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‘पापियों के संहार को अवतार लेते भगवान’
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
Updated Fri, 12 Jun 2015 11:26 PM IST
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मानस मर्मज्ञ सीता शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन
किया। उन्होंने कहा कि धरती पर पापियों का संहार करने के लिए भगवान अवतार
लेते हैं। उन्होंने कान्हा की बाल लीलाओं का संगीतमयी वर्णन किया। उन्होंने
कहा कि धरती पर पापों के बढ़ रहे बोझ को समाप्त करने के लिए भगवान विष्णु
ने मथुरा में जन्म लिया। उनके जन्म लेते ही जेल के फाटक खुल गए। सभी
पहरेदार गहरी नींद में सो गए।
भगवान के बाल रूप का वर्णन करते हुए सीता शास्त्री ने कहा कि जो भी कान्हा को एक बार देख लेता वह सभी कुछ भूल जाता। गोकुल धाम की गोपियां सारे काम छोड़कर कान्हा की मुरली सुनने के लिए यमुना के तट पर एकत्र हो जाती थीं। गोपियों के साथ रास करते कान्हा को देखने के लिए स्वर्ग से देवता भी गोकुल पहुंच जाते थे। उन्होंने कहा कि भगवान के
अवतार लेते ही आसुरी शक्तियों ने उन पर आक्रमण करना प्रारंभ कर दिया था। प्रभु के आगे किसी की एक न चली। भगवान ने मथुरा के राजा कंस का वध कर प्रजाजनों को भयमुक्त करवाया। कथा की व्यवस्था में डा. शिवराज सिंह, दिनेश यादव, दीनू यादव, नरेंद्र सिंह यादव, कश्मीर सिंह यादव, सर्वेश सिंह, मुकेश, शिवम, प्रांशु, धर्मेंद्र, अंकित, सोनू यादव, कृष्णा, ज्योति, संध्या, सीमा, सरिता, कल्पना, पूजा आदि मौजूद रहीं।
भगवान के बाल रूप का वर्णन करते हुए सीता शास्त्री ने कहा कि जो भी कान्हा को एक बार देख लेता वह सभी कुछ भूल जाता। गोकुल धाम की गोपियां सारे काम छोड़कर कान्हा की मुरली सुनने के लिए यमुना के तट पर एकत्र हो जाती थीं। गोपियों के साथ रास करते कान्हा को देखने के लिए स्वर्ग से देवता भी गोकुल पहुंच जाते थे। उन्होंने कहा कि भगवान के
अवतार लेते ही आसुरी शक्तियों ने उन पर आक्रमण करना प्रारंभ कर दिया था। प्रभु के आगे किसी की एक न चली। भगवान ने मथुरा के राजा कंस का वध कर प्रजाजनों को भयमुक्त करवाया। कथा की व्यवस्था में डा. शिवराज सिंह, दिनेश यादव, दीनू यादव, नरेंद्र सिंह यादव, कश्मीर सिंह यादव, सर्वेश सिंह, मुकेश, शिवम, प्रांशु, धर्मेंद्र, अंकित, सोनू यादव, कृष्णा, ज्योति, संध्या, सीमा, सरिता, कल्पना, पूजा आदि मौजूद रहीं।