरेटर के खिलाफ जहानगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया।
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इसमें कहा कि हुस्नआरा के पुत्र हस्सान, पुत्री शिफा व सुमरा बानों को अब तक किसान सम्मान निधि की चार-चार किस्तों की धनराशि मिल चुकी है। नाबालिग व भूमिहीन होने से वह पात्र नहीं हैं। इसके बावजूद आरोपियों ने बच्चों के खाते भारतीय स्टेट बैंक सराय अहगत जनपद एटा में खुलवाकर फर्जी अभिलेखों से किसान सम्मान निधि योजना में पंजीकरण करा दिया।
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पुलिस ने धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायत में 500 छात्रों के खातों में फर्जीवाड़ा कर किसान सम्मान निधि हासिल करने का जिक्र होने से अन्य मदरसा संचालकों के फंसने के आसार बन गए हैं।
मदरसा संचालक खुद ही चलाते सीएससी
कुछ मदरसा संचालकों का अपना जन सुविधा केंद्र है। उनके पास बैंकों की फ्रेंचाइजी भी है। सूत्र बताते हैं कि कई ऐसे बच्चों का पंजीकरण कर लिया जाता है जिन्हें खुद ही नहीं पता होता कि वह मदरसा छात्र भी हैं। किसी भी योजना में पंजीकरण कराने आने वालों के आधार कार्ड व बैंक पासबुक जन सुविधा केंद्र पर पहुंचते ही उसका दुरुपयोग कर लिया जाता है।
खास बात तो ये है कि संचालक मदरसा छात्रों को उनकी बैंक पासबुक भी नहीं देते। किसी मद में धनराशि आने पर छात्रवृत्ति चेक करने का झांसा देकर छात्रों से फिंगरप्रिंट ले लेते हैं। हुस्नआरा के तीनों बच्चों के खातों में आई सम्मान निधि की धनराशि भी कुछ इसी तरह निकाली गई। विवेचक दरोगा दलवीर सिंह ने बताया कि जांच शुरू कर दी गई है।