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प्रेम की तरह जिंदगी की भी जंग हार गया ईशू
अमर उजाला ब्यूरो/फर्रुखाबाद
Updated Sat, 30 Jul 2016 10:49 PM IST
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प्रेम न मिलने से अपने माथे में गोली मारने वाले ईशू की सैफई के मेडिकल कालेज में उपचार के दौरान शुक्रवार को मौत हो गई। देर रात तक उसका शव उसके निवास घमंडी कूंचा नहीं आ सका है।
बीत मंगलवार को शहर कोतवाली के घमंडी कूंचा के रहने वाले ईशू पुत्र राधारमण ने अपने माथे पर तमंचे से गोली मार ली थी। गंभीर अवस्था में उसे सैफई के मेडिकल कालेज भेजा गया, जहां उसका सफल आपरेशन भी हो गया था। लेकिन शुक्रवार को वह प्रेम की तरह जिंदगी की भी जंग हार गया। ईशू के मरने की खबर पाकर उसकी मां बविता विक्षिप्त सी हो गई है।
अपने इकलौते बेटे की मौत के सदमे को वह भुला नहीं पा रही है। वह बेटे की बातों को याद कर बार-बार बेहोश हो रही है। होश आने पर वह फिर अपने बेटे को पुकारने लगती है। ईशू ने गोली मारने से पहले अपने पास एक पत्र भी लिख छोड़ा था, जिसमें अपनी रिश्तेदार को मौत का जिम्मेदार ठहराया था। उसके पास से तमंचा भी बरामद हुआ था। ईशू का पिता राधारमण बंसल सांसद मुकेश राजपूत के शो रूम में काम करता है।
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ईशू दिल्ली में नौकरी करता था। आठ दिन पहले वह अपने घर आया था। खबर लिखे जाने तक उसका शव अपने निवास पर नहीं पहुंचा। बेटे के शव की राह निहारते-निहारते बविता की आंखें पथरा गई हैं। शव देर से आने की वजह लोग इटावा में पोस्टमार्टम होना बता रहे हैं। लोगों का कहना है कि पोस्टमार्टम में देरी होने के कारण शव यहां पहुंचने में देर हो रही है।
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बीत मंगलवार को शहर कोतवाली के घमंडी कूंचा के रहने वाले ईशू पुत्र राधारमण ने अपने माथे पर तमंचे से गोली मार ली थी। गंभीर अवस्था में उसे सैफई के मेडिकल कालेज भेजा गया, जहां उसका सफल आपरेशन भी हो गया था। लेकिन शुक्रवार को वह प्रेम की तरह जिंदगी की भी जंग हार गया। ईशू के मरने की खबर पाकर उसकी मां बविता विक्षिप्त सी हो गई है।
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अपने इकलौते बेटे की मौत के सदमे को वह भुला नहीं पा रही है। वह बेटे की बातों को याद कर बार-बार बेहोश हो रही है। होश आने पर वह फिर अपने बेटे को पुकारने लगती है। ईशू ने गोली मारने से पहले अपने पास एक पत्र भी लिख छोड़ा था, जिसमें अपनी रिश्तेदार को मौत का जिम्मेदार ठहराया था। उसके पास से तमंचा भी बरामद हुआ था। ईशू का पिता राधारमण बंसल सांसद मुकेश राजपूत के शो रूम में काम करता है।
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ईशू दिल्ली में नौकरी करता था। आठ दिन पहले वह अपने घर आया था। खबर लिखे जाने तक उसका शव अपने निवास पर नहीं पहुंचा। बेटे के शव की राह निहारते-निहारते बविता की आंखें पथरा गई हैं। शव देर से आने की वजह लोग इटावा में पोस्टमार्टम होना बता रहे हैं। लोगों का कहना है कि पोस्टमार्टम में देरी होने के कारण शव यहां पहुंचने में देर हो रही है।