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Farrukhabad News: तिहरे हत्याकांड मेंं 27 साल बाद दोषी को आजीवन कारावास
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फर्रुखाबाद। तिहरे हत्याकांड में कोर्ट ने दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 27 वर्ष पहले दो भाइयों सहित तीन लोगों की रंजिश में हत्या कर दी गई थी।
मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव रोहिला निवासी हरिपाल सिंह यादव ने जसवीर सिंह, उसके भाई नागेंद्र सिंह यादव के खिलाफ 10 अक्तूबर 1997 को हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें बताया कि उसकी व भाई लल्लू यादव की जसवीर व नागेंद्र से रंजिश चल रही थी।
इन लोगों के डर के कारण हरिपाल, भाई सौदान सिंह, पारिवारिक भाई सुजान सिंह छप्पर में सो रहे थे। भाई सौदान सिंह व सुजान सिंह एक ही चारपाई पर लेटे थे। भतीजा धनवीर व सुभाष पास खड़ी बैलगाड़ी में सो रहे थे। पड़ोस का श्याम पाल भी रात को छप्पर में पास में ही सो गया। रात में लगभग एक बजे जसवीर व नागेंद्र देसी राइफल लेकर आए। भाई सौदान, सुजान सिंह व पड़ोसी श्यामपाल की गोली मारकर हत्या कर दी। गोली की आवाज सुनकर पड़ोसियों के ललकारने पर यह लोग वहां से भाग गए।
इस घटना से पांच माह पहले इन लोगों ने भाई लल्लू यादव को गोली मारकर घायल कर दिया था। विवेचक ने दोनों भाइयों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। मुकदमे की सुनवाई के दौरान नागेंद्र की फाइल अलग कर दी गई। जसवीर के मामले में कोर्ट ने पहले ही निर्णय दे दिया था।
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सोमवार को गवाह व साक्ष्य के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश अंकित कुमार मित्तल ने वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के जरिए बरेली जिला जेल कोर्ट में पेश हुए आरोपी नागेंद्र यादव को दोषी करार कर आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उन्होंने दोषी को 20 हजार रुपये अर्थदंड के रूप में जमा करने के आदेश दिए। अर्थदंड नहीं देने पर दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भोगने के आदेश दिए।
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मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव रोहिला निवासी हरिपाल सिंह यादव ने जसवीर सिंह, उसके भाई नागेंद्र सिंह यादव के खिलाफ 10 अक्तूबर 1997 को हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें बताया कि उसकी व भाई लल्लू यादव की जसवीर व नागेंद्र से रंजिश चल रही थी।
इन लोगों के डर के कारण हरिपाल, भाई सौदान सिंह, पारिवारिक भाई सुजान सिंह छप्पर में सो रहे थे। भाई सौदान सिंह व सुजान सिंह एक ही चारपाई पर लेटे थे। भतीजा धनवीर व सुभाष पास खड़ी बैलगाड़ी में सो रहे थे। पड़ोस का श्याम पाल भी रात को छप्पर में पास में ही सो गया। रात में लगभग एक बजे जसवीर व नागेंद्र देसी राइफल लेकर आए। भाई सौदान, सुजान सिंह व पड़ोसी श्यामपाल की गोली मारकर हत्या कर दी। गोली की आवाज सुनकर पड़ोसियों के ललकारने पर यह लोग वहां से भाग गए।
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इस घटना से पांच माह पहले इन लोगों ने भाई लल्लू यादव को गोली मारकर घायल कर दिया था। विवेचक ने दोनों भाइयों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। मुकदमे की सुनवाई के दौरान नागेंद्र की फाइल अलग कर दी गई। जसवीर के मामले में कोर्ट ने पहले ही निर्णय दे दिया था।
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सोमवार को गवाह व साक्ष्य के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश अंकित कुमार मित्तल ने वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के जरिए बरेली जिला जेल कोर्ट में पेश हुए आरोपी नागेंद्र यादव को दोषी करार कर आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उन्होंने दोषी को 20 हजार रुपये अर्थदंड के रूप में जमा करने के आदेश दिए। अर्थदंड नहीं देने पर दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भोगने के आदेश दिए।